राहुल गाँधी बिहार दौरे पर, पटना में आयोजित संविधान सुरक्षा सम्मेलन को किया सम्बोधित
कांग्रेस नेता राहुल गाँधी आज बिहार के दौरे पर हैं। इसी दौरान वे पटना के बापू सभागार में आयोजित संविधान सुरक्षा सम्मेलन में पहुंचे। इस सम्मेलन आयोजन संविधान के महत्व, उसकी सुरक्षा और समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों पर चर्चा के लिए किया गया है। कार्यक्रम के दौरान गेट पर मीडिया के लिए विशेष पास जारी किए गए, जो भारतीय संविधान के पहले पन्ने के डिज़ाइन पर आधारित थे। लाल रंग के इस पास पर एक तरफ़ “द कॉन्स्टिटूशन ऑफ़ इंडिया” और दूसरी तरफ सम्मेलन से सम्बंधित जानकारी लिखी थी। इस कार्यक्रम में केवल कार्यकर्ताओं को ही प्रवेश दिया जा रहा था। जिससे स्पष्ट था कि यह एक आतंरिक संवाद पर केंद्रित आयोजन था।
राहुल गाँधी ने सम्मेलन को किया सम्बोधित
कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए संविधान को लोकतंत्र की आत्मा बताते हुए इसके संरक्षण और कमजोर वर्गों के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया। सम्मेलन के जरिए संविधान की बुनियादी धाराओं और उनकी प्रासंगिकता पर कार्यकर्ताओं के बीच जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया। मीडिया की एंट्री नियंत्रित होने के बावजूद, सम्मेलन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति और संविधान की सुरक्षा को लेकर चर्चा ने कार्यक्रम को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश का मंच बना दिया।
राहुल गाँधी के बिहार दौरे पर सियासत शुरू
राहुल गाँधी के बिहार दौरे को लेकर सियासत शुरू हो गयी है। बीजेपी नेता शिवेश राम ने राहुल गाँधी के दौरे पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस ने अंबेडकर का अपमान किया है। देश के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद को अपमानित करके अंतिम समय में उन्हें पटना भेजने का काम कांग्रेस ने किया। बीपी सिंह के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में अंबेडकर को भारत रत्न देने का काम किया गया। बीजेपी प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि राहुल गांधी संविधान की बात करके घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। कम्युनिस्टों के साथ कांग्रेस ने अंबेडकर को चुनाव हराने का काम किया। अंबेडकर से किए गए बर्ताव को लेकर कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए।
