पीएम मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से ब्रिक्स सम्मलेन के दौरान हुयी अनौपचारिक बातचीत, पीएम मोदी ने कहा दोनों देशों के संबंधों को सामान्य बनाने के लिए एलऐसी का सम्मान जरूरी
इस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स सम्मलेन के लिए दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर हैं। इस दौरान गुरुवार को जोहन्सबर्ग में पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक दूसरे से बातचीत करते हुए दिखे। दोनों देश के नेताओं के बीच कोई औपचारिक बैठक नहीं हुयी। बल्कि चलते चलते दोनों नेता एकदूसरे से बातचीत करते नजर आये। विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने बताया कि ब्रिक्स से इतर पीएम मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत की। दोनों नेता अपने सम्बंधित अधिकारीयों को शीघ्र तनाव काम करने के प्रयासों को तेज करने के निर्देश देने पर सहमत हुए।
पीएम मोदी ने एलऐसी को लेकर कराया अवगत
विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने बताया कि पीएम मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को एलएसी पर अनसुलझे मुद्दों पर चिंताओं से अवगत कराया। इस दौरान पीएम मोदी ने भारत और चीन के संबंधों को सामान्य बनाने के लिए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाये रखना और एलएसी का सम्मान आवश्यक है। इसके बाद विनय क्वात्रा ने आगे कहा कि पीएम मोदी ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम इंट्रा ब्रिक्स साझेदारी के प्रमुख स्तम्भों में से एक है इस पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने एक महत्वपूर्ण तत्व, लचीली और समावेशी आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने की आवश्यकता के बारे में बात की और इंट्रा-ब्रिक्स देश में आपसी विश्वास और पारदर्शिता के महत्व पर भी चर्चा हुई।
दोनों नेताओं की मुलाकात इससे पहले इंडोनेशिया में हुयी
इससे पहले नवंबर 2022 में दोनों नेताओं की मुलाकात इंडोनेशिया के बाली में हुयी थी। जब इंडोनेशियाई राष्ट्रपति जोको विडोडो की ओर से जी20 रात्रिभोज का आयोजन किया गया था। उस समय भी दोनों नेताओं की मुलाकात अनौपचारिक हुयी थी। तब दोनों नेताओं ने एकदूसरे से हाथ मिला कर अभिवादन किया था। अप्रैल 2020 में पूर्वी लद्दाक में भारतीय सेना और चीनी आर्मी के बीच गतिरोध के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात थी।
दोनों देश के बीच कमांडर स्तरीय वार्ता
भारत और चीन के बीच 13-14 अगस्त को कोर कमांडर लेबल की बातचीत का 19वां दौर आयोजित किया गया। जिसमें पूर्वी लद्दाख के देपसांग और डेमचोक के गतिरोध वाले क्षेत्रों में लंबित मुद्दों को हल करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस उच्च-स्तरीय वार्ता के नए दौर के कुछ दिनों बाद, दोनों सेनाओं के स्थानीय कमांडरों ने देपसांग और डेमचोक में मुद्दों को हल करने के लिए दो अलग-अलग स्थानों पर बैठकें की थी।
