G7 Summit 2026: ट्रंप के ‘सेल्फी’ दावे पर जॉर्जिया मेलोनी का पलटवार, इटली ने उठाया बड़ा कूटनीतिक कदम
क्या है ट्रंप और मेलोनी के बीच नया विवाद?
G7 Summit 2026 के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच एक नया विवाद सामने आया है। ट्रंप ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि G7 शिखर सम्मेलन के दौरान मेलोनी ने उनके साथ फोटो खिंचवाने की इच्छा जताई थी और इसके लिए काफी उत्सुक थीं।
ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी। उनके बयान को कई राजनीतिक विश्लेषकों ने सहयोगी देशों के नेताओं के प्रति असामान्य और विवादित टिप्पणी माना।
जॉर्जिया मेलोनी ने दिया करारा जवाब
ट्रंप के बयान के बाद इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ट्रंप का दावा पूरी तरह निराधार और वास्तविकता से परे है।
मेलोनी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इटली एक सम्मानित और संप्रभु राष्ट्र है, जो किसी भी परिस्थिति में किसी के सामने गिड़गिड़ाता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सहयोगी देशों के बीच सम्मानजनक संवाद होना चाहिए।
सोशल मीडिया पर भी दिया जवाब
मेलोनी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो संदेश जारी कर कहा कि उन्हें ट्रंप की टिप्पणी पर आश्चर्य हुआ है। उन्होंने इसे अनावश्यक और कूटनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया।
इटली सरकार ने दिखाई एकजुटता
मेलोनी के समर्थन में इटली सरकार पूरी तरह एकजुट दिखाई दी। विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने अमेरिका का प्रस्तावित आधिकारिक दौरा स्थगित कर दिया।
सरकारी सूत्रों के अनुसार यह फैसला ट्रंप की टिप्पणी के बाद पैदा हुई परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया। हालांकि इटली ने यह भी कहा कि दोनों देशों के संबंध मजबूत बने रहेंगे।
क्या दोनों नेताओं के रिश्तों में आई दरार?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप और मेलोनी के बीच पहले अच्छे संबंध रहे हैं। दोनों नेताओं को दक्षिणपंथी विचारधारा का समर्थक माना जाता रहा है।
लेकिन हाल के महीनों में यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व की स्थिति और वैश्विक व्यापार जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच अलग-अलग दृष्टिकोण देखने को मिले हैं। ऐसे में यह विवाद दोनों नेताओं के रिश्तों में बढ़ती दूरी का संकेत माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?
अमेरिका और इटली NATO के प्रमुख सहयोगी देशों में शामिल हैं। ऐसे में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच सार्वजनिक विवाद वैश्विक कूटनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में सार्वजनिक बयानबाजी किस तरह कूटनीतिक तनाव को बढ़ा सकती है।
वैश्विक मीडिया में क्यों छाया विवाद?
इस विवाद को दुनिया के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह केवल एक कथित ‘सेल्फी’ का मामला नहीं बल्कि राष्ट्रीय सम्मान, कूटनीतिक शिष्टाचार और वैश्विक नेतृत्व की छवि से जुड़ा मुद्दा बन चुका है।
निष्कर्ष
G7 Summit 2026 के बाद शुरू हुआ ट्रंप-मेलोनी विवाद अब अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बन चुका है। ट्रंप के बयान पर मेलोनी की तीखी प्रतिक्रिया और इटली सरकार के कूटनीतिक कदम ने स्पष्ट कर दिया है कि रोम अपनी राष्ट्रीय गरिमा के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करना चाहता।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिका और इटली इस विवाद को किस तरह संभालते हैं और क्या दोनों देशों के संबंधों पर इसका कोई दीर्घकालिक प्रभाव पड़ता है।
G7 Summit 2026 के बाद ट्रंप ने दावा किया कि मेलोनी उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए उत्सुक थीं। इसी बयान को लेकर विवाद शुरू हुआ।
मेलोनी ने ट्रंप के दावे को पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत बताया तथा कहा कि इटली कभी किसी के सामने गिड़गिड़ाता नहीं है।
हाँ, इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने अमेरिका का प्रस्तावित दौरा रद्द कर दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के रणनीतिक संबंध मजबूत हैं, लेकिन यह विवाद अस्थायी कूटनीतिक तनाव बढ़ा सकता है।
उत्तर: G7 Summit 2026 कनाडा के अल्बर्टा प्रांत के कनानास्किस (Kananaskis) में आयोजित हुआ था।

