अयोध्या, काशी और मथुरा को उड़ाने की धमकी भरा आधिकारिक ईमेल मिलने से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख धार्मिक शहरों अयोध्या, काशी और मथुरा में बम धमाकों की धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। बुधवार, 4 नवंबर को कई सरकारी अधिकारियों और संस्थानों की आधिकारिक ईमेल आईडी पर धमकी भरे संदेश भेजे गए। इन संदेशों में धार्मिक स्थलों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों को निशाना बनाने की बात कही गई।
धमकी मिलने के बाद तीनों शहरों में पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है। स्कूलों, मंदिरों, सरकारी कार्यालयों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
ईमेल में 8 नवंबर से 27 नवंबर के बीच हमलों की चेतावनी देने की बात सामने आई है। इस अवधि में दीपावली का त्योहार भी है। ऐसे में प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता।
हालांकि, अभी तक किसी स्थान पर विस्फोटक मिलने या हमले की पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षा एजेंसियां ईमेल की विश्वसनीयता और उसके स्रोत की जांच कर रही हैं।
अयोध्या जिला न्यायालय की आधिकारिक ईमेल पर आया संदेश
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 4 नवंबर को दोपहर करीब 12:25 बजे अयोध्या जिला न्यायालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ। संदेश में अयोध्या, वाराणसी और मथुरा का नाम लेते हुए धमाकों की चेतावनी दी गई।
ईमेल में धार्मिक स्थलों और शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बनाने की बात लिखी गई थी। इसमें लोगों को मंदिरों में नहीं जाने और बच्चों को सुरक्षित रखने जैसी चेतावनियां भी दी गईं।
संदेश में कथित खालिस्तान समर्थक नारे और एक संगठन का नाम भी इस्तेमाल किया गया। हालांकि, ईमेल में किए गए दावों से उसके वास्तविक भेजने वाले या किसी संगठन की संलिप्तता की पुष्टि नहीं होती।
अयोध्या जिला न्यायालय को संदेश मिलने के बाद स्थानीय पुलिस सक्रिय हो गई। कचहरी परिसर के प्रवेश द्वारों पर जांच बढ़ाई गई। परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया और सुरक्षा उपकरणों की स्थिति भी जांची गई।
मथुरा में मेयर कार्यालय को भी मिली धमकी
मथुरा में भी प्रशासनिक अधिकारियों को धमकी भरा ईमेल मिलने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, नगर आयुक्त की आधिकारिक ईमेल आईडी पर बुधवार दोपहर संदेश आया। इसमें मेयर कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी।
नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने मामले की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी। इसके बाद नगर निगम कार्यालय की सुरक्षा बढ़ाई गई। आसपास अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार के अनुसार, धमकी को गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस की सर्विलांस और आईटी टीमें ईमेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी हैं।
इसके अलावा धार्मिक स्थलों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, होटल और भीड़भाड़ वाले बाजारों में जांच अभियान चलाया गया। संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए।
काशी में मंदिरों, घाटों और स्कूलों की सुरक्षा बढ़ी
वाराणसी में भी पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। शहर के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कुछ शैक्षणिक संस्थानों की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भी धमकी भरे संदेश मिलने की खबर है।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। मंदिरों, घाटों और शहर की सीमाओं पर निगरानी बढ़ाई गई है।
स्कूलों और सरकारी संस्थानों से जुड़ी सूचनाओं को भी गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस की साइबर सेल ईमेल के तकनीकी विवरण जुटाने में लगी है। ईमेल भेजने वाले की पहचान के लिए आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल जानकारियों की जांच की जा रही है।
इसके अलावा होटल, लॉज और धर्मशालाओं में ठहरने वाले लोगों के पहचान पत्रों का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है।
अयोध्या, मथुरा और काशी में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
तीनों शहर धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। यहां सालभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। दीपावली के आसपास अयोध्या में विशेष आयोजन होते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।
अयोध्या में राम मंदिर और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा पहले से मजबूत रहती है। धमकी मिलने के बाद निगरानी और जांच को और सख्त किया गया है।
मथुरा में मंदिरों के साथ रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। जीआरपी और आरपीएफ की टीमें रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में जांच कर रही हैं।
काशी में मंदिरों, घाटों, बाजारों और शहर के प्रवेश मार्गों पर पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई है। स्थानीय पुलिस को किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
एटीएस और साइबर सेल कर रही हैं जांच
धमकी भरे ईमेल की जांच में साइबर पुलिस के साथ एटीएस की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि संदेश कहां से भेजे गए और इनके पीछे कौन लोग हैं।
ईमेल के तकनीकी रिकॉर्ड, डिजिटल पहचान और अन्य उपलब्ध जानकारियों की जांच की जा रही है। एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि अलग-अलग शहरों में मिले संदेशों का आपस में कोई संबंध है या नहीं।
अयोध्या में स्कूलों को मिले संदेशों के मामले में भी पुलिस और साइबर टीम जांच कर रही हैं। एटीएस धमकी की गंभीरता और संभावित नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
हालांकि, अभी तक किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी या किसी आतंकी संगठन की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ईमेल में किसी संगठन का नाम लिखे होने से उसकी जिम्मेदारी साबित नहीं होती। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
दीपावली से पहले सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
इस बार दीपावली 8 नवंबर को मनाई जाएगी। त्योहार के दौरान अयोध्या, काशी और मथुरा में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना रहती है। बाजारों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर भी लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है।
अयोध्या में दीपोत्सव और अन्य धार्मिक आयोजनों को लेकर तैयारियां चल रही हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए प्रशासन पहले से सुरक्षा इंतजाम कर रहा है।
धमकी भरे ईमेल के बाद पुलिस ने अतिरिक्त सतर्कता बरतने का फैसला किया है। संवेदनशील स्थानों पर जांच और निगरानी बढ़ाई गई है। सुरक्षा एजेंसियां त्योहार के दौरान भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दे रही हैं।
प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी व्यवस्थित तरीके से आयोजित हों।
पहले भी मिल चुकी हैं धमकी भरी ईमेल
उत्तर प्रदेश में इससे पहले भी सरकारी कार्यालयों और न्यायालयों को धमकी भरे ईमेल मिल चुके हैं। फरवरी 2026 में अयोध्या, वाराणसी, लखनऊ, मेरठ और मिर्जापुर के न्यायालय परिसरों को धमकी मिलने के बाद तलाशी अभियान चलाया गया था।
उस समय पुलिस और बम निरोधक दस्तों ने संबंधित परिसरों की जांच की थी। वाराणसी में न्यायालय परिसर को खाली कराकर तलाशी ली गई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उस कार्रवाई में कोई संदिग्ध विस्फोटक वस्तु नहीं मिली थी।
ऐसी घटनाओं में कई बार धमकी केवल डर फैलाने के उद्देश्य से भेजी जाती है। फिर भी सुरक्षा एजेंसियां प्रत्येक संदेश की गंभीरता से जांच करती हैं। किसी भी धमकी को बिना सत्यापन के नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है।
वर्तमान मामले में भी पुलिस ईमेल के स्रोत और उसकी वास्तविक मंशा का पता लगाने में जुटी है।
आम लोगों से सतर्क रहने की अपील
धमकी के बाद पुलिस और प्रशासन के लिए आम लोगों का सहयोग भी महत्वपूर्ण है। नागरिकों से संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की जा रही है।
लोगों को अफवाहों और अपुष्ट संदेशों को सोशल मीडिया पर साझा करने से बचना चाहिए। किसी भी धमकी से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक प्रशासनिक सूचनाओं के आधार पर ही माननी चाहिए।
स्कूलों, मंदिरों, बाजारों और सार्वजनिक संस्थानों को भी अपनी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए। किसी भी संदिग्ध ईमेल या संदेश को संबंधित पुलिस विभाग तक पहुंचाना जरूरी है।
निष्कर्ष
अयोध्या, काशी और मथुरा को बम धमाकों की धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद उत्तर प्रदेश की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। अयोध्या जिला न्यायालय, मथुरा नगर निगम और वाराणसी के प्रशासनिक व शैक्षणिक संस्थानों को मिले संदेशों के बाद सुरक्षा बढ़ाई गई है।
एटीएस और साइबर सेल ईमेल के स्रोत और भेजने वालों की पहचान करने में जुटी हैं। फिलहाल किसी विस्फोटक की बरामदगी या हमले की पुष्टि नहीं हुई है। दीपावली से पहले प्रशासन की प्राथमिकता तीनों शहरों में श्रद्धालुओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जांच पूरी होने के बाद ही धमकी की वास्तविकता और इसके पीछे की साजिश का पता चल सकेगा।

