NEET UG 2026: नागपुर के छात्र को NTA ने गलती से दिया अबूधाबी परीक्षा केंद्र, री-एग्जाम से पहले मचा हड़कंप
री-एग्जाम से पहले NTA की बड़ी चूक
NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा से ठीक पहले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) एक बार फिर विवादों में आ गई है। महाराष्ट्र के नागपुर निवासी 18 वर्षीय छात्र अब्दुल्लाह मोहम्मद तालिब को जारी किए गए एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र भारत के बजाय संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबूधाबी स्थित “Abu Dhabi Indian School” में आवंटित कर दिया गया।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब NEET पेपर लीक विवाद के बाद लाखों छात्र पहले से ही तनाव और अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।
छात्र ने चुना था नागपुर, मिला अबूधाबी सेंटर
छात्र के पिता डॉ. मोहम्मद तालिब के अनुसार, आवेदन फॉर्म भरते समय उन्होंने परीक्षा केंद्र के लिए नागपुर, वर्धा और भंडारा को प्राथमिकता दी थी।
उन्होंने बताया कि मूल परीक्षा में भी उनके बेटे का केंद्र नागपुर में ही था। लेकिन जब री-एग्जाम का एडमिट कार्ड डाउनलोड किया गया तो उसमें परीक्षा केंद्र अबूधाबी दिखाया गया।
परिवार को लगा बड़ा झटका
परिवार के अनुसार छात्र के पास पासपोर्ट तक नहीं है। ऐसे में विदेश जाकर परीक्षा देना पूरी तरह असंभव था।
इस अप्रत्याशित गलती से छात्र मानसिक रूप से परेशान हो गया और परीक्षा की तैयारी पर भी असर पड़ने लगा।
NTA ने माना तकनीकी गड़बड़ी
मामला सामने आने के बाद NTA ने इसे तकनीकी त्रुटि बताया। एजेंसी के अधिकारियों ने कहा कि शिकायत मिलने के तुरंत बाद रिकॉर्ड की जांच की गई और छात्र का परीक्षा केंद्र संशोधित कर नागपुर के एक मेडिकल कॉलेज में आवंटित कर दिया गया।
हालांकि इस घटना ने परीक्षा संचालन की विश्वसनीयता और तकनीकी व्यवस्थाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
NEET 2026 पहले से विवादों में
इस वर्ष NEET UG 2026 परीक्षा कई विवादों का सामना कर चुकी है। पेपर लीक के आरोपों के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए और मामला अदालत तक पहुंचा।
री-एग्जाम की घोषणा के बाद छात्रों को उम्मीद थी कि इस बार प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित होगी। लेकिन अब परीक्षा केंद्र आवंटन में हुई इस गलती ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर भड़का गुस्सा
घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X, Facebook और Instagram पर #NTABlunder तथा #NEETScam जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
कई अभिभावकों और छात्रों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की मांग की।
शिक्षा विशेषज्ञों ने उठाए सवाल
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा केंद्र आवंटन प्रणाली को अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाने की जरूरत है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- छात्रों की प्राथमिकताओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
- विदेशी परीक्षा केंद्र केवल उन्हीं उम्मीदवारों को आवंटित किए जाएं जिन्होंने विदेश विकल्प चुना हो।
- एडमिट कार्ड जारी होने से पहले मल्टी-लेयर वेरिफिकेशन सिस्टम लागू किया जाए।
- तकनीकी त्रुटियों के लिए जवाबदेही तय की जाए।
छात्रों के भरोसे पर असर
पेपर लीक विवाद के बाद पहले ही लाखों छात्र मानसिक दबाव झेल रहे हैं। ऐसे में परीक्षा केंद्र जैसी बुनियादी प्रक्रिया में गलती छात्रों के आत्मविश्वास और परीक्षा प्रणाली पर उनके भरोसे को कमजोर कर सकती है।
अभिभावकों का कहना है कि यदि समय रहते गलती नहीं सुधारी जाती तो छात्र का पूरा वर्ष प्रभावित हो सकता था।
NTA के सामने बड़ी चुनौती
21 जून को आयोजित होने वाली NEET UG 2026 री-एग्जाम पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं। NTA के लिए यह अवसर है कि वह अपनी विश्वसनीयता बहाल करे और छात्रों को निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया का भरोसा दिलाए।
निष्कर्ष
नागपुर के छात्र अब्दुल्लाह मोहम्मद तालिब को गलती से अबूधाबी परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाने की घटना केवल एक तकनीकी त्रुटि नहीं बल्कि परीक्षा प्रबंधन प्रणाली की कमजोरियों को उजागर करने वाला मामला है। हालांकि NTA ने तुरंत सुधार कर दिया, लेकिन इस घटना ने छात्रों और अभिभावकों के मन में कई सवाल छोड़ दिए हैं। आने वाले समय में एजेंसी को ऐसी गलतियों को रोकने के लिए मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था विकसित करनी होगी।
नागपुर के छात्र अब्दुल्लाह मोहम्मद तालिब को गलती से UAE के अबूधाबी स्थित Abu Dhabi Indian School परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया था।
NTA ने इसे तकनीकी गड़बड़ी बताया और शिकायत मिलने के बाद छात्र का केंद्र नागपुर में बदल दिया।
NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी।
छात्रों और अभिभावकों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग की।
हाँ, NTA पहले पेपर लीक, ग्रेस मार्किंग और परीक्षा प्रबंधन से जुड़े कई विवादों का सामना कर चुका है।

