किसानों को नहीं मिल रहा गेहूँ की फसल का सही दाम किया चक्का जाम
इंदौर की लक्ष्मीबाई अनाज मंडी में किसानो ने किया हंगामा क्योकि किसान को गेहूँ की फसल का सही दाम नहीं मिल रहा है जो सरकार द्वारा तय किया गया है इससे रोष में आकर किसानों ने एमआर-5 रिंग रोड पर चक्का जाम कर दिया | जब हालत बिगड़ने लगे तब अधिकारियों ने किसानों को समझाया और फिर 2 बजे के बाद फिर से बोली शुरू हुयी |
आप को बता दें कि सरकार ने गेहूं की खरीद का समर्थन मूल्य 2125 रुपये प्रति कुन्तल तय किया है | लेकिन उसका पेमेंट किसानों को बहुत देर से मिल रहा है | कई किसान ऐसे भी हैं जिन्हें पैसे की जरूरत है किसी को अपना कर्जा देना है तो किसी के घर में शादी है उसके लिए पैसे की जरूरत है | ऐसे में किसान सीधे व्यापारियों को अपने गेहूं बेच रहे हैं , जिसका व्यापारी फायदा उठा रहे है और सरकार द्वारा तय मूल्य से 300 से 400 रुपये कम में किसानों से गेहूं खरीद रहे हैं | व्यापारी किसानों से 1700 से 1800 रुपये प्रति कुंतल के हिसाब से गेहूं खरीद रहे हैं | पिछले 12 दिनों में किसान तीसरी बार अपने हक़ के लिए सडकों पर उतर चुके हैं |
बारिश और ओलों से हुआ है फसल को नुकसान
किसानों का कहना है कि व्यापारी कम कीमत पर गेहूं खरीद कर ज्यादा मुनाफा वसूल कर रहे हैं | इसबार बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण भी फसल को नुकसान हुआ है गेहूं की चमक कम है | जिसकी वजह से उन्हें ख़रीदा नहीं जा रहा है | इससे पहले 28 मार्च को भी किसान गेहूं ले कर लक्ष्मीबाई नगर मंडी पहुंचे और वहाँ पर हंगामा किया | उस दिन किसान बड़ी मात्रा में गेहूं ले कर मंडी पहुंचे पर कम मूल्य पर खरीद के कारण किसानों ने गेहूं नहीं बेचा और जमकर हंगामा किया |
दस दिन में भी नहीं मिल रहा है पैसा
किसानों ने बताया की सोसाइटी में समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने पर दस दिन में भी पेमेंट नहीं मिल पा रहा है | जब किसान अपनी महीनों की मेहनत को बेचने जाता है तो उसे तुरंत ही पैसा भी चाहिए होता है लेकिन जब मेहनत का पैसा टाइम से नहीं मिल पाता है तो उस समय किसान को परेशानी होती है क्योकि किसान इसी पैसे से अपने बहुत से जरुरी कामों को निपटाता है और फिर मजबूरी में आ कर सीधे व्यापारी को गेहूं बेचने को मजबूर हो जाता है | जिसका फायदा व्यापारी उठाते हैं |

