IMD Rain Alert: दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तराखंड समेत 21 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, कई जगह रेड अलर्ट जारी
नई दिल्ली, 7 जुलाई 2026
देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, ओडिशा, छत्तीसगढ़ सहित करीब 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक कई इलाकों में तेज बारिश, आंधी, बिजली गिरने और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके चलते जलभराव, बाढ़, भूस्खलन और यातायात बाधित होने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।
किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट?
IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर-पश्चिम, मध्य, पश्चिम और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मानसून बेहद सक्रिय रहेगा।
इन राज्यों में अलर्ट जारी
- दिल्ली-NCR
- महाराष्ट्र
- उत्तराखंड
- हिमाचल प्रदेश
- पंजाब
- हरियाणा
- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख
- गुजरात
- ओडिशा
- छत्तीसगढ़
- मध्य प्रदेश
- राजस्थान
- उत्तर प्रदेश
- कर्नाटक
- केरल
- गोवा
- अरुणाचल प्रदेश
- असम
- मेघालय
- नागालैंड सहित अन्य पूर्वोत्तर राज्य
इनमें से कई राज्यों में येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया गया है।
दिल्ली-NCR में अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली और आसपास के इलाकों में मानसून ने अब रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने अगले 2 से 3 दिनों तक गरज-चमक के साथ तेज बारिश की संभावना जताई है।
संभावित असर:
- 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं
- निचले इलाकों में जलभराव
- ट्रैफिक जाम
- उड़ानों और सड़क यातायात पर असर
प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की अपील की है।
महाराष्ट्र और मुंबई में रेड अलर्ट
महाराष्ट्र के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र:
- मुंबई
- ठाणे
- रायगढ़
- रत्नागिरी
- कोंकण क्षेत्र
संभावित प्रभाव:
- भारी जलभराव
- लोकल ट्रेन और सड़क यातायात प्रभावित
- कमजोर इमारतों और पेड़ों के गिरने का खतरा
- किसानों को फसलों की सुरक्षा की सलाह
उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन की चेतावनी
पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
सबसे संवेदनशील जिले:
- नैनीताल
- बागेश्वर
- रुद्रप्रयाग
- चमोली
- हिमाचल प्रदेश के कई पहाड़ी क्षेत्र
प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से नदी किनारे जाने से बचने और पहाड़ी मार्गों पर सावधानी बरतने की अपील की है।
अन्य राज्यों में कैसा रहेगा मौसम?
गुजरात
कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना।
ओडिशा
कुछ जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी।
मध्य प्रदेश
कई जिलों में तेज बारिश, गरज-चमक और आंधी के आसार।
राजस्थान और उत्तर प्रदेश
भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना।
केरल और कर्नाटक
तटीय इलाकों में लगातार बारिश जारी रहने का अनुमान।
पूर्वोत्तर भारत
असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में व्यापक बारिश की संभावना।
भारी बारिश से क्या-क्या हो सकता है असर?
लगातार बारिश के चलते कई तरह की समस्याएं सामने आ सकती हैं।
शहरों में
- जलभराव
- ट्रैफिक जाम
- बिजली आपूर्ति बाधित
- सार्वजनिक परिवहन प्रभावित
पहाड़ी क्षेत्रों में
- भूस्खलन
- सड़कें बंद
- नदियों का जलस्तर बढ़ना
कृषि क्षेत्र में
- कुछ फसलों को नुकसान
- जलभराव वाले क्षेत्रों में खेती प्रभावित
- पर्याप्त वर्षा वाले इलाकों में किसानों को राहत
IMD की जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
- अनावश्यक यात्रा से बचें।
- नदी और नालों के पास न जाएं।
- मौसम विभाग के आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें।
- बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें।
- मछुआरे समुद्र में न जाएं।
- किसान फसलों और पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
मानसून 2026 का ताजा अपडेट
इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत सामान्य से कुछ धीमी रही, लेकिन अब यह पूरे देश में सक्रिय हो चुका है।
मौसम विभाग के अनुसार जुलाई महीने में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है। हालांकि विभिन्न क्षेत्रों में बारिश की मात्रा में अंतर देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण अत्यधिक बारिश की घटनाएं पहले की तुलना में अधिक देखने को मिल रही हैं। ऐसे में समय रहते सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
निष्कर्ष
देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। दिल्ली, मुंबई, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश सहित 21 राज्यों में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना चाहिए और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षित रहना चाहिए।

