सीजफायर के चंद घंटे बाद ही पाकिस्तान ने तोड़ा वादा, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान में अलर्ट, कई इलाकों में भारी गोलीबारी
भारत और पाकिस्तान के बीच घोषित युद्धविराम के कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान ने एक बार फिर से अपने पुराने रवैये पर लौटते हुए नियंत्रण रेखा (LoC) पर गोलाबारी शुरू कर दी है। जम्मू-कश्मीर के कई सीमावर्ती क्षेत्रों में पाकिस्तानी सेना की ओर से की गई फायरिंग का भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया है।
सीजफायर की घोषणा को महज दिखावा साबित करते हुए पाकिस्तान ने न सिर्फ जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में फायरिंग की, बल्कि सीमावर्ती राजस्थान के जैसलमेर क्षेत्र में भी सुरक्षा को लेकर नया अलर्ट जारी करना पड़ा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए वहां ब्लैकआउट का समय भी बदल दिया गया है।
सीमावर्ती जिलों में पाकिस्तान की नापाक हरकत
पाकिस्तान ने सीजफायर के महज तीन घंटे बाद ही गोलीबारी शुरू कर दी। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर, अखनूर, नौशेरा, पूंछ, राजौरी, मेंढर, सुंदरबनी, आरएस पुरा, अरनिया और कठुआ जैसे इलाकों में पाकिस्तानी सेना ने अचानक फायरिंग शुरू की। इसका उद्देश्य भारतीय चौकियों को नुकसान पहुंचाना और सीमावर्ती गांवों में दहशत फैलाना था।
बीएसएफ और भारतीय सेना के जवानों ने इस उकसावे का तीखा जवाब दिया और पाकिस्तानी ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया। सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है।
जैसलमेर में सुरक्षा के मद्देनज़र बदला गया ब्लैकआउट समय
पाकिस्तान की इस नई हरकत के मद्देनज़र राजस्थान के जैसलमेर में ब्लैकआउट के समय में तत्काल प्रभाव से बदलाव किया गया है। पहले यह रात 11:00 बजे से सुबह 4:00 बजे तक होता था, लेकिन अब यह रात 8:30 बजे से सुबह 6:00 बजे तक लागू रहेगा।
जिला प्रशासन की ओर से निर्देश जारी कर आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे रात के समय घरों से अनावश्यक बाहर न निकलें और रोशनी का उपयोग कम से कम करें। यह निर्णय सुरक्षा कारणों और मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
जनता से सहयोग की अपील
प्रशासन ने कहा है कि मौजूदा माहौल को देखते हुए नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। ब्लैकआउट के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें और सुरक्षा एजेंसियों के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। यह कदम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संभावित खतरे को टालने के लिए उठाया गया है।
पाकिस्तान की भरोसेमंद नीति पर फिर सवाल
सीजफायर की घोषणा के समय पाकिस्तान ने दावा किया था कि वह आगे किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा, लेकिन उसकी हरकतों से एक बार फिर यह साबित हो गया कि उसकी बातों पर भरोसा करना मुश्किल है। भारत ने पाकिस्तान को जवाब देने में कोई देर नहीं की और फायरिंग का तीखा और सटीक जवाब दिया।
क्या होगा अगला कदम?
भारत सरकार ने पाकिस्तान के सीजफायर उल्लंघन को गंभीरता से लिया है और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। खुफिया एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या यह सिर्फ गोलीबारी तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है।
पाकिस्तान की सीजफायर तोड़ने की यह हरकत न सिर्फ उसकी दोहरी नीति को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि वह क्षेत्रीय शांति में बाधक बना हुआ है। भारत ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वह आतंकी गतिविधियों या सैन्य उकसावे पर चुप नहीं बैठेगा। अब देखना होगा कि भारत सरकार इस सीजफायर उल्लंघन के बाद कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर क्या कदम उठाती है।
