राजस्थान पंचायत चुनाव के नतीजे जारी, कई ग्राम पंचायतों में बड़ा उलटफेर
राजस्थान में पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के नतीजे सामने आने के बाद कई ग्राम पंचायतों में नई सरकार बन गई है। प्रदेश के 22 जिलों की 3,626 ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच पदों के लिए शुक्रवार को मतदान कराया गया था। मतदान समाप्त होने के बाद देर रात तक मतगणना चली। इसके बाद अलग-अलग पंचायतों के परिणाम घोषित किए गए।
राजस्थान पंचायत चुनाव परिणाम में कई जगह कड़े मुकाबले देखने को मिले। कुछ प्रत्याशियों ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की, जबकि कई पंचायतों में हार-जीत का अंतर बेहद कम रहा। नागौर जिले की दधवाड़ा ग्राम पंचायत का परिणाम भी चर्चा में रहा। यहां केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की सास सुरज्ञान कंवर ने सरपंच पद पर जीत हासिल की।
इन नतीजों के साथ ही गांवों में नए सरपंच और पंच चुने गए हैं। अब शनिवार को कई क्षेत्रों में उपसरपंच पद के चुनाव की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।
22 जिलों की 3,626 ग्राम पंचायतों में हुई मतगणना
पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में राजस्थान के 22 जिलों की 124 पंचायत समितियों के अंतर्गत आने वाली 3,626 ग्राम पंचायतों में मतदान कराया गया। इन पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए उम्मीदवार मैदान में थे।
सरपंच पद के लिए कुल 21,839 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा। वहीं, 45 ग्राम पंचायतों में सरपंच पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे। शुक्रवार सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान कराया गया।
मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर मतगणना शुरू हुई। देर रात तक अलग-अलग क्षेत्रों से परिणाम आते रहे। कई जगह प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की भीड़ मतगणना केंद्रों के बाहर जुटी रही।
परिणाम घोषित होने के बाद गांवों में कहीं जश्न का माहौल दिखाई दिया, तो कहीं हारने वाले प्रत्याशियों के समर्थकों में निराशा रही। कई पंचायतों में चुनावी मुकाबला इतना करीबी रहा कि अंतिम दौर तक परिणाम को लेकर असमंजस बना रहा।
गजेंद्र सिंह शेखावत की सास सुरज्ञान कंवर बनीं सरपंच
राजस्थान पंचायत चुनाव का एक चर्चित परिणाम नागौर जिले की दधवाड़ा ग्राम पंचायत से सामने आया। यहां केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की सास सुरज्ञान कंवर ने सरपंच पद का चुनाव जीत लिया।
दधवाड़ा ग्राम पंचायत मेड़ता रोड-गोटन पंचायत समिति क्षेत्र के अंतर्गत आती है। सुरज्ञान कंवर ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 737 वोटों के अंतर से हराया। परिणाम घोषित होने के बाद उनकी जीत की चर्चा प्रदेश के राजनीतिक और स्थानीय हलकों में होने लगी।
यह परिणाम इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि चुनाव में केंद्रीय मंत्री के परिवार से जुड़ा नाम सामने आया। हालांकि, पंचायत चुनाव में जीत का आधार स्थानीय मतदाताओं का समर्थन और गांव के स्तर पर उम्मीदवारों की पकड़ होती है।
झुंझुनूं में 15 वोटों से हुआ फैसला
झुंझुनूं जिले के सूरजगढ़ पंचायत समिति क्षेत्र में भी कई ग्राम पंचायतों के नतीजे घोषित हुए। यहां कुछ पंचायतों में बड़े अंतर से जीत दर्ज की गई, जबकि एक स्थान पर मुकाबला बेहद करीबी रहा।
काजड़ा ग्राम पंचायत में विक्रम शर्मा ने भरत नागवान को 860 वोटों से हराया। यह क्षेत्र के बड़े जीत अंतर वाले परिणामों में शामिल रहा।
वहीं, काकोड़ा ग्राम पंचायत में सुशीला ने ममता को केवल 15 वोटों से हराकर सरपंच पद पर जीत हासिल की। इस परिणाम ने दिखाया कि ग्रामीण चुनावों में कुछ वोट भी उम्मीदवारों की किस्मत बदल सकते हैं।
कासनी ग्राम पंचायत में पूजा ने मंजू को 24 वोटों से शिकस्त दी। यहां भी मतगणना के दौरान मुकाबला काफी दिलचस्प बना रहा।
इन नतीजों से साफ हुआ कि पंचायत चुनावों में स्थानीय मुद्दे, व्यक्तिगत संपर्क और गांव के मतदाताओं का समर्थन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अजमेर और डूंगरपुर में भी घोषित हुए कई परिणाम
अजमेर जिले के भिनाय पंचायत समिति क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के परिणाम घोषित किए गए। धातोल से सुरेंद्र रावत, खेड़ी से मेऊ देवी और कराटी से जसराज भील ने जीत दर्ज की।
कनई कला से अमरी, हियालिया से चन्ता और पडांगा से सांवरलाल गुर्जर विजयी घोषित हुए। इसी तरह बगराई से सुप्यार, नांदसी से समता देवी और गुड़ाखुर्द से संपत गर्ग ने सरपंच पद हासिल किया।
डूंगरपुर जिले में भी कई पंचायतों के नतीजे सामने आए। गामड़ी अहाड़ा पंचायत समिति की गेसू का वागा ग्राम पंचायत से चम्पा देवी ने जीत दर्ज की। उन्होंने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी कोकिला को 98 मतों से हराया।
माना तलाई ग्राम पंचायत में संगीता कोटेड सरपंच निर्वाचित हुईं। वहीं, गलंदर ग्राम पंचायत में अनीता रोत ने जीत हासिल की।
इन परिणामों के साथ अलग-अलग जिलों में गांवों की नई नेतृत्व व्यवस्था सामने आने लगी है।
सीकर और खंडेला में भी बदले चुनावी समीकरण
सीकर जिले की पाटन पंचायत समिति क्षेत्र में भी कई ग्राम पंचायतों के नतीजे घोषित हुए। हसामपुर से रामनिवास यादव, डोकन से सुंदेरी देवी और दलपतपुरा से भूपसिंह गुर्जर ने जीत दर्ज की।
इसके अलावा न्योराणा से महेश कुमार गुर्जर, घासीपुरा से भगवती और नारदा से राजबाला मीणा विजयी रहीं। खंडेला पंचायत समिति क्षेत्र में लोहरवाड़ा से रोहिताश सैनी ने 329 मतों से जीत हासिल की।
पटवारी का बास ग्राम पंचायत में मंजू देवी ने 413 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। वहीं, दुल्हेपुरा में सुमन शर्मा ने 604 मतों से चुनाव जीता।
श्रीमाधोपुर क्षेत्र में भी कई उम्मीदवार सरपंच निर्वाचित हुए। यहां अलग-अलग पंचायतों में जीत के अंतर में काफी अंतर देखने को मिला। कुछ उम्मीदवारों ने बड़ी बढ़त बनाई, जबकि कुछ को जीत के लिए आखिरी वोटों तक इंतजार करना पड़ा।
मतदान के दौरान भी सामने आई थीं कई घटनाएं
राजस्थान पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में मतदान के दौरान कुछ स्थानों पर विवाद और अव्यवस्था की घटनाएं भी सामने आई थीं। बाड़मेर, जोधपुर, सीकर, झुंझुनूं और अलवर के कुछ क्षेत्रों में मतदान प्रक्रिया को लेकर शिकायतें हुईं।
जोधपुर में मतदान के दौरान हंगामा करने के आरोप में करीब 50 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इसके अलावा 20 से अधिक वाहन जब्त किए जाने की जानकारी भी सामने आई।
सीकर जिले की एक ग्राम पंचायत में मतदान केंद्र पर विवाद के बाद पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। झुंझुनूं में फर्जी मतदान के आरोपों को लेकर प्रत्याशियों के बीच विवाद हुआ।
अलवर के उमरैन क्षेत्र में बिना सील वाली मतपेटी मिलने के बाद हंगामा हुआ। इन घटनाओं के बावजूद अधिकांश क्षेत्रों में मतदान प्रक्रिया पूरी कराई गई और इसके बाद मतगणना शुरू हुई।
अब उपसरपंच चुनाव पर रहेगी नजर
सरपंच और पंच पदों के परिणाम घोषित होने के बाद अब कई ग्राम पंचायतों में उपसरपंच पद के चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। शनिवार को होने वाले इन चुनावों में नव निर्वाचित वार्ड पंचों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
ग्राम पंचायत के विकास कार्यों, स्थानीय सुविधाओं और प्रशासनिक फैसलों में सरपंच के साथ उपसरपंच की भी भूमिका होती है। ऐसे में पंचायतों में नई टीम के गठन पर ग्रामीणों की नजर बनी हुई है।
नए निर्वाचित प्रतिनिधियों के सामने पेयजल, सड़क, सफाई, नाली, बिजली और सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने जैसी जिम्मेदारियां रहेंगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि चुनाव के बाद गांवों की स्थानीय समस्याओं पर तेजी से काम होगा।
निष्कर्ष
राजस्थान पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के नतीजों ने प्रदेश के कई गांवों की चुनावी तस्वीर बदल दी है। 22 जिलों की 3,626 ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान के बाद देर रात तक परिणाम घोषित किए गए। नागौर में सुरज्ञान कंवर की जीत, झुंझुनूं में 15 वोटों का करीबी मुकाबला और कई पंचायतों में बड़े अंतर से मिली जीत चर्चा में रही। अब उपसरपंच चुनाव के बाद ग्राम पंचायतों की नई टीमें कामकाज संभालेंगी। ग्रामीणों की नजर इस बात पर रहेगी कि नए प्रतिनिधि स्थानीय विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े वादों को कितना पूरा कर पाते हैं।

