May 19, 2026

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भारत बनाएगा पांच स्टील्थ फाइटर जेट: एएमसीए प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी, 2035 तक भारतीय वायुसेना में होगा शामिल

भारत अब दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल होने जा रहा है जो अपने खुद के स्टील्थ फाइटर जेट तैयार करेंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में यह जानकारी दी कि भारत एक नहीं, बल्कि पांच तरह के स्टेल्थ लड़ाकू विमानों के प्रोटोटाइप तैयार करेगा। इसके बाद तय किया जाएगा कि किस डिज़ाइन को आगे बढ़ाकर वायुसेना के लिए विकसित किया जाएगा।

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने भी एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) परियोजना की नई टाइमलाइन जारी कर दी है। अब यह तय हो गया है कि भारत का स्वदेशी फिफ्थ जेनरेशन फाइटर जेट 2035 तक भारतीय वायुसेना में ऑपरेशनल हो जाएगा।

एएमसीए प्रोजेक्ट को मिली बड़ी मंजूरी, निजी कंपनियों को भी मिलेगा मौका

27 मई 2025 को रक्षा मंत्रालय ने एएमसीए परियोजना को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। खास बात यह है कि अब सिर्फ सरकारी संस्थाएं जैसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ही नहीं, बल्कि निजी कंपनियों को भी इस प्रोजेक्ट में भाग लेने की अनुमति दी गई है। इसका मकसद निर्माण प्रक्रिया को तेज करना और तकनीकी विविधता लाना है।

डीआरडीओ के चेयरमैन समीर कामथ ने जानकारी दी है कि 2029 तक एमका का पहला प्रोटोटाइप तैयार हो जाएगा और 2034 तक यह पूरी तरह से विकसित हो जाएगा। साल 2035 तक इसे वायुसेना में शामिल किए जाने की योजना है।

कैसा होगा भारत का स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेटएएमसीए?

एएमसीए एक मध्यम वजन वाला, दो इंजन वाला, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा जो स्टेल्थ तकनीक से युक्त होगा। यह एयरक्राफ्ट डीआरडीओ की एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) द्वारा डिज़ाइन किया गया है। इसका वजन करीब 25 टन होगा और इसे पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से बनाया जाएगा।

इस परियोजना पर सरकार ने 15,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की है। यह विमान अत्याधुनिक तकनीकों जैसे कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित इलेक्ट्रॉनिक पायलट, नेट-सेंट्रिक वारफेयर सिस्टम, इंटरनल वेपन बे और इंटीग्रेटेड हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम से लैस होगा।

एएमसीए बेहद कम विजिबिलिटी में भी काम करने में सक्षम होगा, जिससे यह दुश्मन की नज़रों से बचकर ऑपरेशन कर सकता है। इसके साथ मल्टी-सेंसर डाटा फ्यूजन की सुविधा भी होगी जो पायलट को बेहतर निर्णय लेने में मदद करेगी।

पाकिस्तान और चीन की तैयारी से भारत ने बढ़ाया कदम

पाकिस्तान ने हाल ही में चीन से 40 J-35 स्टेल्थ फाइटर जेट खरीदने का सौदा किया है। यह विमान जल्द ही पाकिस्तान को मिलने वाले हैं। इसके अलावा चीन के पास पहले से ही दो तरह के फिफ्थ जेनरेशन फाइटर जेट मौजूद हैं, जिनमें J-20 और J-35 शामिल हैं।

चीन अपने J-35 फाइटर को अमेरिका के F-35 का मुकाबला मानता है और इसे मित्र देशों को निर्यात करने की तैयारी में है। पाकिस्तान के पायलट पहले ही चीन में J-35 की ट्रेनिंग ले रहे हैं। वहीं, तुर्किए ने भी अपना फिफ्थ जेनरेशन फाइटर जेट ‘कान’ विकसित करने का दावा किया है।

इन सब को देखते हुए भारत के लिए अपने खुद के स्टील्थ फाइटर जेट तैयार करना जरूरी हो गया था। यही वजह है कि अब भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है।

अमेरिका और रूस का भी भारत को ऑफर

हाल ही में बेंगलुरु में आयोजित एयरो-इंडिया प्रदर्शनी में भारत ने एएमसीए का फुल-स्केल मॉडल भी प्रस्तुत किया था। इस प्रदर्शनी में अमेरिका ने अपने F-35 और रूस ने Su-57 स्टेल्थ फाइटर जेट को भी दिखाया था। माना जा रहा है कि यह प्रदर्शन भारत को इन विमानों को खरीदने के लिए आकर्षित करने के मकसद से किया गया।

हालांकि भारत ने फिलहाल किसी विदेशी फाइटर जेट को खरीदने की योजना नहीं बनाई है। रूस ने प्रस्ताव दिया है कि अगर भारत चाहे तो Su-57 को ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत में ही तैयार किया जा सकता है।

वहीं अमेरिका ने सीधे तौर पर कोई ऑफर नहीं दिया, लेकिन F-35 के प्रदर्शन के पीछे यही संकेत था कि भारत को यह विकल्प उपलब्ध है।

भारत अब सिर्फ आयातक नहीं, बल्कि उन्नत रक्षा तकनीक का निर्माता बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। एएमसीए प्रोजेक्ट के माध्यम से देश स्वदेशी स्तर पर फिफ्थ जेनरेशन स्टील्थ फाइटर जेट विकसित करेगा, जिससे भारतीय वायुसेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी।

पाकिस्तान और चीन की बढ़ती वायुसेना क्षमताओं के मद्देनजर यह एक जरूरी और रणनीतिक फैसला है, जिससे भारत की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकेगा। स्वदेशी तकनीक पर जोर और निजी कंपनियों की भागीदारी इस प्रोजेक्ट को समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने में मदद करेगी।

 

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