विधायक अब्बास अंसारी को सुप्रीमकोर्ट से दो मामलों में मिली जमानत, लेकिन जेल से बाहर नहीं आ सकते
सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी को सुप्रीमकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अब्बास अंसारी को मनी लॉन्ड्रिंग केस और चित्रकूट जेल में अवैध तरीके से पत्नी से मिलने के मामले में जमानत मिल गयी है। लेकिन गैंगस्टर एक्ट से जुड़े लंबित आरोपों के कारण अभी अब्बास अंसरी जेल से बाहर नहीं निकल पाएंगे। साथ ही सुप्रीमकोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया कि अब्बास अंसारी को चल रही जाँच में भी सहयोग करना चाहिए।
हाईकोर्ट ने जमानत को किया था ख़ारिज
विधायक अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट में जज एमएम सुंदरेश और जज पंकज मिथल की पीठ ने जमानत दी है। इससे पहले सुप्रीमकोर्ट ने ईडी को 14 अगस्त को नोटिस जारी कर इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली अंसारी की अपील पर जवाब मांगा था। जिसमे उसे जमानत देने से इंकार किया गया था। इससे पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 9 मई को अंसारी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। जिसमें रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री का हवाला दिया गया था।
मऊ सीट से विधायक अंसारी अभी कासगंज जेल में
सुप्रीमकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अंसारी के दो कंपनी मेसर्स विकास कंस्ट्रक्शन और मेसर्स आगाज के साथ लेनदेन के संकेत हैं। ईडी ने अंसारी पर आरोप लगाया कि अंसारी ने अपने धन शोधन के लिए इन कंपनियों का इस्तेमाल किया था। ईडी ने पिछले तीन मामलों के आधार पर धन शोधन रोकथाम कानून 2002 के तहत विधायक अब्बास अंसारी पर मामला दर्ज किया था। अब्बास अंसारी उत्तर प्रदेश की मऊ सीट से विधायक हैं और इस समय कासगंज जेल में हैं।
