May 19, 2026

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टैक्स समीक्षा बैठक में दिया सख्त संदेश: “शेल कंपनियों पर होगी कड़ी कार्रवाई”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ में राज्य कर विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने राज्य के राजस्व संग्रह की स्थिति, टैक्स वसूली और फर्जी कंपनियों की भूमिका पर गहराई से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि “राजस्व केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि राज्य के समग्र विकास की नींव है।” उन्होंने टैक्स चोरी करने वालों और शेल कंपनियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने के निर्देश भी दिए।

टैक्स चोरी को बताया राष्ट्र विरोधी अपराध

सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट रूप से कहा कि टैक्स चोरी न केवल राज्य बल्कि देश के लिए भी हानिकारक है। उन्होंने कहा, “टैक्स चोरी एक राष्ट्रीय अपराध है जो विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे को प्रभावित करता है। इससे ईमानदारी से टैक्स देने वाले नागरिकों के अधिकारों पर भी असर पड़ता है।”

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे सभी व्यापारियों की पहचान की जाए जो व्यवस्था का दुरुपयोग कर रहे हैं और फर्जी कंपनियों के ज़रिए टैक्स चोरी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन फर्जी संस्थाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए।

नई कंपनियों का फिजिकल वेरिफिकेशन अनिवार्य

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हाल ही में पंजीकृत हुई कंपनियों का फिजिकल वेरिफिकेशन जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाया जाए ताकि टैक्स सिस्टम में फर्जीवाड़ा न हो।

अप्रैलमई में 18,161 करोड़ की वसूली

राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि अप्रैल और मई 2025 में जीएसटी और वैट से कुल ₹18,161.59 करोड़ का राजस्व एकत्र किया गया है। यह वसूली 2025-26 के निर्धारित लक्ष्य ₹1,75,725 करोड़ की दिशा में एक सकारात्मक शुरुआत मानी जा रही है। इस प्रगति पर संतोष जताते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से लक्ष्य को समय से पहले पूरा करने के लिए कार्यप्रणाली में तेजी लाने को कहा।

किन ज़ोन का प्रदर्शन रहा अच्छा और किनका खराब?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ (दोनों ज़ोन), अयोध्या, बरेली, आगरा, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, झांसी और सहारनपुर ज़ोन की तारीफ की, जिन्होंने 60% या उससे अधिक राजस्व संग्रह किया। इन ज़िलों को प्रेरणादायक उदाहरण बताते हुए उन्होंने कहा कि इनकी कार्यशैली अन्य ज़ोन भी अपनाएं।

हालांकि, सीएम ने वाराणसी-1, प्रयागराज, कानपुर-2, इटावा, अलीगढ़ और मुरादाबाद ज़ोन की कम वसूली पर नाराजगी जताई। इन क्षेत्रों में कलेक्शन 50% से भी नीचे रहा, जो लक्ष्य के हिसाब से असंतोषजनक है।

कमजोर क्षेत्रों पर विशेष रिपोर्ट तैयार करने का आदेश

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन ज़िलों में वसूली की दर कम है, वहां की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की जाए और एक विशेष रिपोर्ट बनाकर सरकार को सौंपी जाए। इसके लिए फील्ड स्तर पर विशेषज्ञों की मदद ली जाए और व्यावसायिक समुदाय के साथ सीधा संवाद किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि अतिरिक्त आयुक्त, संयुक्त आयुक्त और डिप्टी कमिश्नर खुद व्यापारियों से मिलें और टैक्स भुगतान की संस्कृति को बढ़ावा दें।

टेक्नोलॉजी और पारदर्शिता को दें बढ़ावा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर जोर दिया कि टैक्स वसूली की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। टेक्नोलॉजी का अधिकतम उपयोग किया जाए और ईमानदार टैक्सदाताओं को हर तरह की सुरक्षा दी जाए। उन्होंने कहा कि जब व्यापारी और अधिकारी मिलकर ज़िम्मेदारी निभाएंगे, तभी राज्य में आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण के कार्य गति पकड़ेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह समीक्षा बैठक राज्य के राजस्व तंत्र को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। फर्जी कंपनियों पर सख्त कार्रवाई और टैक्स प्रणाली को पारदर्शी बनाने के निर्देश इस बात की ओर संकेत करते हैं कि सरकार राजस्व संग्रह को लेकर अब और भी सतर्क और आक्रामक रवैया अपना रही है।

 

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