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दिल्ली के मंगोलपुरी की जूता फैक्ट्री में भीषण आग, चार मजदूरों की मौत और दो घायल

दिल्ली के मंगोलपुरी की जूता फैक्ट्री में भीषण आग, चार लोगों की मौत - News Critic

राजधानी दिल्ली के मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार रात एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां जूते बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लगने से चार लोगों की मौत हो गई। वहीं, दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव अभियान के दौरान फैक्ट्री के अंदर से छह लोगों को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया। सभी को इलाज के लिए संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि दो का उपचार जारी है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग फैक्ट्री के बेसमेंट में लगी थी। वहां से उठे घने धुएं ने ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे ने औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रात करीब 9:30 बजे मिली आग की सूचना

यह घटना शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 की रात की है। दिल्ली के मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 में स्थित जूता फैक्ट्री में रात करीब 9:30 बजे आग लगने की सूचना मिली।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, फैक्ट्री का पता बी-293/294, मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 बताया गया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। आग बुझाने के लिए दमकल की 20 से अधिक गाड़ियों को लगाया गया।

आग की गंभीरता को देखते हुए बचाव अभियान शुरू किया गया। दमकलकर्मियों ने एक ओर आग पर काबू पाने का प्रयास किया, वहीं दूसरी ओर इमारत में फंसे लोगों को बाहर निकालने पर ध्यान दिया। काफी मशक्कत के बाद छह लोगों को बाहर निकाला गया।

बेसमेंट में लगी आग, ऊपर की मंजिलों तक पहुंचा धुआं

दमकल अधिकारियों के अनुसार, आग सबसे पहले फैक्ट्री के बेसमेंट में लगी थी। इसके बाद इमारत में धुआं फैलने लगा। फैक्ट्री में भारी धुआं भर जाने के कारण अंदर मौजूद लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई।

फायर अधिकारी एडीओ पारस कुमार ने बताया कि यह जूते बनाने और रखने वाली फैक्ट्री थी। बचाव अभियान के दौरान एक व्यक्ति को तीसरी मंजिल की सीढ़ियों से बाहर निकाला गया। वहीं, पांच अन्य लोगों को चौथी मंजिल से रेस्क्यू किया गया।

दमकलकर्मियों ने आग को बेसमेंट तक सीमित रखने का प्रयास किया, ताकि लपटें इमारत के अन्य हिस्सों में न फैलें। अधिकारियों के मुताबिक, आग पर काबू पा लिया गया है। इसके बाद घटनास्थल पर कूलिंग प्रक्रिया भी शुरू की गई।

हालांकि, आग लगने के सटीक कारण की पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसके लिए संबंधित विभागों की जांच जारी है।

छह लोगों को बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया

फैक्ट्री में आग लगने के बाद बचाव दल ने अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए अभियान चलाया। छह लोगों को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया। इसके बाद सभी को संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। अन्य दो घायलों का इलाज जारी है। शुरुआती जानकारी में घने धुएं के कारण लोगों के बेहोश होने की बात सामने आई है।

हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान और अन्य जरूरी जानकारियों को लेकर जांच की जा रही है। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि आग लगने के समय फैक्ट्री में कुल कितने कर्मचारी मौजूद थे।

इस घटना ने वहां काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। औद्योगिक इकाइयों में आग लगने की स्थिति में सुरक्षित बाहर निकलने के रास्ते और जरूरी इंतजाम कितने प्रभावी हैं, यह भी जांच का विषय है।

फैक्ट्री मालिक को पूछताछ के लिए बुलाया गया

हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बाहरी जिले के डीसीपी विक्रम सिंह के अनुसार, आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक को पूछताछ के लिए बुलाया है।

इसके अलावा ठेकेदार और वहां काम करने वाले कर्मचारियों से भी जानकारी ली जा रही है। पुलिस यह जानना चाहती है कि घटना के समय फैक्ट्री में कितने मजदूर मौजूद थे और वहां काम किस तरह चल रहा था।

जांच के दौरान फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था और आग से बचाव के इंतजामों की जानकारी भी जुटाई जा सकती है। हालांकि, अभी किसी व्यक्ति या संस्था को हादसे के लिए जिम्मेदार घोषित नहीं किया गया है।

पुलिस का कहना है कि जांच के तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आग लगने की वास्तविक वजह सामने आने के बाद ही हादसे से जुड़े अन्य सवालों का जवाब मिल सकेगा।

औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

मंगोलपुरी की यह घटना औद्योगिक इकाइयों में अग्नि सुरक्षा के महत्व को एक बार फिर सामने लाती है। फैक्ट्रियों में मशीनों, बिजली के उपकरणों और अन्य सामग्री के बीच आग लगने का खतरा बना रहता है। ऐसे में सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी औद्योगिक इमारत में आग से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए। इनमें फायर अलार्म, अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास और कर्मचारियों को दी जाने वाली सुरक्षा ट्रेनिंग शामिल हैं।

इसके अलावा फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों को यह जानकारी होनी चाहिए कि आपात स्थिति में बाहर निकलने का रास्ता कौन सा है। नियमित रूप से सुरक्षा उपकरणों की जांच भी जरूरी होती है।

घनी आबादी वाले औद्योगिक क्षेत्रों में ऐसी घटनाओं का असर आसपास के लोगों पर भी पड़ सकता है। इसलिए स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की निगरानी भी महत्वपूर्ण है।

हालांकि, मंगोलपुरी हादसे में इन व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति क्या थी, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा।

आगे की जांच में किन बातों पर रहेगा ध्यान?

फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग हादसे के अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रहे हैं। सबसे पहले आग लगने की वजह का पता लगाया जाएगा। इसके साथ ही फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों की संख्या और सुरक्षा इंतजामों की जानकारी जुटाई जाएगी।

जांच में यह भी स्पष्ट करना जरूरी होगा कि आग लगने के बाद लोगों को बाहर निकलने में परेशानी क्यों हुई। बेसमेंट से ऊपरी मंजिलों तक धुआं फैलने की परिस्थितियों को भी समझा जाएगा।

दमकल विभाग की कार्रवाई, बचाव अभियान और आग बुझाने में लगे समय की जानकारी भी जांच का हिस्सा हो सकती है। इन तथ्यों के आधार पर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं।

निष्कर्ष

दिल्ली के मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र में जूता फैक्ट्री में लगी आग ने चार लोगों की जान ले ली, जबकि दो अन्य घायल हो गए। दमकल विभाग ने 20 से अधिक गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया और छह लोगों को बाहर निकाला। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग बेसमेंट में लगी थी और धुएं के कारण ऊपर मौजूद लोग बेहोश हो गए। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक को पूछताछ के लिए बुलाया है। अब जांच से आग लगने की असली वजह और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

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