सीयूईटी -यूजी 2026 परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी से देरी, विपक्ष ने सरकार पर उठाए सवाल
देशभर में आयोजित कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी -यूजी) 2026 के दौरान कई परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी समस्याएं सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई। निर्धारित समय पर परीक्षा शुरू न होने के कारण कई केंद्रों पर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि, बाद में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने स्पष्ट किया कि तकनीकी खराबी को ठीक कर लिया गया है और सभी प्रभावित छात्रों को पूरा परीक्षा समय दिया गया ताकि उनका कोई नुकसान न हो।
इस घटना के बाद शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रबंधन को लेकर राजनीतिक बहस भी शुरू हो गई है। विपक्ष ने परीक्षा आयोजन में बार-बार सामने आ रही समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
परीक्षा शुरू होने में देरी से छात्रों को हुई परेशानी
सीयूईटी -यूजी देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसके माध्यम से लाखों छात्र देश के विभिन्न केंद्रीय और अन्य विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए आवेदन करते हैं। शुक्रवार को आयोजित परीक्षा के दौरान कुछ केंद्रों पर तकनीकी दिक्कतों के कारण परीक्षा निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी।
परीक्षा केंद्रों पर मौजूद छात्रों को कुछ समय तक इंतजार करना पड़ा, जिससे उनमें तनाव और चिंता की स्थिति पैदा हो गई। कई अभ्यर्थियों और अभिभावकों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी भी जाहिर की। हालांकि, संबंधित अधिकारियों ने समस्या का समाधान करने के बाद परीक्षा प्रक्रिया को सामान्य रूप से शुरू कराया।
एनटीए के अनुसार, तकनीकी समस्या परीक्षा संचालन से जुड़ी व्यवस्था में आई थी, जिसे जल्द ही ठीक कर लिया गया। एजेंसी ने यह भी कहा कि सभी प्रभावित छात्रों को अतिरिक्त समय दिया गया, ताकि वे पूरी परीक्षा बिना किसी दबाव के दे सकें।
राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
परीक्षा में हुई देरी के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि हाल के वर्षों में कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं को लेकर विवाद सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि नीट, सीबीएससी, एसएससी और अब सीयूईटी जैसी परीक्षाओं में लगातार समस्याएं देखने को मिल रही हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है और छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों को अधिक गंभीरता से संभालने की जरूरत है।
उनका कहना था कि लाखों छात्रों की मेहनत और भविष्य इन परीक्षाओं पर निर्भर करता है, इसलिए परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। विपक्ष लगातार परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही की मांग कर रहा है।
एनटीए ने जारी की सफाई, छात्रों को दिया आश्वासन
घटना के बाद एनटीए ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए छात्रों और अभिभावकों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया। एजेंसी ने बताया कि तकनीकी समस्या एक सेवा प्रदाता के स्तर पर सामने आई थी, जिसे समय रहते दूर कर लिया गया।
एनटीए ने स्पष्ट किया कि किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया गया और सभी उम्मीदवारों को पूरा निर्धारित परीक्षा समय उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा छात्रों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर और ईमेल सुविधा भी जारी की गई, ताकि किसी प्रकार की समस्या होने पर वे सीधे संपर्क कर सकें।
गौरतलब है कि सीयूईटी -यूजी परीक्षा कई दिनों और विभिन्न शिफ्टों में आयोजित की जाती है क्योंकि इसमें देशभर से बड़ी संख्या में छात्र हिस्सा लेते हैं। अलग-अलग विषयों के संयोजन और उम्मीदवारों की संख्या को देखते हुए परीक्षा कार्यक्रम विस्तृत रखा जाता है। इस वर्ष सीयूईटी -यूजी 2026 की परीक्षा 11 मई से शुरू हुई है और 31 मई तक आयोजित की जानी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में तकनीकी और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याओं से बचा जा सके। छात्रों और अभिभावकों की उम्मीद है कि परीक्षा एजेंसियां आगे बेहतर तैयारी के साथ ऐसी चुनौतियों का समाधान करेंगी।

