नागपुर में औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन, हिंसा को लेकर सीएम फडणवीस ने दिया बयान
नागपुर महाराष्ट्र में सोमवार 17 मार्च को औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी। इस दौरान दो समुदायों के बीच पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। जिससे कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए और घरों पर भी हमला किया गया। पुलिस पर भी हमला किया गया। जिसमें 31 पुलिसकर्मी घायल हो गए। जिनमें एक की हालत गंभीर है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने नागपुर के कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया है और अब तक 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने हिंसा के दौरान अफवाहों के प्रसार को भी जिम्मेदार ठहराया है, जिससे तनाव बढ़ा है। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गयी है और लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की गई है।
सीएम फडणवीस ने दिया बयान
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि नागपुर में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद अफवाह फैलाई गई कि धार्मिक सामग्री वाली चीजें जला दी गईं। इसके बाद उपद्रवियों ने मुंह पर रूमाल बांधकर विरोध जताया। हमले में 3 डीसीपी स्तर के अधिकारी घायल हुए हैं। एक अधिकारी पर कुल्हाड़ी से हमला हुआ है।
सीएम फडणवीस ने बताया, “यह हिंसक घटना और दंगे पूर्व नियोजित प्रतीत होते हैं। किसी को भी कानून- व्यवस्था अपने हाथ में लेने की इजाज़त नहीं है। पुलिस पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे, सख्त कार्रवाई की जाएगी। छावा फिल्म ने औरंगजेब के खिलाफ लोगों के गुस्से को भड़का दिया है, फिर भी सभी को महाराष्ट्र में शांति बनाए रखनी चाहिए।”
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई शांति भंग करेगा तो जाति और धर्म की परवाह किए बिना कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के ऊपर कोई हमला करेगा तो यह सहन नहीं किया जाएगा। हिंसा में 80-100 लोगों को जमावड़ा था। घटनास्थल पर वाहनों को जलाया गया। एक क्रेन और 2 जेसीबी समेत चार वाहनों में आग लगाई गयी है। कुछ लोगों पर तलवार से हमला हुआ है।

