रायपुर में 13.45 किलो गांजा जब्त, 4 आरोपी गिरफ्तार; झांसी के दो अंतर्राज्यीय तस्कर भी पकड़े गए
रायपुर
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की उत्तर जोन टीम ने विशेष अभियान के दौरान तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए 13 किलो 451 ग्राम गांजा बरामद किया है। इस कार्रवाई में दो अंतर्राज्यीय तस्करों सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जब्त किए गए गांजे की अनुमानित कीमत करीब 6.72 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार यह अभियान राजधानी में नशे के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अब पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच की जा रही है।
गुप्त सूचना पर तीन थाना क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी
पुलिस उपायुक्त (उत्तर जोन) मयंक गुर्जर के निर्देशन में गुढ़ियारी, पंडरी और उरला थाना पुलिस की संयुक्त टीमों ने यह कार्रवाई की। पुलिस को पहले से इन तस्करों की गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद तीनों स्थानों पर एक साथ दबिश देकर आरोपियों को गांजा बेचते और परिवहन करते हुए गिरफ्तार किया गया।
झांसी के दो अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार
सबसे बड़ी कार्रवाई गुढ़ियारी थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस ने कबीर चौक ओवरब्रिज के नीचे दो संदिग्ध युवकों को रोककर तलाशी ली।
आरोपियों की पहचान
- आकाश रायकवाड़ (21 वर्ष)
- धीरज रायकवाड़ (20-25 वर्ष)
दोनों उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के निवासी हैं।
इनके कब्जे से 9 किलो 866 ग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 4.93 लाख रुपये बताई गई है।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी झांसी से रायपुर तक नियमित रूप से गांजा सप्लाई करते थे और स्थानीय एजेंटों के माध्यम से इसकी बिक्री कराते थे। पुलिस अब इनके नेटवर्क और सप्लायरों की तलाश में जुटी है।
पंडरी और उरला थाना क्षेत्र में भी कार्रवाई
विशेष अभियान के दौरान पंडरी थाना पुलिस ने दलदल सिवनी इलाके से कमलेश पटेल को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 2 किलो 285 ग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब 1.20 लाख रुपये आंकी गई है।
वहीं उरला थाना पुलिस ने बीरगांव के बुधवारी बाजार क्षेत्र से संतराम निषाद को गिरफ्तार किया। उसके पास से 1 किलो 300 ग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी कीमत लगभग 53 हजार रुपये बताई गई।
NDPS एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
चारों आरोपियों के खिलाफ संबंधित थानों में NDPS एक्ट की धारा 20(B) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि गांजा किस स्रोत से लाया जा रहा था, किन राज्यों से इसकी सप्लाई हो रही थी और रायपुर में इसका पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है।
नशे के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है रायपुर पुलिस
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट पिछले कुछ महीनों से मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवाओं और छात्रों को नशे की गिरफ्तारी से बचाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
अंतर्राज्यीय तस्करी पर रोक लगाने के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय भी बढ़ाया जा रहा है ताकि सप्लाई चेन को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
युवाओं पर बढ़ता नशे का खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि गांजा और अन्य मादक पदार्थों का बढ़ता उपयोग युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के साथ अपराध और सामाजिक असुरक्षा भी बढ़ती है।
ऐसे मामलों में समय पर पुलिस कार्रवाई और आम नागरिकों की सतर्कता दोनों महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पुलिस ने लोगों से की अपील
रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को नशे की तस्करी, बिक्री या अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम या नजदीकी थाने को सूचना दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि गुमनाम सूचना पर भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
रायपुर पुलिस की इस कार्रवाई से नशा तस्करी करने वाले गिरोहों को बड़ा झटका लगा है। 13.45 किलो गांजा की बरामदगी और चार आरोपियों की गिरफ्तारी यह संकेत देती है कि पुलिस अब केवल छोटे तस्करों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि पूरे अंतर्राज्यीय नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

