May 26, 2026

News Critic

Latest News In Hindi

स्कूलों और मंदिरों के पास नहीं खुलेंगी शराब की दुकानें, बंगाल सरकार का बड़ा फैसला

सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार को राज्य में शराब की दुकानों को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब पश्चिम बंगाल में किसी भी स्कूल, कॉलेज और मंदिर के एक किलोमीटर के दायरे में शराब की दुकान खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार का यह फैसला सामाजिक माहौल को बेहतर बनाने और युवाओं पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से लिया गया माना जा रहा है।

कल्याणी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों और धार्मिक स्थलों के आसपास शराब की दुकानें होने से समाज पर गलत असर पड़ता है। खासकर छात्रों और युवाओं के लिए ऐसा वातावरण ठीक नहीं माना जाता। इसलिए सरकार ने तय किया है कि इन स्थानों के आसपास नई शराब दुकानों को मंजूरी नहीं दी जाएगी।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देशभर में शराब नीति और सामाजिक प्रभाव को लेकर लगातार बहस चल रही है। बंगाल सरकार का मानना है कि इससे स्कूलों और कॉलेजों के आसपास का वातावरण अधिक सुरक्षित और सकारात्मक बनेगा।

महिलाओं और गरीबों के लिए नई योजनाओं का ऐलान

मुख्यमंत्री ने इस दौरान गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए भी कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही अन्नपूर्णा योजना शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार 27 मई से इस योजना के आवेदन फॉर्म जारी करेगी।

बताया गया कि इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये तक की सहायता दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिलेगी और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने आम लोगों के भोजन को ध्यान में रखते हुए एक और बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि पूरे पश्चिम बंगाल में लगभग 400 विशेष कैंटीन खोली जाएंगी, जहां लोगों को केवल पांच रुपये में मछली और चावल का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। बंगाल में मछली-भात लोगों का प्रमुख भोजन माना जाता है और सरकार इसे सस्ती कीमत पर उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है।

सरकार का दावा है कि इस योजना का लाभ खासकर मजदूरों, गरीब परिवारों और कम आय वाले लोगों को मिलेगा। बढ़ती महंगाई के बीच यह कदम आम जनता के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है।

देश में शराबबंदी को लेकर अलग-अलग नियम

भारत के कई राज्यों में शराब को लेकर अलग-अलग नियम लागू हैं। बिहार और गुजरात जैसे राज्यों में शराब पूरी तरह प्रतिबंधित है। बिहार सरकार ने वर्ष 2016 में राज्य में शराबबंदी लागू की थी। वहीं गुजरात में लंबे समय से शराब पर प्रतिबंध है। इसके अलावा मिजोरम और नागालैंड में भी शराबबंदी लागू है।

शराब दुकानों की दूरी को लेकर अदालतें भी समय-समय पर दिशा-निर्देश देती रही हैं। दिसंबर 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के 500 मीटर के दायरे में शराब की दुकानें नहीं होनी चाहिए। बाद में अदालत ने धार्मिक और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास शराब दुकानों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की थी।

पश्चिम बंगाल सरकार का नया फैसला इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि इससे सामाजिक व्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं को बेहतर माहौल मिलेगा।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सरकार सामाजिक कल्याण योजनाओं और सख्त नियमों के जरिए जनता के बीच सकारात्मक संदेश देने की कोशिश कर रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन योजनाओं और फैसलों का राज्य की जनता पर कितना प्रभाव पड़ता है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *