मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दी सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सौगात, केंद्र के समान मिलेगा 42% मंहगाई भत्ता
मध्यप्रदेश में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को भी केंद्र के समान 42 फीसदी मंहगाई भत्ता दिया जायेगा। इसी के साथ मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि जनवरी से जून तक का मंहगाई भत्ता एरियर के रूप में 3 समान किस्तों में दिया जायेगा।
बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के अनुसार 42 फीसदी मंहगाई भत्ता जुलाई माह के वेतन में जुड़ कर अगस्त माह में मिलेगा। छठवां वेतनमान प्राप्त कर रहे कर्मचारियों को भत्ते में भी समानुपातिक वृद्धि की जाएगी। सीएम शिवराज घोषणा के अनुसार 1 जुलाई 2023 तक जिन सरकारी कर्मचारियों की सरकारी सेवा के 35 वर्ष पुरे हो गए हैं, उन्हें भी चतुर्थ समयमान वेतन दिया जायेगा। इस साल चुनाव होने से पहले शिवराज सिंह चौहान द्वारा सरकारी कर्मचारियों को दी गयी यह सौगात चुनावों के हिसाब से बहुत अहम मानी जा रही है।
इन कर्मचारियों को मिलेगा चतुर्थ समयमान वेतनमान
शिवराज सिंह चौहान ने कहा जो कर्मचारी छठवां वेतनमान प्राप्त कर रहे हैं। उनके समान मंहगाई भत्ते में समान इजाफा किया जायेगा। हमने 2014 में यह फैसला किया था कि हम अपने कर्मचारियों को तृतीय श्रेणी वेतनमान भी देंगे। जिन्होंने अपनी सरकारी सेवा के 30 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। अब हमने यह फैसला लिया है कि हम अपने कर्मचारियों को चतुर्थ समयमान वेतनमान भी देंगे। जिन्होंने 1 जुलाई 2023 तक अपनी सेवा के 35 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। उन सभी को चतुर्थ समयमान वेतनमान भी दिया जायेगा।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सरकारी कर्मचारियों को दी गयी सौगात का वीडियो सोशल मीडिया पर जम कर वायरल हो रहा है। जिसमे मुख्यमंत्री कहते नजर आ रहे हैं कि हमारी सरकार सदैव से कर्मचारियों की हितैसी सरकार रही है। कर्मचारियों के हितों के लिए हमने अनेकों क्रन्तिकारी फैसले किये हैं। पिछले दिनों हमने घोषणा की थी कि हम कर्मचारियों को केंद्र के समान मंहगाई भत्ता देंगे। इसी तारतम्य में हमने फैसला किया है कि केंद्र के समान 42 फीसदी मंहगाई भत्ता जनवरी माह से देंगे। जनवरी माह से जून माह तक का एरिअल तीन समान किस्तों में देंगे।
