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शिवसेना (UBT) में बगावत की आहट! 6-7 सांसदों के दिल्ली पहुंचने से बढ़ी उद्धव ठाकरे की मुश्किलें, शिंदे गुट से जुड़ने की चर्चा

उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे की तस्वीर के साथ न्यूज़ ग्राफ़िक, जिसमें शिवसेना (UBT) में बड़े संकट और 6-7 सांसदों के दिल्ली पहुंचने की खबर दी गई है।
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नई दिल्ली/मुंबई, 17 जून 2026: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आता दिखाई दे रहा है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) के भीतर संभावित टूट की खबरों ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी के कई लोकसभा सांसद दिल्ली पहुंच चुके हैं और उनकी महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात होने की संभावना जताई जा रही है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि ये सांसद अलग गुट बनाते हैं तो महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया मोड़ आ सकता है। हालांकि, उद्धव ठाकरे खेमे ने इन अटकलों को पूरी तरह खारिज किया है और पार्टी को एकजुट बताया है।

दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां

जानकारी के मुताबिक, शिवसेना (UBT) के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 से 7 सांसद दिल्ली पहुंचे हैं। इन नेताओं की बैठक एकनाथ शिंदे के बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे के आवास पर होने की चर्चा है। माना जा रहा है कि इस बैठक में आगे की रणनीति पर विचार किया जा सकता है।

सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि बैठक के बाद कुछ सांसद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर अलग गुट की मान्यता की मांग कर सकते हैं। हालांकि, अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

फिर चर्चा में आया ‘ऑपरेशन टाइगर’

साल 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हुए बड़े राजनीतिक विद्रोह ने महाराष्ट्र की सत्ता का समीकरण बदल दिया था। अब एक बार फिर उसी तरह की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

शिंदे समर्थक नेताओं का दावा है कि कई सांसद उनके नेतृत्व में काम करने के इच्छुक हैं। वहीं कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम महाराष्ट्र की राजनीति में एक और बड़े बदलाव की भूमिका तैयार कर सकता है।

उद्धव ठाकरे गुट ने किया खंडन

शिवसेना (UBT) की ओर से इन खबरों को अफवाह बताया गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि भाजपा और शिंदे गुट लगातार विपक्षी दलों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पार्टी पूरी तरह एकजुट है।

उन्होंने दावा किया कि सभी सांसद उद्धव ठाकरे के साथ खड़े हैं और किसी भी प्रकार की टूट की संभावना नहीं है। पार्टी ने अपने सांसदों को दिल्ली में बैठक के लिए निर्देश भी जारी किए हैं।

किन सांसदों के नाम चर्चा में?

मीडिया रिपोर्ट्स में जिन नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं उनमें संजय जाधव, संजय देशमुख, ओमराजे निंबालकर, भानुसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल आष्टीकर और संजय दिना पाटिल शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि इनमें से किसी सांसद ने सार्वजनिक रूप से दल बदलने की पुष्टि नहीं की है।

क्या दो-तिहाई संख्या जुट सकती है?

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यदि 6 या उससे अधिक सांसद किसी अलग गुट में शामिल होते हैं तो यह संख्या दल-बदल कानून के तहत महत्वपूर्ण मानी जा सकती है। इससे उन्हें अयोग्यता से बचाव का कानूनी आधार मिल सकता है।

ऐसी स्थिति में लोकसभा में NDA की संख्या भी बढ़ सकती है, जबकि महाविकास अघाड़ी (MVA) को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

आदित्य ठाकरे की भूमिका भी चर्चा में

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर भी कुछ असंतोष हो सकता है। चर्चा है कि आदित्य ठाकरे की बढ़ती राजनीतिक भूमिका से कुछ नेता असहज महसूस कर रहे हैं। हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने इन दावों को निराधार बताया है।

शिवसेना में फूट का पुराना इतिहास

शिवसेना का राजनीतिक इतिहास कई बड़े विभाजनों का गवाह रहा है। बाल ठाकरे के बाद पार्टी की कमान उद्धव ठाकरे के हाथों में आई, लेकिन 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हुए विद्रोह ने पार्टी को दो हिस्सों में बांट दिया था।

उस दौरान शिंदे गुट को पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह मिला, जबकि उद्धव ठाकरे गुट को नया नाम और नया चुनाव चिन्ह अपनाना पड़ा। अब एक बार फिर पार्टी के भीतर अस्थिरता की खबरें सामने आ रही हैं।

आज की बैठकों पर टिकी नजरें

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि दिल्ली में होने वाली बैठकों के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। यदि सांसदों की ओर से कोई बड़ा फैसला लिया जाता है तो महाराष्ट्र की राजनीति में नया समीकरण बन सकता है।

फिलहाल शिवसेना (UBT) और शिंदे गुट दोनों ही अपने-अपने दावे कर रहे हैं। ऐसे में सभी की निगाहें दिल्ली में होने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

1. शिवसेना (UBT) में कितने सांसदों के बगावत की चर्चा है?

सूत्रों के अनुसार 6 से 7 लोकसभा सांसदों के अलग गुट बनाने की अटकलें लगाई जा रही हैं।

2. क्या सांसद एकनाथ शिंदे से मिलने वाले हैं?

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कुछ सांसद दिल्ली में एकनाथ शिंदे या उनके समर्थकों से मुलाकात कर सकते हैं।

3. उद्धव ठाकरे गुट की प्रतिक्रिया क्या है?

उद्धव ठाकरे गुट ने सभी दावों को खारिज करते हुए पार्टी को पूरी तरह एकजुट बताया है।

4. इस घटनाक्रम का महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?

यदि बड़ी संख्या में सांसद अलग होते हैं तो महाविकास अघाड़ी को नुकसान और NDA को राजनीतिक फायदा मिल सकता है।

5. ‘ऑपरेशन टाइगर’ क्या है?

यह नाम 2022 में हुए एकनाथ शिंदे के विद्रोह से जुड़ी राजनीतिक रणनीति के संदर्भ में इस्तेमाल किया जा रहा है।

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