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वोटर कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने के लिए चुनाव आयोग की बैठक 18 मार्च को, केशव प्रसाद मौर्या ने इसको लेकर दिया बयान

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देश में चुनाव प्रणाली में पारदर्शिता के लिए चुनाव आयोग वोटर आईडी कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने को लेकर विचार कर रही है। इसके लिए 18 मार्च को चुनाव आयोग की एक बैठक होनी है। इसी संदर्भ में यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या का एक बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि विपक्षी दलों ने वोटों की राजनीति के चलते घुसपैठियों को बढ़ावा दिया, जिसकी वजह से देश में बड़ी संख्या में फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं।

चुनाव आयोग के इस फैसले का स्वागत करते हुए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, “भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची को आधार से जोड़ने से फर्जी वोटिंग पर रोक लगेगी और चुनावी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। कांग्रेस, सपा, राजद, तृणमूल कांग्रेस जैसे दलों ने वोट बैंक की राजनीति के लिए बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों तक को फर्जी मतदाता बनवाने का पाप किया इस वजह से देश के हर विधानसभा क्षेत्र में हजारों फर्जी नाम जोड़े गए हैं, जिन्हें जांचकर हटाना बेहद ज़रूरी है !”

विपक्ष द्वारा लगातार लगते रहे हैं चुनाव में गड़बड़ी के आरोप

अब चुनाव आयोग वोटर आईडी कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। इसी सन्दर्भ में 18 मार्च को केंद्रीय गृह सचिव, विधायी विभाग के सचिव और यूआईडीएआई के सीईओ के साथ बैठक होने वाली है। चुनाव आयोग ने यह फैसला उस समय पर लिया जब विपक्ष के द्वारा लगातार चुनाव में गड़बड़ियों को लेकर कई तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी चुनाव में फर्जी वोटिंग को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे, वहीं कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दल भी इसे लेकर सरकार को घेरने में जुटे हैं।  तृणमूल कांग्रेस ने तो पश्चिम बंगाल में वोटर आईडी की डुप्लीकेट एंट्री को लेकर चिंता जाहिर की थी, जिसके बाद चुनाव आयोग ने तीन महीने में डुप्लीकेट वोटर एंट्री हटाने की घोषणा की है।

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