May 19, 2026

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अब्बास अराघची का ट्रंप और इजरायल पर तीखा हमला, परमाणु समझौते पर बातचीत रुकी

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका और इजरायल दोनों को निशाने पर लिया है। शनिवार को किए गए एक एक्स (पूर्व ट्विटर) पोस्ट में अराघची ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल को कड़ी चेतावनी दी और तीखे शब्दों में अपनी बात रखी।

इजरायल को बतायाडैडी के पास भागने वाला

अराघची ने अपने बयान में इजरायल पर तंज कसते हुए कहा कि ईरान की मिसाइलों से बचने के लिए इजरायल को अमेरिका के पास शरण लेनी पड़ी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “ईरान के बहादुर और शक्तिशाली लोगों ने दुनिया को यह दिखा दिया है कि इजरायली शासन हमारी मिसाइलों से डर कर केवल अपने ‘डैडी’ यानी अमेरिका की शरण में ही जा सकता है।”

यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में इजरायल ने 13 जून को ईरान पर मिसाइल हमला किया, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। इसी घटना के चलते अमेरिका और ईरान के बीच चल रही परमाणु वार्ता एक बार फिर से रोक दी गई है।

ट्रंप को दी चेतावनी

अराघची ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अगर अमेरिका वास्तव में ईरान के साथ परमाणु समझौता करना चाहता है, तो ट्रंप को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल बंद करना होगा।

उन्होंने कहा, “ईरान की जनता किसी भी तरह की धमकी या अपमान को बर्दाश्त नहीं करती। अगर अमेरिका समझौते की बात करता है तो उसे पहले सम्मानजनक भाषा अपनानी होगी।”

ईरान की चेतावनी: दुश्मन भ्रम में रहें

ईरानी विदेश मंत्री ने अपने पोस्ट में स्पष्ट रूप से कहा कि अगर दुश्मन कोई भी भूल करता है या किसी भ्रम में है, तो ईरान पीछे नहीं हटेगा और अपनी वास्तविक ताकत दिखाएगा। उन्होंने कहा, “जो कोई भ्रम में है या फिर से गलती करेगा, वह देखेगा कि ईरान अपनी असली ताकत दिखाने में ज़रा भी संकोच नहीं करेगा। और उस समय किसी को शक नहीं रहेगा कि ईरान क्या कर सकता है।”

परमाणु समझौता फिर ठप

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही परमाणु डील की बातचीत एक बार फिर से रुक गई है। दरअसल, बीते कुछ समय से दोनों देशों के प्रतिनिधि इस मसले पर बातचीत कर रहे थे और उम्मीद की जा रही थी कि कोई हल निकलेगा। लेकिन 13 जून को इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए मिसाइल हमले के बाद यह प्रक्रिया ठप हो गई। इसके चलते दोनों देशों के बीच बढ़ता भरोसा एक बार फिर कमजोर होता दिख रहा है।

क्षेत्रीय तनाव में इजाफा

अराघची के बयानों से साफ है कि ईरान अब और अधिक रक्षात्मक नहीं रहेगा और यदि कोई देश आक्रामक रुख अपनाता है, तो उसका जवाब भी उसी अंदाज में दिया जाएगा। ईरान का यह सख्त रुख न सिर्फ अमेरिका और इजरायल के लिए संदेश है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए चेतावनी भी मानी जा रही है।

ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते को लेकर बनी संभावनाओं को इजरायल के हमले और बयानों ने एक बार फिर से नुकसान पहुंचाया है। अब्बास अराघची के सख्त और दो टूक बयान इस बात की पुष्टि करते हैं कि ईरान अब दबाव में झुकने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिका इस पर कैसे प्रतिक्रिया देता है और क्या बातचीत की प्रक्रिया फिर से शुरू हो पाएगी या नहीं।

 

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