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राष्ट्रीय एकता दिवस पर अमित शाह ने ‘रन फॉर यूनिटी’ को दिखाई हरी झंडी, हजारों लोगों ने लिया हिस्सा

राष्ट्रीय एकता दिवस: गृह मंत्री अमित शाह ने 'रन फॉर यूनिटी' को दिखाई हरी झंडी - News Critic

देशभर में 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जा रही है। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम का आयोजन मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में किया गया।

इस दौड़ में अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों ने हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और आपसी सद्भाव का संदेश लोगों तक पहुंचाना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इसमें करीब 7,700 लोगों की भागीदारी का अनुमान लगाया गया।

हर साल राष्ट्रीय एकता दिवस पर आयोजित होने वाली यह दौड़ सरदार पटेल के योगदान को याद करने का एक प्रमुख माध्यम बन चुकी है। इस दिन देश के अलग-अलग हिस्सों में भी एकता दौड़, शपथ समारोह और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

मेजर ध्यानचंद स्टेडियम से शुरू हुई दौड़

दिल्ली में ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम से किया गया। गृह मंत्री अमित शाह ने स्टेडियम के गेट नंबर एक से दौड़ को हरी झंडी दिखाई। इसके बाद प्रतिभागियों ने निर्धारित मार्ग पर दौड़ लगाई।

इस आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें युवा, विद्यार्थी, नागरिक और अन्य प्रतिभागी शामिल रहे। कार्यक्रम के जरिए लोगों को राष्ट्रीय एकता के महत्व के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।

दौड़ का मार्ग इंडिया गेट के आसपास के क्षेत्र से होते हुए कर्तव्य पथ की ओर निर्धारित किया गया था। कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने के लिए दिल्ली पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने यातायात और सुरक्षा की व्यवस्थाएं की थीं।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पहले ही यातायात एडवाइजरी जारी की थी। इसके तहत 31 अक्टूबर की सुबह कुछ प्रमुख सड़कों पर आवाजाही नियंत्रित की गई। यह व्यवस्था प्रतिभागियों की सुरक्षा और कार्यक्रम के सुचारु संचालन के लिए की गई थी।

सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर देशभर में आयोजन

सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। आजादी के बाद उन्होंने देश की रियासतों को एकजुट करने में अहम योगदान दिया।

भारत की स्वतंत्रता के समय देश में 560 से अधिक रियासतें थीं। इन रियासतों का भारतीय संघ में विलय एक बड़ी चुनौती थी। सरदार पटेल ने तत्कालीन परिस्थितियों में राजनीतिक और प्रशासनिक प्रयासों के जरिए इस काम को आगे बढ़ाया।

इसी योगदान के कारण उन्हें आधुनिक भारत के एकीकरण का प्रमुख शिल्पकार माना जाता है। उन्हें ‘लौह पुरुष’ के नाम से भी जाना जाता है। उनकी जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने का उद्देश्य देश की एकता और अखंडता के प्रति नागरिकों को जागरूक करना है।

केंद्र सरकार ने वर्ष 2014 में 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की थी। इसके बाद से हर साल इस दिन देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

अमित शाह ने सरदार पटेल के योगदान को किया याद

‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन केवल एक खेल गतिविधि नहीं है। इसके माध्यम से सरदार पटेल के विचारों और देश को एकजुट रखने के उनके प्रयासों को याद किया जाता है।

अमित शाह ने इस अवसर पर सरदार पटेल के योगदान को याद किया। उन्होंने राष्ट्रीय एकता और अखंडता के महत्व पर जोर दिया। इस तरह के आयोजनों में लोगों की भागीदारी के जरिए देश के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया जाता है।

सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के बाद गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। उस समय देश के सामने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और अलग-अलग रियासतों को एक राजनीतिक ढांचे में लाने की चुनौती थी।

उनके प्रयासों ने स्वतंत्र भारत की एकता को मजबूत आधार दिया। यही वजह है कि उनकी जयंती पर आयोजित कार्यक्रमों में राष्ट्रीय एकता और अखंडता को प्रमुख स्थान दिया जाता है।

क्या है रन फॉर यूनिटी का उद्देश्य?

‘रन फॉर यूनिटी’ का मुख्य उद्देश्य लोगों को देश की एकता और अखंडता के प्रति जागरूक करना है। इसके साथ ही यह आयोजन नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली और सामूहिक भागीदारी के लिए भी प्रेरित करता है।

इस कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्य हैं:

  • राष्ट्रीय एकता: देश के अलग-अलग राज्यों और समुदायों के लोगों को एक मंच पर जोड़ना।
  • अखंडता का संदेश: भारत की संप्रभुता और एकता के प्रति नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना।
  • सामाजिक सद्भाव: समाज में आपसी सहयोग, भाईचारे और शांति की भावना को प्रोत्साहित करना।
  • युवाओं की भागीदारी: विद्यार्थियों और युवाओं को देश के इतिहास तथा राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ना।
  • स्वास्थ्य जागरूकता: दौड़ जैसी गतिविधियों के माध्यम से शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देना।

इन उद्देश्यों के कारण यह आयोजन हर साल विभिन्न शहरों में किया जाता है। स्कूल, कॉलेज, सरकारी संस्थान और सामाजिक संगठन भी इसमें भाग लेते हैं।

दिल्ली में यातायात के लिए जारी की गई थी एडवाइजरी

दिल्ली में कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में प्रतिभागियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष व्यवस्था की थी। 31 अक्टूबर की सुबह करीब 3:30 बजे से 9 बजे तक कुछ प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध और बदलाव लागू किए गए।

मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम से शुरू होने वाली दौड़ के कारण इंडिया गेट और सी-हेक्सागन के आसपास यातायात को नियंत्रित किया गया। कई प्रमुख चौराहों पर जरूरत के अनुसार वाहनों की आवाजाही को रोका या दूसरी दिशा में भेजा गया।

पुलिस ने लोगों को कार्यक्रम वाले मार्गों से बचने और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी थी। आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता उपलब्ध रखने की व्यवस्था भी की गई।

इस तरह की व्यवस्था बड़े सार्वजनिक आयोजनों में जरूरी होती है। इससे प्रतिभागियों को सुरक्षित रास्ता मिलता है और आम नागरिकों को भी पहले से अपनी यात्रा की योजना बनाने में मदद मिलती है।

एकता दिवस पर गुजरात में भी आयोजित हुए कार्यक्रम

राष्ट्रीय एकता दिवस का मुख्य राष्ट्रीय आयोजन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। गुजरात के एकता नगर में भी सरदार पटेल की जयंती पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। यहां स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की।

एकता नगर में राष्ट्रीय एकता परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी समारोह का हिस्सा रहे। इन कार्यक्रमों में सुरक्षा बलों और विभिन्न संस्थाओं की भागीदारी रखी गई।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सरदार पटेल के सम्मान में बनाई गई है। यह नर्मदा जिले में स्थित है और दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा के रूप में जानी जाती है। हर साल उनकी जयंती पर यहां बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु पहुंचते हैं।

दिल्ली में अमित शाह की मौजूदगी में आयोजित रन फॉर यूनिटी और गुजरात में हुए कार्यक्रमों ने राष्ट्रीय एकता दिवस के आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया।

निष्कर्ष

राष्ट्रीय एकता दिवस पर गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम से ‘रन फॉर यूनिटी’ को हरी झंडी दिखाई। सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौड़ के जरिए राष्ट्रीय एकता, अखंडता, सामाजिक सद्भाव और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया गया। देशभर में आयोजित कार्यक्रम सरदार पटेल के योगदान को याद करने और नागरिकों को एकजुट रहने की प्रेरणा देने का अवसर बने।

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