इंडिया गठबंधन में लोकसभा चुनाव से पहले ही दरार, यूपी में सपा और कांग्रेस के बीच जंग, और भी राज्यों में बिखरते नजर आ रहे हैं दल
केंद्र में बीजेपी के विजयी रथ पर लगाम लगाने के लिए 28 विपक्षी दलों ने मिलकर इंडिया गठबंधन की नीम रखी थी। इंडिया गठबंधन के सभी दलों का मकसद 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव को मिलकर लड़ने का और एनडीए की सरकार को केंद्र में फिर से आने से रोकने का था। लेकिन गठबंधन के बनने के कुछ समय बाद ही गठबंधन के कुछ दलों में दरार दिख रही है।
इंडिया गठबंधन के दलों के बीच दरार में सबसे पहला नाम कांग्रेस और सपा का आता है। दोनों ही पार्टिओं में लम्बे समय से जुबानी जंग चल रही है। जब यह दोनों पार्टियां इंडिया गठबंधन में शामिल हुयी तो लगा था कि दोनों के बीच की तकरार ख़त्म होगी। लेकिन दोनों के बीच की तकरार अब भी जारी है। इसकी एक झलक हाल ही में मध्य प्रदेश में तब दिखी, जब कांग्रेस ने यहां की बिजावर विधानसभा सीट से भी अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया, जबकि 2018 के चुनाव में इस सीट पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार ने जीत हासिल की थी। कांग्रेस प्रत्याशी का नाम देखने के बाद अखिलेश यादव और कांग्रेस के बीच फिर जुबानी जंग शुरू हो गई और इसकी चोट इंडिया गठबंधन तक पहुंची।
दरअसल, मध्य प्रदेश में दोनों दलों के बीच गठबंधन की बात बनते बनते बिगड़ गई। इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि “लोकसभा चुनाव के लिए इंडिया गठबंधन के बारे में कांग्रेस को तय करना है कि ये गठबंधन राष्ट्रीय स्तर पर होगा या प्रदेश स्तर पर। अगर अभी प्रदेश स्तर पर गठबंधन नहीं हुआ तो भविष्य में भी ऐसा नहीं होगा।” अखिलेश को जवाब देते हिए उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने कहा, “मध्य प्रदेश का वोटर हाथ का पंजा जानता है, साइकिल को नहीं जानता। वहां कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही चुनावी मुकाबला होता है। उन्होंने कहा कि सपा को तो मध्य प्रदेश में कांग्रेस का समर्थन करना चाहिए।”
दिल्ली में भी दरार
दिल्ली में पिछले एक महीने से कांग्रेस और आप में जुबानी जंग दिखी है। इस जुबानी जंग की शुरुआत लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर हुयी। अगस्त में दिल्ली के कांग्रेस नेताओं ने लोकसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक की थी। इसके बाद कांग्रेस नेता अलका लांबा ने कहा कि कांग्रेस की तीन घंटे से ज्यादा चली बैठक में संगठन की कमियों और लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा हुई। हमें सभी सात सीटों पर मजबूती से काम करने का निर्देश दिया गया है। गठबंधन करना है या नहीं, इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है, लेकिन हमें सातों सीटों पर तैयारी करने को कहा गया है। इस पर आम आदमी पार्टी ने विपक्षी इंडिया गठबंधन पर ही सवाल उठा दिए थे। इस पर आम आदमी पार्टी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी।
पंजाब में भी दरार
पंजाब में वर्तमान में आप की सरकार है। आप ने कांग्रेस को हराकर पंजाब में सरकार बनायी थी। ऐसे में पंजाब कांग्रेस के नेता आप के साथ गठबंधन के मूड में नहीं है। पिछले महीने ही कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने आप के साथ आने से इंकार कर दिया था।
इसी प्रकार और भी राज्यों में इंडिया गठबंधन के दलों के बीच मतभेद हैं। इन राज्यों में हरियाणा, राजस्थान और गुजरात प्रमुख हैं। यहाँ पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच मतभेद है। इन सभी राज्यों में सीट बटवारे को लेकर पेंच फस सकता है।
