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PNB करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ के जाली नोट, RBI की जांच तेज

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने की खबर का थंबनेल - न्यूज़ क्रिटिक

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक के करेंसी चेस्ट से जुड़ा मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। PNB करेंसी चेस्ट जाली नोट मामले में पहले करीब 7.40 करोड़ रुपये की नकली करेंसी सामने आई थी, जो जांच आगे बढ़ने के साथ करीब 17 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक की 21 सदस्यीय संयुक्त टीम ने करेंसी चेस्ट पहुंचकर करीब आठ घंटे तक रिकॉर्ड और नकदी की जांच की।

PNB करेंसी चेस्ट में कैसे सामने आया 17 करोड़ का मामला?

यह पूरा मामला सहारनपुर के सोफिया मार्केट स्थित पंजाब नेशनल बैंक के करेंसी चेस्ट से जुड़ा है। शुरुआती तौर पर करीब 11.50 करोड़ रुपये की करेंसी आरबीआई के जयपुर कार्यालय भेजी गई थी।

वहां रकम के मिलान के दौरान करीब 4.30 लाख रुपये की कमी सामने आई। इसके बाद बैंक स्तर पर करेंसी चेस्ट की विस्तृत जांच शुरू की गई।

जांच आगे बढ़ी तो करेंसी चेस्ट में बड़ी संख्या में नकली नोट मिलने लगे। शुरुआत में नकली करेंसी की कीमत करीब 7.40 करोड़ रुपये आंकी गई थी। बाद में नोटों की गिनती और सत्यापन बढ़ने के साथ यह आंकड़ा करीब 17 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

148 बंडलों से शुरू हुई जांच

रिपोर्ट के मुताबिक, विस्तृत ऑडिट के दौरान 148 बंडल नकली नोट मिले थे। प्रत्येक बंडल में 500 रुपये के 1,000 नोट बताए गए हैं। शुरुआती गणना के आधार पर इनकी कीमत करीब 7.40 करोड़ रुपये थी।

इसके बाद करेंसी की जांच लगातार जारी रही। अलग-अलग बंडलों और नोटों का सत्यापन किया गया, जिसके बाद नकली नोटों की कुल रकम बढ़कर करीब 17 करोड़ रुपये होने की जानकारी सामने आई।

RBI और PNB की 21 सदस्यीय टीम ने खंगाले रिकॉर्ड

मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक और पंजाब नेशनल बैंक की संयुक्त टीम सहारनपुर पहुंची। 21 सदस्यीय टीम ने करेंसी चेस्ट में करीब आठ घंटे तक जांच-पड़ताल की।

जांच टीम का मुख्य फोकस नकली नोटों के स्रोत और उनके करेंसी चेस्ट तक पहुंचने की पूरी कड़ी का पता लगाने पर है। टीम यह समझने की कोशिश कर रही है कि नकली नोट बैंकिंग चैनल में किस स्तर पर शामिल हुए।

जांच के दौरान कई रिकॉर्ड और दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है।

  • नकदी प्राप्त होने का रिकॉर्ड
  • नोटों की गिनती और छंटाई
  • बंडल और सील का रिकॉर्ड
  • करेंसी चेस्ट में जमा रकम
  • नकदी के आने-जाने से जुड़े दस्तावेज
  • नोटों के सीरियल नंबर
  • सीसीटीवी फुटेज

इन सभी पहलुओं की जांच से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नकली नोट आखिर करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे।

तीन बैंक अधिकारियों पर भी कार्रवाई

जांच के दौरान करेंसी चेस्ट से जुड़े तीन बैंक अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, तीन अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।

हालांकि, अधिकारियों की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष अभी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं बैंक के भीतर से असली नोट निकालकर उनकी जगह नकली नोट रखने की कोई कोशिश तो नहीं हुई।

एक रिपोर्ट में वरिष्ठ प्रबंधक और दो करेंसी चेस्ट प्रबंधकों के संदिग्ध भूमिका में होने की बात सामने आई है। लेकिन मामले में आरोप और जांच के निष्कर्ष को अलग-अलग रखना जरूरी है।

हाउसकीपर की भूमिका भी जांच के घेरे में

मामले की शुरुआती जांच में बैंक के एक पार्ट-टाइम हाउसकीपर की गतिविधियों की भी जांच की गई। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उस पर नोटों की गड्डियों से रकम निकालने का आरोप सामने आया है।

उसके खिलाफ रकम की कमी से जुड़ा मामला दर्ज किए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में सामने आई है। हालांकि, यह स्पष्ट होना बाकी है कि रकम की कमी और करोड़ों रुपये की नकली करेंसी के बीच सीधा संबंध है या नहीं।

जांच एजेंसियां अब दोनों घटनाओं की कड़ियों को अलग-अलग भी देख रही हैं। इसका अंतिम जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

सबसे बड़ा सवाल: करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे नकली नोट?

PNB करेंसी चेस्ट जाली नोट मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट बैंक के सुरक्षित करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे।

करेंसी चेस्ट में आने वाली नकदी की गिनती, छंटाई और सत्यापन की प्रक्रिया होती है। इसके बाद रकम को निर्धारित रिकॉर्ड के साथ सुरक्षित रखा जाता है। ऐसे में करोड़ों रुपये के नकली नोटों का लंबे समय तक वहां मौजूद रहना जांच का महत्वपूर्ण बिंदु है।

जांच एजेंसियां अब नोटों के स्रोत का पता लगाने पर सबसे ज्यादा ध्यान दे रही हैं। यह भी देखा जा रहा है कि नकली नोट किसी एक जगह से आए या अलग-अलग समय पर बैंकिंग चैनल के जरिए करेंसी चेस्ट तक पहुंचे।

जांच का दायरा बढ़ सकता है

अगर जांच में यह सामने आता है कि नकली नोट किसी दूसरी बैंक शाखा या करेंसी चेस्ट से आए थे, तो जांच सहारनपुर से बाहर भी जा सकती है।

इसके लिए नोटों के सीरियल नंबर, बंडल नंबर और सील से जुड़े रिकॉर्ड का मिलान महत्वपूर्ण होगा। इसी के जरिए यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि संदिग्ध करेंसी किस तारीख और किस माध्यम से करेंसी चेस्ट में पहुंची।

आरोपियों के बैंक खाते भी फ्रीज

मामले में जांच एजेंसियों ने संदिग्ध आरोपियों की आर्थिक गतिविधियों की भी पड़ताल शुरू कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, मामले में नाम सामने आए आरोपियों के बैंक खाते फ्रीज किए गए हैं।

जांच एजेंसियां इन खातों में हुए लेनदेन और पुराने वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच कर सकती हैं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि नकली करेंसी से जुड़े मामले में किसी तरह का संदिग्ध वित्तीय लेनदेन हुआ या नहीं।

पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी दबिश दे रही है। मामले की जांच में एसआईटी की भूमिका की भी जानकारी सामने आई है।

4.30 लाख की कमी से 17 करोड़ तक पहुंची जांच

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी 4.30 लाख रुपये की शुरुआती कमी है। आरबीआई के जयपुर कार्यालय में भेजी गई रकम के मिलान के दौरान यह अंतर सामने आया था।

इसके बाद जब करेंसी चेस्ट का विस्तृत ऑडिट हुआ, तो करीब 7.40 करोड़ रुपये के नकली नोट मिले। जांच और सत्यापन बढ़ने के साथ यह आंकड़ा करीब 17 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

यानी एक छोटी रकम की कमी से शुरू हुई पड़ताल ने बैंकिंग व्यवस्था के भीतर करोड़ों रुपये की नकली करेंसी के मामले को सामने ला दिया।

बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस मामले ने बैंकिंग प्रणाली में नकदी की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। करेंसी चेस्ट में करोड़ों रुपये के नकली नोट मिलना सामान्य घटना नहीं है।

जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामला कर्मचारियों की लापरवाही, निगरानी में चूक या किसी सुनियोजित गड़बड़ी का परिणाम था।

फिलहाल आरबीआई, पीएनबी और पुलिस की जांच का केंद्र नकली नोटों का स्रोत और असली रकम के संभावित प्रतिस्थापन की कड़ी है।

निष्कर्ष

PNB करेंसी चेस्ट जाली नोट मामले में नकली करेंसी की रकम बढ़कर करीब 17 करोड़ रुपये तक पहुंचना बेहद गंभीर है। 4.30 लाख रुपये की शुरुआती कमी से शुरू हुई जांच ने करेंसी चेस्ट में मौजूद करोड़ों रुपये की नकली करेंसी का खुलासा किया।

RBI और PNB की संयुक्त टीम रिकॉर्ड, सीसीटीवी, बंडल, सील और कैश ट्रेल की जांच कर रही है। तीन बैंक अधिकारियों पर कार्रवाई और संदिग्ध आरोपियों के खातों को फ्रीज किए जाने के बाद अब सबसे अहम सवाल नकली नोटों के स्रोत और बैंकिंग सिस्टम में उनकी एंट्री का है। जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे मामले की असली तस्वीर साफ होगी।

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