दिल्ली SIR अभियान 2026 शुरू: मतदाता सूची सत्यापन अभियान में जानें फॉर्म भरने की प्रक्रिया, तारीखें और जरूरी नियम
नई दिल्ली।
दिल्ली में मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) 2026 अभियान की शुरुआत हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।
30 जून 2026 से शुरू हुए इस अभियान के तहत बूथ स्तर अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और Enumeration Form भरवाएंगे। यह प्रक्रिया आगामी विधानसभा चुनावों के लिए तैयार की जा रही मतदाता सूची का आधार बनेगी।
दिल्ली SIR अभियान 2026 क्या है?
SIR यानी Special Intensive Revision चुनाव आयोग की विशेष प्रक्रिया है, जिसमें सामान्य वार्षिक पुनरीक्षण की तुलना में कहीं अधिक व्यापक स्तर पर मतदाता सूची का सत्यापन किया जाता है।
इस अभियान के दौरान—
- घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा।
- नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे।
- मृतक, स्थानांतरित या अपात्र लोगों के नाम हटाए जाएंगे।
- मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट किया जाएगा।
चुनाव आयोग का उद्देश्य साफ है कि भविष्य में होने वाले चुनावों के लिए मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध और विश्वसनीय हो।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की अभियान की शुरुआत
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने परिवार के साथ स्वयं Enumeration Form भरकर इस अभियान की शुरुआत की।
उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र मतदाता समय पर अपना सत्यापन कराए ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मजबूत हो सके।
दिल्ली में कितने मतदाता हैं?
दिल्ली में वर्तमान समय में लगभग 1.48 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता हैं।
चुनाव आयोग का मानना है कि समय के साथ—
- कई मृत व्यक्तियों के नाम सूची में बने रहते हैं।
- स्थान बदल चुके लोगों के नाम नहीं हटते।
- नए युवा मतदाता जुड़ नहीं पाते।
इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए SIR अभियान चलाया जा रहा है।
दिल्ली SIR अभियान 2026 की महत्वपूर्ण तारीखें
| कार्य | तारीख |
|---|---|
| BLO प्रशिक्षण | 20–29 जून 2026 |
| घर-घर सत्यापन एवं फॉर्म वितरण | 30 जून–29 जुलाई 2026 |
| ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी | 5 अगस्त 2026 |
| दावे एवं आपत्तियां | 5 अगस्त–4 सितंबर 2026 |
| दावों का निपटारा | 5 अगस्त–3 अक्टूबर 2026 |
| अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित | 7 अक्टूबर 2026 |
BLO की क्या होगी भूमिका?
दिल्ली में इस अभियान के लिए 13,000 से अधिक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) नियुक्त किए गए हैं।
इनकी जिम्मेदारियां होंगी—
- प्रत्येक घर तक पहुंचना
- Enumeration Form वितरित करना
- भरे हुए फॉर्म प्राप्त करना
- मतदाता सूची का सत्यापन करना
- जरूरत पड़ने पर राजनीतिक दलों के Booth Level Agents (BLA) के साथ समन्वय करना
Enumeration Form में क्या जानकारी भरनी होगी?
मतदाताओं को फॉर्म में निम्न जानकारी देनी होगी—
व्यक्तिगत जानकारी
- पूरा नाम
- आयु
- वर्तमान पता
- EPIC नंबर
पुरानी मतदाता सूची से संबंधित जानकारी
यदि वर्ष 2002 की मतदाता सूची में आपका या आपके माता-पिता का नाम मौजूद है तो उसका विवरण देना होगा।
नए मतदाताओं के लिए
- 18 वर्ष पूरे कर चुके युवा
- नई शादी के बाद पता बदलने वाली महिलाएं
- हाल ही में दिल्ली में बसे पात्र नागरिक
इन सभी को अपना विवरण दर्ज कराना होगा।
क्या दस्तावेज देना जरूरी है?
चुनाव आयोग के अनुसार Enumeration Phase के दौरान दस्तावेज जमा करना अनिवार्य नहीं है।
हालांकि यदि आगे सत्यापन की आवश्यकता होगी तो संबंधित दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
मतदान केंद्रों में भी होगा बदलाव
इस बार चुनाव आयोग मतदान केंद्रों का रैशनलाइजेशन भी कर रहा है।
पहले एक मतदान केंद्र पर लगभग 1500 मतदाता होते थे, जिसे घटाकर अब 1200 मतदाता प्रति केंद्र किया जा रहा है।
इससे मतदान प्रक्रिया अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
मतदाता क्या करें?
यदि आप दिल्ली के मतदाता हैं तो इन बातों का ध्यान रखें—
- अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य जांचें।
- BLO द्वारा दिए गए फॉर्म को समय पर भरें।
- यदि नया नाम जोड़ना है तो आवेदन करें।
- यदि पता बदल गया है तो जानकारी अपडेट कराएं।
- यदि परिवार में किसी सदस्य का निधन हो चुका है तो उसकी जानकारी दें।
किन लोगों का नाम हट सकता है?
मतदाता सूची से ऐसे नाम हटाए जा सकते हैं—
- जिनकी मृत्यु हो चुकी है।
- जो स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जा चुके हैं।
- जिनके नाम दो जगह दर्ज हैं।
- जो पात्र नहीं पाए जाते।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया
भाजपा, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस सहित अधिकांश राजनीतिक दलों ने इस अभियान का स्वागत किया है।
हालांकि कुछ दलों ने आशंका जताई है कि प्रवासी मजदूरों और अस्थायी निवासियों के नाम प्रभावित न हों। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना उचित प्रक्रिया के नहीं हटाया जाएगा।
देशभर में भी चल रहा है SIR अभियान
दिल्ली के अलावा महाराष्ट्र, कर्नाटक, झारखंड और मेघालय सहित कई राज्यों में भी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।
चुनाव आयोग का कहना है कि इससे पूरे देश में मतदाता सूची की गुणवत्ता और पारदर्शिता बेहतर होगी।
निष्कर्ष
दिल्ली SIR अभियान 2026 लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यदि आप दिल्ली के मतदाता हैं तो समय रहते अपना सत्यापन अवश्य कराएं। सही और अद्यतन मतदाता सूची ही निष्पक्ष चुनाव की सबसे मजबूत नींव होती है।

