कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन गोदाम गिरा, 11 मजदूरों की मौत; बचाव अभियान जारी
Introduction
कोलकाता के दक्षिणी इलाके तारातला में निर्माणाधीन वेयरहाउस के अचानक ढह जाने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 19 से अधिक मजदूर घायल बताए जा रहे हैं। कई लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। भारतीय सेना, NDRF, SDRF और दमकल विभाग लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और निर्माण परियोजनाओं के ऑडिट के आदेश दिए हैं।
कैसे हुआ तारातला वेयरहाउस हादसा?
बुधवार दोपहर करीब 12 बजे ट्रांसपोर्ट डिपो रोड स्थित निर्माणाधीन तीन मंजिला स्टील वेयरहाउस अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय वहां लगभग 50 से 60 मजदूर काम कर रहे थे। देखते ही देखते पूरी इमारत मलबे में बदल गई और कई मजदूर उसके नीचे दब गए।
स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया, जिसके बाद प्रशासन और बचाव एजेंसियां मौके पर पहुंचीं।
सेना और NDRF का युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही NDRF, SDRF, कोलकाता पुलिस, फायर सर्विस और भारतीय सेना की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
रेस्क्यू ऑपरेशन में
- हाई-इंटेंसिटी लाइट्स
- गैस कटर
- हाइड्रोलिक मशीनें
- मेडिकल टीम
- स्निफर डॉग्स
का उपयोग किया गया।
भारी बारिश के बावजूद बचाव अभियान लगातार जारी है। अब तक कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।
मृतकों और घायलों की स्थिति
अब तक
- 11 लोगों की मौत
- 19 से अधिक घायल
- कई मजदूर अब भी लापता
बताए जा रहे हैं।
घायलों का इलाज SSKM अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।
मुख्यमंत्री ने किए बड़े ऐलान
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घटनास्थल का दौरा करते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
मुआवजा
- मृतकों के परिजनों को ₹10 लाख
- घायलों को ₹1 लाख
PMNRF सहायता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घोषणा की—
- मृतकों के परिवार को ₹2 लाख
- घायलों को ₹50 हजार
की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
छह गिरफ्तार, कई पर FIR
कोलकाता पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है।
अब तक
- स्ट्रक्चरल इंजीनियर
- लैंड लीज होल्डर
- लेबर सप्लायर
- आयरन स्ट्रक्चर फैब्रिकेटर
- अप्रूवल से जुड़े ब्रोकर
सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
पूरे कोलकाता में निर्माण कार्यों का ऑडिट
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि
- कोलकाता
- राजारहाट
- सोनारपुर
- महेशतला
- बारुईपुर
सहित कई इलाकों में निर्माणाधीन परियोजनाओं की जांच होगी।
चार सप्ताह तक कई गैर-जरूरी निर्माण कार्य भी स्थगित कर दिए गए हैं।
शुरुआती जांच में क्या सामने आया?
प्रारंभिक जांच के अनुसार हादसे के संभावित कारण हैं—
- स्टील स्ट्रक्चर में डिजाइन संबंधी खामी
- निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल
- सुरक्षा मानकों की अनदेखी
- निर्माण के दौरान निगरानी में लापरवाही
विशेषज्ञ पूरे मामले की तकनीकी जांच कर रहे हैं।
मजदूरों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर देशभर में निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन किया जाता तो इतनी बड़ी जनहानि टाली जा सकती थी।
हेल्पलाइन नंबर
राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए हेल्पलाइन जारी की है।
- 1070
- 8697981070
- 033-22143526
- 033-22535185
निष्कर्ष
कोलकाता के तारातला में हुआ यह हादसा केवल एक निर्माण दुर्घटना नहीं बल्कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी का गंभीर उदाहरण है। राहत एवं बचाव कार्य अभी भी जारी है और जांच एजेंसियां हादसे की असली वजह तलाश रही हैं। उम्मीद है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि कई घायल हैं।
यह दुर्घटना 25 जून 2026 को दोपहर करीब 12 बजे हुई।
भारतीय सेना, NDRF, SDRF, कोलकाता पुलिस और फायर सर्विस संयुक्त रूप से राहत कार्य चला रहे हैं।
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को ₹10 लाख और घायलों को ₹1 लाख देने की घोषणा की है।
राज्य सरकार ने उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है जो पूरे मामले की जांच करेगी।

