राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, कहा राजस्थान में संजीवनी घोटाला हुआ जिसकी ईडी से जाँच नहीं कराई
गुरुवार को राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम अशोक गहलोत ने कई अहम मुद्दों पर बात की और साथ ही केंद्र सरकार पर जम कर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने अपने सीएम पद छोड़ने पर भी बयान दिया।
जब अशोक गहलोत से फिर से सीएम बनने पर सवाल किया तो उन्होंने इसका जवाब मजाकिया लहजे में दिया। उन्होंने कहा “कांग्रेस में जो सीएम उम्मीदवार होता है वो नहीं बनता। अपनी सरकार की स्वास्थ्य योजना को गिनाते हुए कहा मैं ये पद छोड़ना चाहता हूं लेकिन ये पद मुझे नहीं छोड़ रहा और छोड़ेगा भी नहीं। कुछ तो बात होगी कि गांधी परिवार मुझ पर विश्वास करता है।”
विधायकों के टिकट कटने पर कहा
विधायकों के टिकट कटने के सवाल पर अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान में कोई एंटी इनकमबेंसी नहीं है। सीएम पर भी कोई आरोप नहीं है। हाँ विधायकों में थोड़ी नाराजगी है, भष्टाचार के आरोप हैं। लेकिन टिकट तब कटते हैं जब कोई विकल्प हो। सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि अचार संहिता लागू होने के बाद भी विपक्षी दलों के खिलाफ छापे मारे जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि जब राहुल गाँधी से ईडी ने पूछताछ की तभी मैंने ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स निदेशक से मिलाने का समय माँगा था। इन संस्थानों की प्रतिष्ठा है। यदि इन संस्थानों पर भरोसा कम हुआ तो देश को नुकसान होगा। अशोक गहलोत ने कहा ईडी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जल्द फैसला होना चाहिए। जहाँ भी चुनाव आते हैं वहां ईडी पहले पहुँचती है। जाँच एजेंसियों की विश्वनीयता कम हो रही है। सही कार्यवाही हो तो स्वागत लेकिन इशारों पर कार्यवाही हो रही है। ईडी वाले कहते हैं कि “हम आधे घंटे में आने वाले हैं, आप देख लीजिए।”सीएम गहलोत ने कहा कि जांच एजेंसियों के अधिकारियों की जिम्मेदारी देश के प्रति होनी चाहिए। यूपीए सरकार के दौरान ईडी ने 10 सालों में 112 छापे मारे और एनडीए के नौ सालों में तीन हजार छापे मारे गए। यूपीए के दौरान 93% चार्जशीट दर्ज हुए जबकि एनडीए के समय केवल 29% चार्जशीट पेश हुए।
संजीवनी घोटाले पर कहा
सीएम अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि राजस्थान में संजीवनी घोटाला हुआ। जिसमे केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत आरोपी हैं। इस मामले की ईडी जाँच नहीं हुयी। सीएम ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम मोदी को मणिपुर जाने का समय नहीं मिला। पीएम भाषण की कला जानते हैं। उन्होंने कहा पीएम मोदी एनसीपी पर सवाल उठाते थे लेकिन अब अजित पवार के नेतृत्व में वो पार्टी बीजेपी में मिल गयी। आरोप लगने के बाद कोई बीजेपी में मिल जाये तो वह वाशिंग मशीन में धुल जाता है। अचार संहिता के बाद छापे मारने की क्या जरूरत है? बाद में भी कार्रवाई हो सकती है। कोई भागा तो नहीं जा रहा। पीएम मोदी और अमित शाह विपक्ष को दुश्मन मानते हैं। वक्त आने पर जनता सबक सिखाएगी।
