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हरिद्वार में नकली नोट गिरोह का पर्दाफाश, 4 आरोपी गिरफ्तार; भारी मात्रा में जाली करेंसी बरामद

उत्तराखंड के हरिद्वार में नकली नोट गिरोह के पकड़े जाने पर पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस का दृश्य। मेज पर 500 रुपये के नकली नोटों की कई गड्डियां रखी हैं, जिनके पीछे पुलिस अधिकारी और मुंह छुपाये चार गिरफ्तार आरोपी खड़े हैं। बैनर पर 'न्यूज क्रिटिक' (News Critic) का लोगो, 'FAKE' की मुहर और 'हरिद्वार में जाली नोट गिरोह पकड़ा' की मुख्य हेडलाइन लिखी है।
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हरिद्वार में पुलिस ने नकली भारतीय मुद्रा (Fake Indian Currency Notes) चलाने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से भारी मात्रा में जाली नोट, नोट छापने के उपकरण और अन्य संदिग्ध सामान बरामद किया गया है।

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह त्योहारों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में नकली नोट खपाने की योजना बना रहा था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी छोटे दुकानदारों और आम लोगों को निशाना बनाकर जाली करेंसी को बाजार में चलाते थे।

गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने की कार्रवाई

हरिद्वार पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग शहर और आसपास के इलाकों में नकली नोटों की सप्लाई करने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस और विशेष टीम ने आरोपियों पर नजर रखनी शुरू की।

योजना के तहत पुलिस ने संदिग्ध स्थान पर घेराबंदी की और जैसे ही आरोपी जाली नोटों की डिलीवरी के लिए पहुंचे, उन्हें मौके से पकड़ लिया गया।

पुलिस ने चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हुए हैं।

आरोपियों के पास से क्या-क्या बरामद हुआ?

पुलिस जांच में आरोपियों के पास से कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए गए हैं।

लाखों रुपये की नकली करेंसी बरामद

  • 500 और 200 रुपये के जाली नोट
  • नकली नोट तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरण
  • प्रिंटर और स्कैनर
  • विशेष कागज और स्याही
  • मोबाइल फोन और सिम कार्ड

पुलिस के मुताबिक, बरामद नकली नोटों की क्वालिटी इतनी बेहतर थी कि सामान्य जांच में इन्हें पहचानना मुश्किल हो सकता था।

छोटे दुकानदारों को बनाते थे निशाना

पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी बड़े बाजारों की बजाय छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों और भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाते थे।

गिरोह के सदस्य 500 रुपये का नकली नोट देकर कम कीमत का सामान खरीदते थे और बदले में असली पैसे वापस ले लेते थे। इस तरीके से वे धीरे-धीरे बड़ी मात्रा में असली करेंसी इकट्ठा कर लेते थे।

पुलिस के अनुसार, गिरोह नए युवाओं को लालच देकर भी इस अवैध काम में शामिल करता था।

त्योहारों से पहले नकली नोट खपाने की थी योजना

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि त्योहारों और बाजारों में बढ़ने वाले नकद लेन-देन का फायदा उठाने के लिए यह गिरोह सक्रिय था।

त्योहारों के दौरान बाजारों में भीड़ ज्यादा होने के कारण नकली नोटों को आसानी से चलाने की कोशिश की जाती है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस गिरोह का संबंध किसी बड़े नेटवर्क से तो नहीं है।

अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस

हरिद्वार पुलिस इस मामले को सिर्फ स्थानीय अपराध नहीं मान रही है। जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल रिकॉर्ड, बैंक खातों और संपर्कों की जांच कर रही हैं।

पुलिस को शक है कि इस गिरोह के तार आसपास के राज्यों से जुड़े हो सकते हैं। इसके अलावा जाली करेंसी सप्लाई नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

पुलिस ने व्यापारियों और लोगों को किया अलर्ट

हरिद्वार पुलिस ने आम लोगों और व्यापारियों से नकद लेन-देन में सावधानी बरतने की अपील की है।

नकली नोट पहचानने के लिए:

  • नोट का वॉटरमार्क जरूर देखें
  • सिक्योरिटी थ्रेड की जांच करें
  • नोट की प्रिंट क्वालिटी पर ध्यान दें
  • संदिग्ध नोट मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें

आरोपियों पर दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ जाली नोट तैयार करने, उसे चलाने और आर्थिक अपराध से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है।

आरोपियों को कोर्ट में पेश कर आगे की पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि गिरोह में शामिल अन्य लोगों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

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