शिक्षक दिवस 2026: राष्ट्रपति मुर्मू 48 उत्कृष्ट शिक्षकों को देंगी राष्ट्रीय पुरस्कार
देशभर में आज यानी 5 सितंबर को शिक्षक दिवस 2026 मनाया जा रहा है। इस खास मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 48 उत्कृष्ट स्कूली शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान करेंगी।
यह सम्मान उन शिक्षकों को दिया जा रहा है, जिन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ छात्रों के सीखने और उनके समग्र विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
शिक्षक दिवस 2026 पर 48 शिक्षकों का सम्मान
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के 48 उत्कृष्ट स्कूली शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान करेंगी। पुरस्कार समारोह नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से हर वर्ष 5 सितंबर को यह राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य ऐसे शिक्षकों को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपने समर्पण और नए तरीकों से स्कूली शिक्षा को बेहतर बनाया है।
पुरस्कार समारोह में प्रत्येक विजेता शिक्षक के उल्लेखनीय कार्यों पर आधारित लघु वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किए जाएंगे। इससे देशभर के सामने इन शिक्षकों के काम और उनकी उपलब्धियों को सामने लाने का अवसर मिलेगा।
किन शिक्षकों को दिया जाता है राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार?
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार केवल लंबे समय तक सेवा देने वाले शिक्षकों तक सीमित नहीं है। इसमें शिक्षण के क्षेत्र में प्रभावी और उल्लेखनीय योगदान को प्रमुख आधार बनाया जाता है।
पुरस्कार का उद्देश्य उन शिक्षकों की पहचान करना है, जिन्होंने छात्रों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला और शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए नए प्रयोग किए।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह सम्मान देश के बेहतरीन शिक्षकों के विशिष्ट योगदान को पहचानने और उनके कार्य को प्रोत्साहित करने के लिए दिया जाता है।
चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चयन प्रक्रिया ऑनलाइन और कई स्तरों पर आयोजित की गई। शिक्षकों के नामांकन के बाद जिला या क्षेत्रीय स्तर की समितियों ने उम्मीदवारों की सूची तैयार की।
इसके बाद चयनित नाम राज्य या संगठन स्तर की समिति तक पहुंचे। अंतिम चरण में स्वतंत्र राष्ट्रीय जूरी ने उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया।
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, चयन प्रक्रिया में विभिन्न चरणों में शॉर्टलिस्ट किए गए शिक्षकों के साथ बातचीत भी की गई। अंतिम नाम स्वतंत्र राष्ट्रीय जूरी की प्रक्रिया के बाद तय किए गए।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य योग्य शिक्षकों की पहचान करना और पुरस्कार चयन में पारदर्शिता बनाए रखना है।
शिक्षा में नवाचार करने वाले शिक्षकों को पहचान
आज की शिक्षा केवल किताबों और परीक्षा तक सीमित नहीं रह गई है। तकनीक, गतिविधि आधारित शिक्षा और वास्तविक जीवन के उदाहरणों के जरिए छात्रों को पढ़ाने की कोशिश लगातार बढ़ रही है।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के कई चयनित शिक्षक भी अपने-अपने स्तर पर ऐसे प्रयोगों के लिए पहचाने गए हैं। उदाहरण के तौर पर बेंगलुरु की जीव विज्ञान शिक्षिका राधा राजेश छात्रों को कठिन विषय समझाने के लिए रोजमर्रा की घटनाओं और तकनीक का इस्तेमाल करती हैं।
इसी तरह लद्दाख क्षेत्र के शिक्षक मोहम्मद मुस्तफा कमाल ने विज्ञान को व्यावहारिक तरीके से समझाने के लिए पुराने सैन्य बंकरों को विज्ञान प्रयोगशाला के रूप में इस्तेमाल किया। उन्होंने कक्षा में मॉक पार्लियामेंट जैसी गतिविधियों के जरिए भी छात्रों को सीखने का अवसर दिया।
इन उदाहरणों से साफ है कि राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार में केवल किताबी पढ़ाई नहीं, बल्कि छात्रों को बेहतर तरीके से सीखने और समझने में मदद करने वाले प्रयासों को भी महत्व दिया जाता है।
शिक्षक दिवस 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है?
भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह दिन देश के महान दार्शनिक, शिक्षाविद और भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है।
डॉ. राधाकृष्णन का शिक्षा और शिक्षकों के प्रति विशेष सम्मान था। जब उनके जन्मदिन को मनाने की बात सामने आई, तो उन्होंने इसे केवल व्यक्तिगत उत्सव के बजाय शिक्षकों के सम्मान के दिन के रूप में मनाने की इच्छा जताई थी।
इसके बाद भारत में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने की परंपरा शुरू हुई। स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में इस दिन शिक्षक-छात्र संबंधों को सम्मान देने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
2026 में कुल कितने शिक्षकों को राष्ट्रीय सम्मान?
शिक्षक दिवस 2026 पर केवल स्कूली शिक्षकों को ही सम्मान नहीं दिया जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उच्च शिक्षा संस्थानों और पॉलिटेक्निक से जुड़े 21 शिक्षकों और फैकल्टी सदस्यों को भी राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करेंगी।
इस तरह शिक्षक दिवस का राष्ट्रीय समारोह स्कूली शिक्षा के साथ उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले शिक्षकों को भी सम्मान देने का अवसर बन रहा है।
उच्च शिक्षा से जुड़े पुरस्कारों में केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों, राज्य विश्वविद्यालयों और पॉलिटेक्निक संस्थानों के शिक्षक शामिल हैं। चयन में शिक्षण, शोध, मार्गदर्शन और नवाचार जैसे क्षेत्रों में योगदान को महत्व दिया गया है।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार का महत्व
एक शिक्षक का काम केवल छात्रों को पाठ्यक्रम पढ़ाना नहीं होता। शिक्षक बच्चों में सोचने, सवाल पूछने, सही निर्णय लेने और समाज के प्रति जिम्मेदार बनने की क्षमता विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार ऐसे ही योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देने का माध्यम है। इससे शिक्षकों को अपने काम में नए प्रयोग करने और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर बदलाव लाने के लिए प्रोत्साहन मिलता है।
शिक्षक दिवस 2026 का यह समारोह इसी भावना को मजबूत करता है कि देश के भविष्य को तैयार करने में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
छात्रों के भविष्य में शिक्षकों की अहम भूमिका
शिक्षा के बदलते दौर में शिक्षक की भूमिका भी तेजी से बदल रही है। डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में छात्रों को केवल जानकारी देना पर्याप्त नहीं है। उन्हें जानकारी का सही इस्तेमाल करना और उसका विश्लेषण करना भी सिखाना जरूरी है।
ऐसे में शिक्षक छात्रों के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किए जा रहे शिक्षकों के प्रयास इस बात का उदाहरण हैं कि बेहतर शिक्षा के लिए रचनात्मक सोच और समर्पण कितना जरूरी है।
निष्कर्ष
शिक्षक दिवस 2026 देश के उन शिक्षकों को सम्मान देने का अवसर है, जिन्होंने अपनी मेहनत, नवाचार और समर्पण से छात्रों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 48 उत्कृष्ट स्कूली शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाना इसी योगदान की राष्ट्रीय पहचान है।
इसके साथ ही उच्च शिक्षा और पॉलिटेक्निक संस्थानों के 21 शिक्षकों को भी राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जा रहा है। यह सम्मान शिक्षा के हर स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के महत्व को रेखांकित करता है।

