लखनऊ में अरविन्द केजरीवाल और अखिलेश यादव ने सयुक्त रूप से की प्रेस कॉन्फ्रेंस, बीजेपी पर जमकर साधा निशाना
देश में लोकसभा चुनाव का दौर चल रहा है। अभी तक चार चरणों के मतदान पूरे हो चुके हैं और पांचवे चरण की तैयारी चल रही है। इसी बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रिय संयोजक अरविन्द केजरीवाल लखनऊ पहुंचे। लखनऊ में सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ मिलकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस चुनाव में बीजेपी को 220 से भी कम सीटें मिल रही हैं। हर जगह पर इनकी सीटें कम हो रही हैं। इस बार इंडिया गठबंधन की सरकार बन रही है।
सीएम योगी का हटना तय– केजरीवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा कि मैंने कुछ दिन पहले कहा था कि लोकसभा चुनाव के बाद यूपी के सीएम योगी को हटा दिया जाएगा। योगी को हटाने की बात पर बीजेपी के किसी नेता ने कोई बयान नहीं दिया है। योगी जी का हटना अब तय है। अगर यह लोग जीत गए तो दो से तीन महीने में योगी को मुख्यमंत्री पद से हटा देंगे। योगी आदित्यनाथ ही इनके लिए कांटा बन सकते हैं इसलिए अब उन्हें भी हटाने की तैयारी है। केजरीवाल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसा नहीं कहा है कि वे 75 साल की उम्र में इस्तीफा नहीं देंगे। पीएम मोदी का ये नियम उन्हीं के द्वारा बनाया गया है और मुझे उम्मीद है कि वे अपने नियम को फॉलो करेंगे, नहीं तो लोग कहेंगे कि पीएम मोदी ने ये नियम लालकृष्ण आडवाणी को हटाने के लिए बनाया था।
केजरीवाल ने आगे कहा कि इन्होने 400 पार का मचाया है। जब लोगों ने पूछा कि 400 पार किस लिए चाहिए तो इन्होने नहीं बताया। बाद में अंदर के लोगों से पता चला कि ये 400 पार सीटें इसलिए चाह रहे हैं कि आरक्षण को ख़त्म करना चाह रहे हैं, संबिधान को तार तार करना चाहते हैं।
अखिलेश यादव ने कहा
अखिलेश यादव ने कहा चार चरणों के चुनाव हो चुके हैं। इस चार चरणों में बीजेपी चारों खाने चित्त हो गयी है। ये 400 पार का नारा दे रहे हैं। इनकी 143 से भी कम सीटें आ रही हैं। 543 सीटों में से 400 घटा दो तो 143 सीटें बचती है और वो 143 सीटें ही देख रही है। देश की जनता इन्हें 140 सीटों के लिए भी तरसा देगी।
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि ये यूपी, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में उलझ जाएंगे। हमें संविधान बचाना होगा। बीजेपी की इस साजिश को आम लोग समझ गए हैं। इस बार बीजेपी की सबसे बड़ी हार होनी वाली है। अब लग रहा है कि हारने के बाद ये झूठ बोलने की यूनिवर्सिटी खोलेंगे और वाइस चांसलर और डीन वहां खुद पहुंच जाएंगे।
