राम मंदिर शिलाओं पर वायरल दावा: 1250 सोने-चांदी की शिलाएं गायब? मॉरीशस और हीरे जड़ी शिला को लेकर क्या है सच
अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर एक बड़ा दावा तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि मंदिर निर्माण के दौरान दान में मिली करीब 1250 सोने और चांदी की ‘श्रीराम शिलाएं’ रहस्यमयी तरीके से गायब हो गई हैं। साथ ही मॉरीशस से आई एक विशेष शिला और कथित “हीरे जड़ी शिला” को लेकर भी कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं।
हालांकि, अब तक किसी भी आधिकारिक स्रोत या श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से इन दावों की पुष्टि नहीं की गई है।
क्या है 1250 सोने-चांदी की शिलाएं गायब होने का दावा?
सोशल मीडिया और कुछ वेबसाइटों पर यह दावा फैलाया जा रहा है कि राम मंदिर निर्माण के लिए देश-विदेश से दान में मिली सोने और चांदी की शिलाओं (ईंटों) में से करीब 1250 शिलाओं का कोई रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है।
इन पोस्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि इन शिलाओं की कीमत करोड़ों रुपये है और ऑडिट में भी अनियमितता सामने आई है।
लेकिन हकीकत यह है कि मंदिर ट्रस्ट से जुड़े आधिकारिक सूत्र लगातार यह स्पष्ट करते रहे हैं कि मंदिर को मिला हर प्रकार का दान—चाहे वह नकद हो या धातु—पूरी पारदर्शिता के साथ बैंक लॉकर और सुरक्षित व्यवस्था में रखा जाता है। अब तक किसी भी तरह की चोरी या गड़बड़ी की पुष्टि नहीं हुई है।
मॉरीशस से आई शिला को लेकर क्या है सच?
वायरल दावों में यह भी कहा जा रहा है कि मॉरीशस से आई एक “सबसे कीमती शिला” गायब हो गई है या उसे उचित स्थान नहीं मिला।
असल स्थिति यह है कि मॉरीशस समेत कई देशों से राम मंदिर के लिए प्रतीकात्मक शिलाएं और दान प्राप्त हुए हैं। प्रवासी भारतीय समुदाय की भगवान राम में गहरी आस्था रही है और समय-समय पर वे ऐसे योगदान देते रहे हैं।
हालांकि किसी विशेष शिला के गायब होने या उसकी अनदेखी की कोई आधिकारिक पुष्टि मौजूद नहीं है।
“हीरे जड़ी शिला” का सच क्या है?
एक और वायरल दावा यह है कि राम मंदिर में “हीरे जड़ी शिला” का उपयोग किया गया है या वह शिला सुरक्षित नहीं है।
इस पर स्पष्ट तथ्य यह है कि मंदिर की संरचना में शिलाओं (पत्थरों/ईंटों) में हीरे लगाने जैसी कोई प्रक्रिया नहीं की गई है। हालांकि, कुछ विशेष दान अवश्य प्राप्त हुए हैं, जैसे:
- रामलला के लिए हीरे और नीलम जड़ा मुकुट (जिसकी अनुमानित कीमत करोड़ों में बताई जाती है)
- कर्नाटक से आई तंजौर शैली की विशेष प्रतिमा, जिसमें स्वर्ण और रत्नों का कार्य किया गया है
इन सभी बहुमूल्य वस्तुओं को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत रखा गया है।
क्या यह पूरा मामला फेक न्यूज़ है?
अब तक किसी भी प्रमुख समाचार एजेंसी या मंदिर ट्रस्ट ने 1250 शिलाएं गायब होने या किसी तरह की चोरी की पुष्टि नहीं की है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे दावे अक्सर सोशल मीडिया पर बिना सत्यापन के फैलते हैं और धार्मिक भावनाओं को प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। इसलिए लोगों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा करें।
निष्कर्ष
राम मंदिर से जुड़ा यह पूरा मामला फिलहाल अपुष्ट और सोशल मीडिया आधारित दावा प्रतीत होता है। न तो किसी आधिकारिक जांच एजेंसी और न ही ट्रस्ट की ओर से ऐसी किसी घटना की पुष्टि की गई है। ऐसे में इन दावों को “फेक न्यूज़” या भ्रामक सूचना माना जा रहा है।
नहीं, अब तक इस तरह की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह दावा केवल सोशल मीडिया पर वायरल है।
नहीं, मॉरीशस से आई किसी विशेष शिला के गायब होने की कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
नहीं, मंदिर की शिलाओं में हीरों का उपयोग नहीं किया गया है। हालांकि कुछ दान की गई वस्तुओं में रत्न और स्वर्ण का कार्य जरूर है।
मंदिर को मिला दान बैंक लॉकर और ट्रस्ट की सुरक्षित व्यवस्था में रखा जाता है, जिसकी नियमित ऑडिट प्रक्रिया भी होती है।
रामलला की 51 इंच की मुख्य मूर्ति ‘कृष्ण शिला’ (काले पत्थर) से बनाई गई है, जिसे मैसूर के मूर्तिकार अरुण योगीराज ने तराशा है।

