May 19, 2026

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पीएम मोदी की बिहार यात्रा पर प्रशांत किशोर का निशाना – “बिहार के भले के लिए नहीं, वोट के लिए आ रहे हैं”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को बिहार के दौरे पर हैं, जहां वे सीवान में एक कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। उनकी इस यात्रा को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। जन सुराज के संस्थापक और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) ने पीएम मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह दौरा बिहार के विकास या भले के लिए नहीं, बल्कि आगामी चुनावों में बीजेपी और एनडीए को वोट दिलाने के मकसद से किया जा रहा है।

प्रशांत किशोर ने साफ तौर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बिहार आना कोई नई बात नहीं है। वह पहले भी चुनाव के समय बिहार आ चुके हैं और आगे भी आएंगे। लेकिन यह सभी यात्राएं बिहार की जनता के हित में नहीं, बल्कि पार्टी के राजनीतिक लाभ के लिए की जाती हैं।

बिहार सरकार के पैसे से हो रहा है पीएम का कार्यक्रम: पीके

प्रशांत किशोर ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस दौरे का पूरा खर्च बिहार सरकार वहन कर रही है। यानी यह पैसा बिहार के ही लोगों का है, जिसे केंद्र सरकार के प्रचार और राजनीति के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मढ़ौरा में लोकोमोटिव फैक्ट्री की बात करना महज दिखावा है, क्योंकि वह फैक्ट्री पहले से ही मौजूद है।

उन्होंने आगे कहा कि मढ़ौरा एक समय में एक औद्योगिक केंद्र हुआ करता था, जहां चीनी मिल भी थी। आज उस चीनी मिल की हालत खराब है, उस पर बात क्यों नहीं हो रही? बिहार के वास्तविक मुद्दों को नजरअंदाज कर केवल दिखावे की राजनीति की जा रही है।

रोजगार और पलायन पर उठाए सवाल

प्रशांत किशोर ने बिहार में रोजगार और युवाओं के पलायन को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बीते 10-12 वर्षों में बार-बार घोषणाएं तो हुई हैं, लेकिन धरातल पर कुछ खास नहीं बदला। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि आखिर बिहार के युवाओं का पलायन कब रुकेगा?

पीके ने कहा, “क्या बिहार में इतनी फैक्ट्रियां कभी बन पाएंगी कि यहां के युवाओं को बाहर जाकर 10 हजार रुपये की नौकरी करनी न पड़े?” उन्होंने यह भी कहा कि जब तक प्रधानमंत्री गुजरात की तरह बिहार के विकास की बात नहीं करेंगे, तब तक बिहार की जनता उन्हें गंभीरता से नहीं लेगी।

बिहार की जनता की अपेक्षाएं

प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले 15 वर्षों से बिहार की जनता ने प्रधानमंत्री मोदी पर विश्वास कर वोट दिया है। बिहार से 30 से अधिक सांसद केंद्र में भेजे गए हैं। जनता ने यह उम्मीद की थी कि देश के सबसे गरीब और पिछड़े राज्य बिहार की तस्वीर बदलेगी। लेकिन आज भी बिहार के युवाओं को रोजगार के लिए महाराष्ट्र और गुजरात जाना पड़ता है, जहां वे मजदूरी करते हैं।

उन्होंने कहा, “बिहार के लोगों को उम्मीद थी कि यहां भी फैक्ट्रियां लगेंगी, युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा और पलायन की मजबूरी खत्म होगी। लेकिन अब तक कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बिहार यात्रा को लेकर जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे सिर्फ चुनावी राजनीति करार दिया और बिहार के विकास को लेकर केंद्र सरकार की गंभीरता पर सवाल उठाए। पीके ने यह भी कहा कि जब तक प्रधानमंत्री बिहार के वास्तविक मुद्दों पर स्पष्ट और ठोस बात नहीं करेंगे, तब तक जनता उन्हें सिर्फ एक राजनेता की तरह ही देखेगी, न कि एक विकास पुरुष की तरह।

बिहार की जनता अब ठोस काम और नतीजों की उम्मीद कर रही है – सिर्फ नारों से अब बात नहीं बनने वाली।

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