अरुणाचल प्रदेश में भारी बाढ़ और लैंडस्लाइड का कहर: फ्लैश फ्लड से मौतें, 10 जिले प्रभावित, NDRF-IAF का रेस्क्यू जारी
इटानगर | 29 जून 2026
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने अरुणाचल प्रदेश में भारी तबाही मचा दी है। राज्य के कई हिस्सों में आई फ्लैश फ्लड और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई घर नदी में बह गए, सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं तथा अनेक इलाकों का संपर्क पूरी तरह टूट चुका है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए NDRF, SDRF और भारतीय वायुसेना (IAF) राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
केयी पान्योर जिले में सबसे ज्यादा तबाही
सबसे अधिक नुकसान केयी पान्योर जिले के याजाली क्षेत्र में हुआ, जहां अचानक आई फ्लैश फ्लड ने NEEPCO कॉलोनी समेत आसपास के इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया।
मुख्य अपडेट
- 30 से 50 घर बाढ़ में बह गए।
- कई लोग लापता हुए।
- अब तक तीन शव बरामद।
- मृतकों में विवेकानंद केंद्र विद्यालय की शिक्षिका निर्मला गुप्ता भी शामिल।
- कई परिवारों का पूरा सामान और मकान नष्ट।
स्थानीय लोगों के अनुसार पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका जलमग्न हो गया।
10 जिलों का सड़क संपर्क टूटा
लगातार हो रहे भूस्खलन से राज्य के कई प्रमुख मार्ग बंद हो गए हैं।
प्रभावित जिले
- केयी पान्योर
- पापुम पारे
- कामले
- क्रा दादी
- कुरुंग कुमे
- लोअर सुबनसिरी
- अपर सुबनसिरी
- ईस्ट कामेंग
- पाक्के केसांग
- लोअर सियांग
इन जिलों में राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कई प्रमुख सड़कें मलबे में दब गई हैं, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित है।
NH-13 सहित कई हाईवे बंद
भूस्खलन के कारण
- NH-13 बंद
- होज-पोटिन रोड प्रभावित
- सगाली-होज मार्ग अवरुद्ध
- कई ग्रामीण पुल बह गए
ईटानगर से जीरो जाने वाले यात्रियों को बीच रास्ते में फंसना पड़ा।
लोअर सियांग में नया खतरा
लोअर सियांग जिले के सिजी क्षेत्र में भारी भूस्खलन के कारण नदी का प्रवाह रुक गया है।
प्रशासन ने डाउनस्ट्रीम इलाकों में हाई अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
NDRF और भारतीय वायुसेना का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राहत एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं।
राहत कार्य
- NDRF की कई टीमें तैनात
- SDRF द्वारा लगातार सर्च ऑपरेशन
- भारतीय वायुसेना ने हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री पहुंचाई
- लगभग 350 किलो राहत सामग्री प्रभावित इलाकों में भेजी गई
- रेस्क्यू बोट भी पहुंचाई गई
लापता लोगों की तलाश अभी भी जारी है।
इस साल अब तक 17 लोगों की मौत
राज्य में वर्ष 2026 के दौरान बाढ़ और भूस्खलन से अब तक लगभग 17 लोगों की जान जा चुकी है।
प्रशासन नुकसान का आकलन कर प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की तैयारी कर रहा है।
IMD का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक
- भारी बारिश
- फ्लैश फ्लड
- लैंडस्लाइड
- नदी का जलस्तर बढ़ने
की चेतावनी जारी की है।
लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
क्यों बढ़ रही हैं ऐसी प्राकृतिक आपदाएं?
विशेषज्ञों का मानना है कि अरुणाचल प्रदेश की पहाड़ी भौगोलिक संरचना पहले से ही संवेदनशील है। लगातार बदलते मौसम, अत्यधिक वर्षा और जलवायु परिवर्तन के कारण फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।
प्रभावित परिवारों की दर्दनाक कहानी
याजाली के कई परिवारों ने कुछ ही मिनटों में अपना घर और जीवनभर की जमा पूंजी खो दी।
एक स्थानीय निवासी ने बताया,
“हमारा घर, सामान और सब कुछ बह गया। अब रिश्तेदारों के यहां रहना पड़ रहा है।”
कई गांवों में बिजली और संचार सेवाएं भी ठप हैं, जिससे राहत कार्य प्रभावित हो रहा है।
प्रशासन की अपील
राज्य सरकार ने सभी जिलों में हाई अलर्ट घोषित किया है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि—
- नदी किनारे न जाएं।
- मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें।
- भूस्खलन वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
- आवश्यक होने पर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
निष्कर्ष
अरुणाचल प्रदेश इस समय भीषण प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। लगातार बारिश, फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राहत एजेंसियां युद्धस्तर पर बचाव कार्य में जुटी हैं, लेकिन खराब मौसम बड़ी चुनौती बना हुआ है। आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने की संभावना के कारण लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है।

