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ओमान के पास तेल टैंकर पर अमेरिकी कार्रवाई, 3 भारतीय नाविक लापता; भारत ने अमेरिकी राजनयिक को किया तलब

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नई दिल्ली, 11 जून 2026। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ओमान के निकट एक तेल टैंकर पर हुई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। इस घटना में जहाज पर सवार 24 भारतीय नाविकों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि तीन भारतीय अब भी लापता बताए जा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने अमेरिकी दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी को तलब कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

क्या है पूरा मामला?

विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, ओमान के तट से लगभग 20 समुद्री मील दूर स्थित पलाऊ-ध्वज वाले तेल टैंकर Settebello पर अमेरिकी सेना ने कार्रवाई की। जहाज पर कुल 28 क्रू सदस्य मौजूद थे, जिनमें 24 भारतीय नागरिक शामिल थे।

ओमान की नौसेना ने तुरंत राहत एवं बचाव अभियान चलाकर 21 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया। हालांकि तीन भारतीय नाविक अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है।

अमेरिकी सेना ने क्या कहा?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का दावा है कि टैंकर पर ईरानी तेल निर्यात प्रतिबंधों के उल्लंघन का संदेह था। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक जहाज को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन कथित तौर पर निर्देशों का पालन नहीं किया गया।

इसके बाद अमेरिकी विमान ने टैंकर के इंजन रूम को निशाना बनाते हुए सीमित सैन्य कार्रवाई की।

भारत ने जताई कड़ी आपत्ति

भारत के विदेश मंत्रालय ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि व्यावसायिक जहाजों पर इस प्रकार की सैन्य कार्रवाई वैश्विक समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।

सरकार ने अमेरिकी दूतावास के कार्यवाहक वरिष्ठ अधिकारी (Chargé d’Affaires) को तलब कर इस मामले में औपचारिक विरोध दर्ज कराया और पूरी घटना पर स्पष्ट जवाब मांगा।

विदेश मंत्रालय ने सभी पक्षों से संयम बरतने और क्षेत्रीय तनाव कम करने की अपील भी की है।

लापता भारतीय नाविकों की तलाश जारी

सूत्रों के अनुसार, लापता तीनों भारतीय नाविक जहाज के उस हिस्से में मौजूद थे जहां कार्रवाई हुई थी। ओमान की नौसेना, भारतीय दूतावास और स्थानीय एजेंसियां संयुक्त रूप से खोज अभियान चला रही हैं।

हालांकि कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में उनकी मृत्यु की आशंका जताई गई है, लेकिन भारत सरकार ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?

यह घटना भारत के लिए कई कारणों से संवेदनशील मानी जा रही है—

  • हजारों भारतीय नाविक अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर कार्यरत हैं।
  • खाड़ी क्षेत्र भारत की ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख स्रोत है।
  • पश्चिम एशिया में लाखों भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का महत्वपूर्ण मार्ग है।

ईरान-अमेरिका तनाव से जुड़ा है मामला

विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का हिस्सा है। हाल के महीनों में अमेरिका ने ईरानी तेल निर्यात पर निगरानी और प्रतिबंधों को और सख्त किया है, जिसके चलते क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ी हैं।

समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि व्यावसायिक जहाजों पर किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय व्यापार और नौवहन सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।

सरकार ने क्या कदम उठाए?

घटना के बाद भारत सरकार ने कई स्तरों पर कार्रवाई शुरू की है—

  • विदेश मंत्रालय ने संबंधित भारतीय दूतावासों को अलर्ट किया।
  • शिपिंग मंत्रालय भारतीय क्रू वाले जहाजों की स्थिति की समीक्षा कर रहा है।
  • ओमान सरकार के साथ समन्वय बढ़ाया गया है।
  • प्रभावित परिवारों को नियमित जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

क्षेत्रीय और वैश्विक असर

ओमान के पास हुई इस घटना ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। किसी भी प्रकार का सैन्य तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजारों को प्रभावित कर सकता है।

भारत ने सभी पक्षों से बातचीत और कूटनीतिक समाधान के जरिए स्थिति सामान्य करने की अपील की है।

निष्कर्ष

ओमान तट के पास तेल टैंकर पर हुई अमेरिकी कार्रवाई केवल एक समुद्री घटना नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बन चुकी है। तीन भारतीय नाविकों के लापता होने से भारत की चिंता बढ़ गई है। अब सभी की नजरें बचाव अभियान और अमेरिका की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

1. ओमान के पास किस जहाज पर हमला हुआ?

पलाऊ-ध्वज वाले तेल टैंकर Settebello पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की गई।

2. जहाज पर कितने भारतीय नाविक मौजूद थे?

कुल 24 भारतीय नाविक जहाज पर सवार थे।

3. कितने भारतीय नाविक लापता हैं?

अब तक तीन भारतीय नाविक लापता बताए गए हैं।

4. भारत ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?

भारत ने अमेरिकी राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया और स्पष्टीकरण मांगा है।

5. यह मामला इतना महत्वपूर्ण क्यों माना जा रहा है?

क्योंकि यह घटना पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, भारतीय नाविकों की सुरक्षा और वैश्विक तेल आपूर्ति मार्गों से जुड़ी हुई है।

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