एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अगला लोकसभा चुनाव न लड़ने का लिया फैसला, पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने साफ किया अपना रुख
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने फैसला किया है कि वो अगला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसकी जानकारी उन्होंने डिंडोरी लोकसभा सीट की समीक्षा बैठक में कार्यकर्ताओं और नेताओं को दी। एनसीपी नेताओं की बुधवार को लोकसभा सीटों को लेकर समीक्षा बैठक हुयी। इस बैठक में कार्यकर्ताओं ने शरद पवार से माढ़ा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की गुजारिश की थी। पार्टी में हुयी बगावत के बाद शरद पवार पार्टी को मजबूत करने के लिए राज्य के साथ देशभर का दौरा करेंगे। शरद पवार इस समय संसद के उच्च सदन राज्यसभा के सदस्य हैं।
सभी जानते हैं कि इस साल जुलाई में एनसीपी के दो फाड़ हो गए थे। शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने पार्टी में बगावत कर दी थी। इस घटना ने महाराष्ट्र की सियासत को पूरी तरह हिला कर रख दिया था। जिससे शरद पवार के सामने पार्टी को बचाने की बहुत बड़ी चुनौती आकर खड़ी हो गयी थी। जब अजित पवार ने पार्टी और चुनाव चिन्ह के लिए दावा पेश किया तो मामला चुनाव आयोग में पहुंच गया। अभी भी मामला चुनाव आयोग के अधीन है।
महाराष्ट्र में शरद पवार की एनसीपी, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस का गठबंधन है। तीनों दल साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। लोकसभा चुनाव को लेकर सीटों के बंटवारे को जल्द ही अंतिम रूप दे दिया जाएगा। शरद पवार ने बुधवार को कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव के लिए महा विकास आघाड़ी (एमवीए) गठबंधन के सहयोगियों के बीच सीट बंटवारे को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा। ये तीनों दल विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ का भी हिस्सा हैं। पार्टी प्रवक्ता महेश तापसे ने कहा कि पवार ने महाराष्ट्र के सात लोकसभा क्षेत्रों – कोल्हापुर, हातकणंगले, रावेर, बारामती, शिरूर, सातारा और माढा में पार्टी की चुनाव तैयारियों की समीक्षा के लिए यहां एक बैठक की। उन्होंने बताया कि पवार ने बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार की विफलताओं पर प्रकाश डाला और पार्टी कार्यकर्ताओं को इन कमियों को जनता के सामने खुलकर बताने के लिए प्रोत्साहित किया।

