सीएम योगी आदित्यनाथ का देशवासियों से आह्वान: “राष्ट्र सर्वोपरि होना चाहिए”
भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के प्रति निष्ठा और एकता की जरूरत को दोहराया है। उन्होंने उन लोगों पर कड़ा रुख अपनाया है जो देशविरोधी बयान या लेखन के ज़रिये भारतीय सेना की मनोबल को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
लखनऊ स्थित सिटी मॉन्टेसरी स्कूल में आयोजित शिक्षक धन्यवाद समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के मौजूदा हालात पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हर देशवासी का पहला कर्तव्य “राष्ट्र प्रथम” होना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी, जिसमें कुछ लोग सोशल मीडिया पर देश और सेना के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर हो रही देशविरोधी टिप्पणियों पर चिंता
सीएम योगी ने कार्यक्रम में कहा, “मैं जब सोशल मीडिया पर नजर डालता हूं, तो कुछ ऐसे ट्वीट्स दिखते हैं जो न केवल देश के खिलाफ हैं बल्कि सेना के मनोबल को कमजोर करने की कोशिश करते हैं। यह स्थिति चिंताजनक है और हमें सोचना चाहिए कि ऐसे हालात आखिर पैदा क्यों हो रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “यह धरती हमारी मां है, और इसके सम्मान में ही हमारा हर कदम उठना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस बात को कई बार दोहराया है।”
सीएम योगी का कहना था कि देश की अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखने में नागरिकों की भूमिका अहम होती है। हर नागरिक का यह दायित्व है कि वह राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।
शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ ज्ञान नहीं, संस्कार भी होना चाहिए
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शिक्षा की भूमिका पर भी विशेष रूप से जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान देने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह संस्कार, राष्ट्रीय भावना और भारतीय परंपराओं को मजबूत करने का ज़रिया भी होना चाहिए। उन्होंने छात्रों और शिक्षकों से अपील की कि वे शिक्षा को सिर्फ करियर बनाने का साधन न मानें, बल्कि इसका उपयोग समाज और देश की सेवा में करें।
उन्होंने कहा, “जीवन कभी एकपक्षीय नहीं होता। छात्रों को चाहिए कि वे सिर्फ एक क्षेत्र में नहीं, बल्कि जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाएं। हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करके वे राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकते हैं।”
मेधावी छात्रों को किया गया सम्मानित
इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ ने समारोह में मौजूद मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली छात्र ही आने वाले समय में देश की रीढ़ बनेंगे और राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
सीएम ने समारोह के बारे में अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भी जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, “लखनऊ में आज आयोजित ‘शिक्षक धन्यवाद समारोह’ में सहभाग किया। इस अवसर पर मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया। पूर्ण विश्वास है कि शिक्षा को संस्कार, राष्ट्रीयता और भारत की परंपराओं के साथ जोड़ते हुए भारतीय संस्कृति को मजबूती प्रदान करने हेतु हम सामूहिक रूप से आगे बढ़ेंगे।”
राष्ट्रभक्ति और समाजसेवा की भावना जरूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं। उनकी यह अपील स्पष्ट रूप से देशवासियों को राष्ट्रभक्ति, एकता, और समाज के प्रति कर्तव्य की याद दिलाने वाली है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोग, खासकर शिक्षक और छात्र, देश को सकारात्मक दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
