पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: मतगणना के बीच चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर उठे सवाल
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना जारी है, लेकिन इसी बीच चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की नेता सागरिका घोष ने आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सभी 293 सीटों के रुझान सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं, जिससे राजनीतिक माहौल में भ्रम की स्थिति बन रही है। इस मुद्दे ने चुनावी माहौल को और अधिक गरमा दिया है।
चुनाव आयोग पर टीएमसी का आरोप
सागरिका घोष ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग जानबूझकर कई सीटों के रुझान छिपा रहा है। उनके अनुसार, 70 से अधिक सीटों के आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, जो पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मांग की कि आयोग तुरंत सभी सीटों के ताजा रुझान जारी करे, ताकि जनता और राजनीतिक दलों को सही जानकारी मिल सके।
इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। टीएमसी का मानना है कि इस तरह की देरी या जानकारी छिपाने से चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से इस मामले पर अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
शुरुआती रुझानों में बीजेपी को बढ़त
ताजा रुझानों के अनुसार, पश्चिम बंगाल की 293 विधानसभा सीटों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) बड़ी बढ़त बनाती नजर आ रही है। शुरुआती आंकड़ों में बीजेपी लगभग 198 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस करीब 88 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। हालांकि, ये सिर्फ शुरुआती रुझान हैं और अंतिम परिणाम आने तक स्थिति बदल सकती है।
बीजेपी के उम्मीदवार दिलीप घोष ने भरोसा जताया कि उनकी पार्टी इस बार शानदार प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि पिछले 50 वर्षों में राज्य में जो भी पार्टी सत्ता में आई है, उसे 200 से अधिक सीटें मिली हैं और इस बार भी बीजेपी इस आंकड़े को पार करेगी। उनका यह बयान पार्टी के आत्मविश्वास को दर्शाता है।
उम्मीदवारों की प्रतिक्रिया और मतगणना की प्रक्रिया
दूसरी ओर, टीएमसी उम्मीदवारों ने भी अपनी जीत को लेकर भरोसा जताया है। मणिकतला सीट से उम्मीदवार श्रेया पांडे ने कहा कि शुरुआती रुझानों में पीछे रहने के बावजूद उन्हें जीत का पूरा विश्वास है। उन्होंने बताया कि अभी कई राउंड की गिनती बाकी है और अंतिम परिणाम पूरी तरह बदल सकता है।
मतगणना की प्रक्रिया सुबह 8 बजे से शुरू हो चुकी है। सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की जा रही है, जिसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के वोटों की गिनती जारी है। हर राउंड के साथ स्थिति में बदलाव देखने को मिल रहा है, जिससे चुनाव का रोमांच बढ़ गया है।
कुल मिलाकर, जहां एक तरफ चुनाव परिणाम को लेकर उत्सुकता बनी हुई है, वहीं दूसरी तरफ चुनाव आयोग की पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवाल इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक संवेदनशील बना रहे हैं। अब सभी की नजर अंतिम नतीजों और आयोग की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।
