फीफा वर्ल्ड कप 2026 में बना अनोखा रिकॉर्ड: 68 साल बाद एक ही दिन के सभी मैच रहे ड्रॉ
न्यूयॉर्क/लॉस एंजेलिस: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में 15 जून का दिन फुटबॉल इतिहास के सबसे अनोखे दिनों में दर्ज हो गया। टूर्नामेंट के पांचवें दिन खेले गए सभी चार मुकाबले ड्रॉ पर समाप्त हुए। खास बात यह है कि ऐसा रिकॉर्ड ठीक 68 साल पहले 1958 फीफा वर्ल्ड कप में भी देखने को मिला था, जब एक ही दिन के चारों मैच बराबरी पर खत्म हुए थे।
48 टीमों वाले विस्तारित विश्व कप में यह दुर्लभ संयोग फुटबॉल प्रेमियों के लिए चर्चा का विषय बन गया है। विशेषज्ञ इसे टूर्नामेंट की बढ़ती प्रतिस्पर्धा और अंडरडॉग टीमों के मजबूत प्रदर्शन का संकेत मान रहे हैं।
पांचवें दिन के सभी मैच रहे बराबरी पर
स्पेन बनाम केप वर्डे (0-0)
अटलांटा में खेले गए मुकाबले में यूरोपीय चैंपियन स्पेन को विश्व कप में पहली बार खेल रही केप वर्डे की टीम ने गोलरहित बराबरी पर रोक दिया। स्पेन ने पूरे मैच में लगभग 74 प्रतिशत बॉल पजेशन रखा और कई मौके बनाए, लेकिन केप वर्डे की मजबूत रक्षापंक्ति और गोलकीपर के शानदार प्रदर्शन के सामने कोई गोल नहीं कर सकी।
बेल्जियम बनाम मिस्र (1-1)
सीटल में खेले गए मैच में मिस्र ने 20वें मिनट में इमाम अशूर के गोल से बढ़त हासिल की। हालांकि दूसरे हाफ में बेल्जियम ने दबाव बनाया और एक ओन गोल की मदद से स्कोर बराबर कर लिया। इसके बाद दोनों टीमें विजयी गोल नहीं कर सकीं।
सऊदी अरब बनाम उरुग्वे (1-1)
मियामी में हुए मुकाबले में सऊदी अरब ने पहले बढ़त बनाई, लेकिन उरुग्वे ने मैच के अंतिम चरण में वापसी करते हुए बराबरी का गोल दाग दिया। इस नतीजे के बाद दोनों टीमों ने एक-एक अंक हासिल किया।
ईरान बनाम न्यूजीलैंड (2-2)
दिन का सबसे रोमांचक मुकाबला लॉस एंजेलिस में खेला गया। न्यूजीलैंड के एलियाह जस्ट ने दो गोल किए, लेकिन ईरान ने दोनों बार वापसी करते हुए मैच 2-2 से बराबर कर लिया। इस परिणाम ने ग्रुप में प्रतिस्पर्धा को और दिलचस्प बना दिया।
1958 के रिकॉर्ड की हुई बराबरी
15 जून 1958 को स्वीडन में आयोजित फीफा वर्ल्ड कप के दौरान भी एक दिन में चार मुकाबले ड्रॉ रहे थे। उस दिन स्वीडन-वेल्स, इंग्लैंड-ऑस्ट्रिया, युगोस्लाविया-पैराग्वे और वेस्ट जर्मनी-नॉर्दर्न आयरलैंड के बीच खेले गए मैच बराबरी पर समाप्त हुए थे।
अब 68 साल बाद ठीक उसी तारीख पर ऐसा रिकॉर्ड दोबारा बनना फुटबॉल इतिहास का एक रोचक संयोग माना जा रहा है।
अंडरडॉग टीमों ने दिखाया दम
इस दिन के परिणामों ने साबित कर दिया कि विश्व कप में किसी भी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता। केप वर्डे, मिस्र, सऊदी अरब और न्यूजीलैंड जैसी टीमों ने अपने से मजबूत मानी जाने वाली टीमों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया और महत्वपूर्ण अंक हासिल किए।
ग्रुप स्टेज की जंग हुई और रोमांचक
सभी मुकाबलों के ड्रॉ रहने से ग्रुप जी और एच की अंक तालिका बेहद संतुलित हो गई है। अब अगले मैचों में हर टीम के लिए जीत हासिल करना महत्वपूर्ण होगा। स्पेन और बेल्जियम जैसी दावेदार टीमों पर दबाव बढ़ गया है, जबकि अंडरडॉग टीमों का आत्मविश्वास ऊंचा हुआ है।
क्यों खास है यह रिकॉर्ड?
फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि 48 टीमों वाले नए फॉर्मेट में मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धी हो गए हैं। छोटी टीमें भी बेहतर तैयारी के साथ मैदान में उतर रही हैं, जिससे बड़े उलटफेर और अनोखे रिकॉर्ड देखने को मिल रहे हैं।
निष्कर्ष
फीफा वर्ल्ड कप 2026 अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन 15 जून का दिन पहले ही इतिहास में दर्ज हो चुका है। 68 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी ने साबित कर दिया कि फुटबॉल में कुछ भी संभव है। आने वाले मुकाबलों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ये ड्रॉ परिणाम नॉकआउट दौर की तस्वीर को किस तरह प्रभावित करते हैं।
15 जून 2026 को खेले गए सभी चार मैच ड्रॉ रहे, जो 68 साल बाद दोहराया गया एक दुर्लभ रिकॉर्ड है।
इससे पहले 15 जून 1958 को स्वीडन में आयोजित फीफा वर्ल्ड कप के दौरान एक ही दिन के चार मुकाबले ड्रॉ रहे थे।
स्पेन बनाम केप वर्डे, बेल्जियम बनाम मिस्र, सऊदी अरब बनाम उरुग्वे और ईरान बनाम न्यूजीलैंड के मुकाबले बराबरी पर समाप्त हुए।
सभी टीमों को एक-एक अंक मिलने से ग्रुप स्टेज की प्रतिस्पर्धा और रोमांचक हो गई है तथा अगले मैच निर्णायक बन गए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार नए फॉर्मेट में छोटी और बड़ी टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ी है, जिसके कारण ऐसे अप्रत्याशित परिणाम देखने को मिल रहे हैं।

