धर्म परिवर्तन कर ईसाई बने हिन्दुओं की सनातन धर्म में वापिसी का अभियान चला रहे हैं बागेश्वर धाम के पं. धीरेन्द्र शास्त्री
पिछले दिनों सागर में चल रही कथा के दौरान पं. धीरेन्द्र शास्त्री ने अपना धर्म परिवर्तन कर चुके बहुत से लोगों की फिर से सनातन धर्म में वापिसी कराई। धर्म परिवर्तन कर चुके लोगों में से अब तक 95 लोगों ने फिर से सनातन धर्म अपना लिया है। बदौना के 60 लोग भी इनमे शामिल हैं।
सनातन धर्म में फिर से वापिस आये लोगों ने बताया कि किस तरह से उन लोगों का धर्म परिवर्तन कराया गया। उन्होंने बताया कि ईसाई समुदाय के लोग उनके गांव में आते थे और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों से मिलते और उन्हें मुफ्त शिक्षा और आर्थिक मदद का लालच देते थे। वे उनसे कहते थे कि तुम ईसाई धर्म को अपना लोगे तो तुम्हारे बच्चों को मुफ्त में शिक्षा दी जाएगी और पैसे भी दिए जायेंगे। वे लोग उन लोगों को फिल्म दिखा कर यह बताते थे कि ईसाई धर्म सनातन धर्म से ऊँचा है।
फिर से सनातन धर्म में वापिसी करने वाले लोगों ने आगे बताया कि जब उन्होंने ईसाई धर्म को अपना लिया तब उनके फादर उन्हें अपने घर पर खाने के लिए आमंत्रण देते थे। उनके लोग आकर बच्चों को पढ़ाते थे। वे कहते थे कि इस धर्म में आपको मुफ्त में शिक्षा दी जाएगी।
ईसाई धर्म अपनाने के बाद लगायी बंदिशे
लोग बताते है कि जब उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया तब ईसाई धर्म के प्रचारकों ने उनके ऊपर बंदिशे लगाना शुरू किया। उन्होंने बताया कि वे लोग अब अपने घर में रखी हिन्दू देवी देवताओं की मूर्ति और तस्वीरों को हटा दें। उनकी पूजा न करें। महिलाएं गले में मंगलसूत्र न पहने और न ही मांग में सिंदूर लगाए। ईसाई धर्म में ये सब वर्जित है।
ईसाई धर्म अपनाने वाले को बपतिस्मा की विधि से बनाया जाता है ईसाई
लोगों ने बताया कि जब उन्होंने अपना धर्म परिवर्तन कर ईसाई धर्म को अपनाया तब उनको बपतिस्मा की प्रक्रिया के द्वारा ईसाई धर्म में परिवर्तित किया गया। क्या है बपतिस्मा ? ईसाई धर्म में बपतिस्मा जल में डुबकी लगाकर किए जाने वाला एक धार्मिक काम है, जिसके द्वारा किसी व्यक्ति को चर्च की सदस्यता दी जाती है। खुद ईसा मसीह का बपतिस्मा किया गया था। पानी में पूरी तरह या आंशिक रूप से डुबोना बपतिस्मा की एक प्रक्रिया है। किसी गैर को इस प्रक्रिया से ईसाई बनाया जाता है।
बागेश्वर धाम के पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने चलाया घर वापिसी अभियान
पंडित धीरेन्द्र शास्त्री अपने सनातन धर्म से भटके लोगों की घर वापिसी का अभियान चला रहे हैं। सागर से पहले उन्होंने छतरपुर में 200 लोगों की सनातन धर्म में वापिसी करायी। इसमें सागर के भी कुछ लोग शामिल थे। तभी से सागर में बागेश्वर धाम से जुड़े लोग सनातन धर्म से भटके लोगो से सम्पर्क कर रहे है। इस दौरान सनातन धर्म वापिस आने इच्छा रखने वाले लोगों से सम्पर्क बनाया जा रहा है। उनकी सहमति जानने के बाद ही ऐसे लोगों की पंडित धीरेंद्र शास्त्री के कथा मंच पर घर वापिसी कराई जा रही है।

