पीएम मोदी का सेशेल्स दौरा: सर्वोच्च सम्मान से हुए सम्मानित, 9 अहम समझौतों से भारत-सेशेल्स संबंधों को मिली नई उड़ान
भारत और सेशेल्स के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने वाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तीन दिवसीय दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया गया। साथ ही दोनों देशों ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल भुगतान, कृषि, समुद्री सहयोग और बुनियादी ढांचे समेत 9 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी रणनीतिक भूमिका को लगातार मजबूत कर रहा है और छोटे द्वीपीय देशों के साथ सहयोग बढ़ा रहा है।
पीएम मोदी को मिला सेशेल्स का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया स्थित स्टेट हाउस में आयोजित विशेष समारोह में राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान प्रदान किया।
यह सम्मान पर्यावरण संरक्षण, ब्लू इकोनॉमी, समुद्री संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और सतत विकास में वैश्विक नेतृत्व के लिए दिया जाता है।
सम्मान स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इसे जलवायु परिवर्तन से प्रभावित सभी देशों, विशेषकर छोटे द्वीपीय विकासशील राष्ट्रों (SIDS), को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की सबसे अधिक मार उन देशों पर पड़ रही है जिनका प्रदूषण में सबसे कम योगदान है। इसलिए दुनिया को “क्लाइमेट जस्टिस” के सिद्धांत पर आगे बढ़ना चाहिए।
यह प्रधानमंत्री मोदी को मिला 34वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी बन गया।
भारत और सेशेल्स के बीच हुए 9 बड़े समझौते
दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
1. एक्सट्राडिशन ट्रीटी
अपराधियों के प्रत्यर्पण को आसान बनाने के लिए नई संधि हुई। इससे ड्रग तस्करी, समुद्री अपराध और अंतरराष्ट्रीय अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई संभव होगी।
2. UPI डिजिटल पेमेंट
NPCI इंटरनेशनल और सेशेल्स सेंट्रल बैंक के बीच समझौते से भविष्य में सेशेल्स में यूपीआई आधारित भुगतान प्रणाली लागू करने का रास्ता साफ होगा।
3. जन औषधि सहयोग
सस्ती दवाओं की उपलब्धता और चिकित्सा कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए सहयोग बढ़ाया जाएगा।
4. कृषि अनुसंधान
दोनों देशों ने कृषि अनुसंधान, शिक्षा और आधुनिक खेती के लिए 2026-2031 कार्ययोजना तैयार की।
5. 1250 करोड़ रुपये का ऋण समझौता
Exim Bank की सहायता से बुनियादी ढांचा, आवास, ई-मोबिलिटी और विकास परियोजनाओं को वित्तीय सहायता मिलेगी।
6. समुद्री प्रशिक्षण
भारतीय नाविकों के प्रमाणपत्रों को सेशेल्स के जहाजों पर मान्यता दी जाएगी।
7. अंतरिक्ष सहयोग
बाहरी अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग के लिए दोनों देशों ने सहयोग बढ़ाने का फैसला किया।
8. नए राष्ट्रीय अस्पताल का निर्माण
सेशेल्स में आधुनिक राष्ट्रीय अस्पताल की तैयारी के लिए समझौता हुआ।
9. विदेश सेवा संस्थानों के बीच सहयोग
दोनों देशों के विदेश सेवा अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर सहमति बनी।
भारत ने सेशेल्स को दिए कई बड़े उपहार
प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में भारत ने सेशेल्स को कई महत्वपूर्ण संसाधन भी सौंपे।
इनमें शामिल हैं—
- फास्ट पेट्रोल वेसल (PS LESPWAR)
- 6 आधुनिक एंबुलेंस
- 10 यूटिलिटी वाहन
- 5 लेजर-गाइडेड बोट्स
इनसे सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा और आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूती मिलेगी।
हिंद महासागर के लिए पीएम मोदी का बड़ा विजन
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत चाहता है कि हिंद महासागर केवल व्यापार का मार्ग नहीं बल्कि “Ocean of Opportunity” बने।
उन्होंने कहा कि भारत किसी भी देश के आकार के आधार पर नहीं बल्कि समान सम्मान और विश्वास के आधार पर साझेदारी करता है।
उन्होंने MAHASAGAR विजन के तहत समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
जलवायु परिवर्तन पर दिया बड़ा संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ग्लोबल साउथ के देशों की आवाज़ को वैश्विक मंचों पर अधिक महत्व मिलना चाहिए।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार, छोटे द्वीपीय देशों की सुरक्षा और जलवायु न्याय को वैश्विक प्राथमिकता बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
भारत-सेशेल्स संबंध क्यों हैं इतने महत्वपूर्ण?
सेशेल्स हिंद महासागर में भारत का प्रमुख रणनीतिक साझेदार माना जाता है।
दोनों देश वर्षों से—
- समुद्री सुरक्षा
- आतंकवाद विरोध
- ब्लू इकोनॉमी
- क्षमता निर्माण
- स्वास्थ्य
- शिक्षा
- डिजिटल सहयोग
जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं।
भारत लगातार विकास सहायता, तकनीकी सहयोग और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से सेशेल्स की मदद करता रहा है
इस दौरे का रणनीतिक महत्व
यह यात्रा केवल कूटनीतिक औपचारिकता नहीं बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका का स्पष्ट संकेत है।
एक्सट्राडिशन ट्रीटी, डिजिटल पेमेंट, स्वास्थ्य, कृषि और रक्षा सहयोग जैसे समझौते आने वाले वर्षों में दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाएंगे।
साथ ही यह दौरा भारत की “Neighbourhood First” और “MAHASAGAR” नीति को भी मजबूती देता है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सेशेल्स दौरा भारत की विदेश नीति के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। सर्वोच्च नागरिक सम्मान, 9 रणनीतिक समझौते और हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता इस यात्रा को ऐतिहासिक बनाती है।
आने वाले समय में इन समझौतों का असर व्यापार, सुरक्षा, डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य और समुद्री सहयोग जैसे क्षेत्रों में देखने को मिलेगा। इससे भारत और सेशेल्स के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की उम्मीद है।

