संजय राउत का बीजेपी और चुनाव आयोग पर हमला, बंगाल-तमिलनाडु चुनाव को बताया लोकतंत्र के लिए अहम
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हो रहे विधानसभा चुनावों को देश के लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया है। गुरुवार, 23 अप्रैल को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इन चुनावों के नतीजे केवल राज्यों की सरकार ही तय नहीं करेंगे, बल्कि यह भी दिखाएंगे कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाएं कितनी मजबूत हैं।
राउत ने पश्चिम बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां बड़ी संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है, जिससे ऐसा माहौल बन गया है कि वोटरों से ज्यादा पुलिस और सुरक्षा कर्मी दिखाई दे रहे हैं। उनके अनुसार, यह स्थिति सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुकूल नहीं है और इससे मतदाताओं पर दबाव बन सकता है।
चुनाव आयोग और बीजेपी पर तंज
संजय राउत ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे पूरा चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी के साथ खड़ा हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें चुनाव आयोग के दफ्तर पर बीजेपी का झंडा दिखाई देता है, जिससे उनकी निष्पक्षता पर संदेह होता है।
राउत ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समर्थन में भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी और केंद्र सरकार ने पूरी कोशिश की कि ममता बनर्जी चुनाव हार जाएं, लेकिन ऐसा होना मुश्किल है। उनके मुताबिक, राज्य की जनता अभी भी ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के साथ खड़ी है।
इसके साथ ही उन्होंने तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी मौजूदा सरकार को जनता का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि एम. के. स्टालिन के नेतृत्व में तमिलनाडु में फिर से बहुमत की सरकार बनेगी।
अमित शाह पर भी साधा निशाना, वोटिंग के आंकड़े जारी
राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें पश्चिम बंगाल की बजाय असम की स्थिति पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय कई नेता बंगाल का दौरा करते हैं, लेकिन उन्हें अपने-अपने राज्यों की समस्याओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में लोगों को अपने तरीके से जीवन जीने की आजादी है और वहां का माहौल सामान्य और खुशहाल है। उनके अनुसार, राज्य में किसी प्रकार का सामाजिक या सांस्कृतिक प्रतिबंध नहीं है।
वहीं, मतदान की बात करें तो पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 152 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। दूसरी ओर, तमिलनाडु में सभी 234 सीटों के लिए एक ही चरण में मतदान हो रहा है। दोपहर 1 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में लगभग 62.18 प्रतिशत और तमिलनाडु में 56.81 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है।
इन चुनावों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और सभी पार्टियां अपनी-अपनी जीत का दावा कर रही हैं। अब सभी की नजरें अंतिम परिणामों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि इन राज्यों में अगली सरकार किसकी बनेगी।
