अशोक गहलोत ने दिया बड़ा वयान, कहा मैं कई बार सीएम पद छोड़ने की सोचता हूँ पर यह पद मुझे छोड़ता ही नहीं
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को एक बड़ा वयान दिया। वह सीएम रेसिडेंस में ऑर्गन डोनेशन महादान अभियान और ऑर्गन ट्रांसप्लांट पर वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल हुए। उस समय उन्होंने कहा मैं कई बार मुख्यमंत्री पद छोड़ने की सोचता हूँ , लेकिन मुख्यमंत्री पद मुझे छोड़ता ही नहीं है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चिरंजीवी योजना के तहत हार्ट ट्रांसप्लांट करने वाली अलवर निवासी धौली देवी से संवाद किया। इसी दौरान अशोक गहलोत ने कहा कि मैं कई बार मुख्यमंत्री पद छोड़ने की सोचता हूँ लेकिन यह पद मुझे छोड़ना ही नहीं चाहता। इतना सुनते ही वहां का माहौल हसीं और ठहाकों से गुजने लगा। इसके बाद धौली देवी ने कहा कि मै कामना करती हूँ कि आप ही मुख्यमंत्री रहें। इस पर अशोक गहलोत ने कहा कि आप कह रही हो कि मै ही मुख्यमंत्री रहूं, और मैं खुद भी यही कह रहा हूँ कि यह पद मुझे छोड़ना ही नहीं चाह रहा है। अब आगे देखते हैं क्या होता है।
बिना नाम लिए बीजेपी और आरएसएस पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री गहलोत ने डॉक्टर्स से कहा कि आप भगवान हैं बस एक ही बात का ध्यान रखें कि आप हड़ताल न करें। हड़ताल के अलावा आप कुछ भी कर लीजिये। सीएम हाउस पर धरना दे लीजिये, काली पट्टी बांध लीजिये। हम समझ जायेंगे। हड़ताल होने से मरीजों को तकलीफ होती है। सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि आरएसएस, बीजेपी संगठन अपनी जगह है। मैं बीजेपी और आरएसएस बैकग्राउंड वाले डॉक्टर्स से अपील करता हूँ कि आप भड़काने का काम ना करें। अस्पतालों में आप भगवान का रूप हो। आप इस बात की जिम्मेदारी लें कि हड़ताल ना हो। बाकि सब मुझ पर छोड़ दीजिये। सैलरी हो या ग्रेड पे का मामला हो सब मुझ पर छोड़ दो। जितनी सुविधाएँ मेरी सरकार दे रही है, उतनी सुविधाएँ किसी और राज्य की सरकार नहीं दे रही है।
राइट तो हेल्थ को लेकर कहा
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पिछले दिनों प्राइवेट सेक्टर के डॉक्टरों में राइट तो हेल्थ बिल को लेकर ग़लतफ़हमी हो गयी थी। लेकिन अब मुझे इस बात की ख़ुशी है कि यह ग़लतफ़हमी दूर हो गयी है। गहलोत ने डॉक्टर्स से कहा कि कोई डॉक्टर कांग्रेस माइंड है तो कोई बीजेपी और आरएसएस माइंड है। पद पर रहते हुए उन सब बातों को छोड़ दो। वोट देते समय यह सब माइंड बना लेना। लेकिन अभी डॉक्टर के प्रोफेशन के हिसाब से मानवता को आगे रखते हुए काम करिये। मैंने अभी कर्मचारियों को ओपीएस दिया है। जो पुरे मानवीय दृष्टिकोण से दिया है। बुढ़ापे में लाइफ सिक्योर होनी चाहिए। उसी ढंग से मुझे सेवा करनी है। बाकी आप मुझ पर छोड़ दो।

