लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन के लिए बिहार की सीटों का बटवारा आसान नहीं होगा, कट सकता है कई विधायकों का टिकट
विपक्षी गठबंधन इंडिया में शामिल दल आने वाले लोकसभा चुनाव में सीट बटवारे को लेकर किसी भी प्रकार के विवाद का न होने का दावा कर रहे हैं। लेकिन बिहार राज्य में सीटों का बटवारा इतना आसान नहीं दिख रहा है। बिहार की 14 लोकसभा सीटें इस प्रकार की हैं, जहाँ जेडीयू के प्रत्याशियों ने आरजेडी के आठ और कांग्रेस के छः प्रत्याशियों को पिछले चुनाव में सीधे मुकाबले में हराया था। ऐसी स्तिथि में जेडीयू के सांसदों को ही चुनाव मैदान में फिर से उतरा जाये यह मुश्किल लग रहा है। इस स्तिथि में जेडीयू के कई सांसदों का टिकट कटता हुआ नजर आ रहा है। जिससे पार्टी में विधायकों की नाराजगी भी देखने को मिल सकती है।
सीट बटवारे पर नितीश कुमार का दावा
दरअसल पिछले चुनाव की तरह आने वाले चुनाव में परिस्थितियां बिल्कुल बदल चुकी हैं। पिछले चुनाव में जेडीयू एनडीए गठबंधन में शामिल था। लेकिन अब जेडीयू की आरजेडी सहित इंडिया गठबंधन के अन्य दलों के साथ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी है। जबकि पिछले चुनाव में जेडीयू के प्रत्याशी आरजेडी और कांग्रेस के प्रत्याशियों को हराकर लोकसभा में पहुंचे थे। बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने दो दिन पहले सीटों के बटवारे को लेकर दावा किया था कि सीटों के बटवारे में किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। इस महीने सब कुछ तय कर लिया जायेगा।
फिलहाल इंडिया गठबंधन की ड्राइविंग सीट पर बैठे कांग्रेस कम सीट पर राजी हो इस पर भी संशय बना हुआ है। आरजेडी का फिलहाल एक भी सांसद नहीं है, लेकिन वह किसी हाल में जेडीयू से कम सीट पर राजी हो यह भी मुमकिन नहीं दिखता। बता दें कि 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी की नेतृत्व वाले एनडीए में नीतीश कुमार की जेडीयू पार्टी शामिल थी। उस चुनाव में बिहार की 40 सीटों में से 39 पर एनडीए को जीत मिली थी। बीजेपी को 17 सीटें, लोक जनशक्ति पार्टी को 6 सीट, नीतीश कुमार की पार्टी को 16 सीटें और एक सीट कांग्रेस को मिली थी। जबकि इस बार नीतीश कुमार महागठबंधन में चले गए हैं। इससे सीटों का समीकरण पूरा उलझता दिख रहा है।

