PoK में अलग प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और झंडा क्यों? जानिए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की पूरी राजनीतिक व्यवस्था
नई दिल्ली/मुजफ्फराबाद: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK), जिसे पाकिस्तान आधिकारिक रूप से “आज़ाद जम्मू-कश्मीर” (AJK) कहता है, एक बार फिर चर्चा में है। हाल के महीनों में आर्थिक संकट, बिजली दरों में बढ़ोतरी और सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने इस क्षेत्र की राजनीतिक व्यवस्था को सुर्खियों में ला दिया है। कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर PoK में अलग प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, विधानसभा और झंडा क्यों है? क्या यह वास्तव में स्वतंत्र है या सिर्फ एक राजनीतिक व्यवस्था का हिस्सा?
PoK की राजनीतिक व्यवस्था की शुरुआत कैसे हुई?
1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद जम्मू-कश्मीर रियासत को लेकर संघर्ष शुरू हुआ। इसी दौरान पाकिस्तान समर्थित कबायली हमलावरों ने कश्मीर के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया। इसके बाद 24 अक्टूबर 1947 को तथाकथित “आज़ाद जम्मू-कश्मीर” सरकार की स्थापना की गई।
बाद के वर्षों में प्रशासनिक ढांचे में कई बदलाव हुए और 1974 में “आज़ाद जम्मू-कश्मीर अंतरिम संविधान अधिनियम” लागू किया गया। यही दस्तावेज आज भी PoK की राजनीतिक व्यवस्था का आधार माना जाता है।
PoK में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की भूमिका
राष्ट्रपति
PoK का राष्ट्रपति संवैधानिक प्रमुख होता है। उसका चुनाव विधानसभा द्वारा किया जाता है और कार्यकाल पांच वर्ष का होता है। राष्ट्रपति की भूमिका मुख्य रूप से औपचारिक मानी जाती है।
प्रधानमंत्री
PoK का प्रधानमंत्री सरकार का वास्तविक प्रमुख होता है। विधानसभा में बहुमत हासिल करने वाला नेता इस पद पर पहुंचता है और मंत्रिमंडल के साथ प्रशासन चलाता है।
विधानसभा और न्यायिक व्यवस्था
PoK में 49 सदस्यों वाली एकसदनीय विधानसभा है। इनमें अधिकांश सदस्य सीधे चुने जाते हैं, जबकि कुछ सीटें महिलाओं, धार्मिक विद्वानों और अन्य वर्गों के लिए आरक्षित रहती हैं।
इसके अलावा यहां अलग हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग और ऑडिटर जनरल जैसी संस्थाएं भी मौजूद हैं, जो इसे एक अलग प्रशासनिक पहचान देने का प्रयास करती हैं।
AJK काउंसिल: असली ताकत किसके पास?
विशेषज्ञों के अनुसार PoK की सबसे प्रभावशाली संस्था AJK काउंसिल है। इसकी अध्यक्षता पाकिस्तान का प्रधानमंत्री करता है। रक्षा, विदेश नीति, मुद्रा, संचार और कई महत्वपूर्ण विषयों पर अंतिम अधिकार इसी संस्था के पास होता है।
यही कारण है कि कई विश्लेषक PoK की स्वायत्तता को सीमित मानते हैं। उनका कहना है कि प्रमुख नीतिगत फैसले इस्लामाबाद के प्रभाव में लिए जाते हैं।
अलग झंडा क्यों है?
PoK का अपना अलग झंडा है, जिसे 1975 में अपनाया गया था। इस झंडे में हरे रंग, सफेद पट्टियों और चांद-तारे का उपयोग किया गया है। इसे क्षेत्र की अलग पहचान के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
हालांकि पाकिस्तान का राष्ट्रीय झंडा भी सरकारी भवनों पर फहराया जाता है। इसलिए आलोचकों का मानना है कि यह प्रतीकात्मक स्वायत्तता अधिक है, वास्तविक स्वतंत्रता कम।
गिलगित-बाल्टिस्तान से कैसे अलग है PoK?
पाकिस्तान नियंत्रित कश्मीर क्षेत्र को आमतौर पर दो हिस्सों में देखा जाता है—आज़ाद जम्मू-कश्मीर (AJK) और गिलगित-बाल्टिस्तान (GB)।
जहां AJK में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विधानसभा जैसी संरचना मौजूद है, वहीं गिलगित-बाल्टिस्तान में ऐसी पूर्ण राजनीतिक व्यवस्था नहीं है। वहां प्रशासनिक नियंत्रण अपेक्षाकृत अधिक सीधे तौर पर पाकिस्तान के हाथ में माना जाता है।
हाल के विरोध प्रदर्शन क्यों हुए?
पिछले कुछ समय में PoK में महंगाई, बिजली दरों, करों और संसाधनों के दोहन को लेकर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए हैं। कई स्थानों पर आंदोलन हिंसक भी हुए, जिनमें जान-माल का नुकसान हुआ।
इन घटनाओं ने स्थानीय लोगों के असंतोष को उजागर किया है और यह सवाल फिर खड़ा किया है कि क्या PoK की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था लोगों की अपेक्षाओं को पूरा कर पा रही है।
भारत का क्या रुख है?
भारत लगातार यह कहता रहा है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भारतीय क्षेत्र का अभिन्न हिस्सा है। भारत के अनुसार 1947 में जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय के बाद यह पूरा क्षेत्र कानूनी रूप से भारत का हिस्सा है और पाकिस्तान का कब्जा अवैध है।
2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद भारत ने इस मुद्दे पर अपना दावा और अधिक स्पष्ट रूप से दोहराया है।
निष्कर्ष
PoK में अलग प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, विधानसभा और झंडा मौजूद हैं, लेकिन कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महत्वपूर्ण प्रशासनिक और रणनीतिक फैसलों पर पाकिस्तान का प्रभाव बना रहता है। यही वजह है कि इस क्षेत्र की स्वायत्तता को लेकर लगातार बहस होती रहती है। हालिया विरोध प्रदर्शनों ने भी यह संकेत दिया है कि स्थानीय जनता के बीच शासन व्यवस्था को लेकर कई सवाल मौजूद हैं।
PoK का अर्थ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (Pakistan Occupied Kashmir) है, जिसे पाकिस्तान “आज़ाद जम्मू-कश्मीर” कहता है।
हाँ, PoK में एक अलग प्रधानमंत्री होता है जो विधानसभा में बहुमत प्राप्त दल या गठबंधन का नेता होता है।
अलग झंडा क्षेत्र की विशिष्ट राजनीतिक पहचान को दर्शाने के लिए बनाया गया था, हालांकि पाकिस्तान का राष्ट्रीय झंडा भी वहां आधिकारिक रूप से इस्तेमाल होता है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार PoK को सीमित स्वायत्तता प्राप्त है, जबकि कई महत्वपूर्ण विषयों पर पाकिस्तान का प्रभाव बना रहता है।
भारत PoK को अपने अभिन्न क्षेत्र का हिस्सा मानता है और पाकिस्तान के नियंत्रण को अवैध कब्जा बताता है।

