ओडिशा में चक्रवाती तूफान का असर, वंदे भारत समेत 9 ट्रेनें रद्द और 14 के बदले रास्ते
ओडिशा में चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से हुई भारी बारिश ने रेल यातायात को प्रभावित कर दिया। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने वंदे भारत एक्सप्रेस समेत नौ ट्रेनों को रद्द कर दिया। इसके अलावा 14 अन्य ट्रेनों के मार्ग बदल दिए गए। इस फैसले से ओडिशा, आंध्र प्रदेश और दूसरे राज्यों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेलवे ने यह कदम रेलवे ट्रैक और पुलों के आसपास पानी का स्तर बढ़ने के बाद उठाया। पूर्वी तट रेलवे के विशाखापत्तनम डिवीजन में इच्छापुरम-जादुपुड़ी रेल सेक्शन पर परिचालन रोकना पड़ा। अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित पुलों पर पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया था।
यह व्यवधान 29 अक्टूबर 2026 को सामने आया। कुछ ट्रेनों को उसी दिन रद्द किया गया, जबकि एक ट्रेन की सेवा 30 अक्टूबर के लिए भी रद्द रही। रेलवे ने स्पष्ट किया कि प्रभावित सेक्शन पर परिचालन तभी शुरू होगा, जब पानी कम हो जाएगा और पुलों को सुरक्षित घोषित कर दिया जाएगा।
गंजाम जिले में भारी बारिश से बढ़ा बहुदा नदी का जलस्तर
चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से ओडिशा के गंजाम जिले में भारी बारिश हुई। कुछ इलाकों में लगभग 550 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण बहुदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। इसके साथ ही बघलाती जलाशय और आसपास के रेलवे पुलों पर पानी का दबाव बढ़ गया।
इच्छापुरम-जादुपुड़ी सेक्शन में रेलवे पुल संख्या 631/01 और 630/01 के ऊपर पानी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगा। ऐसी स्थिति में ट्रेनों का संचालन यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के लिए जोखिम भरा हो सकता था।
रेलवे अधिकारियों ने स्थिति का आकलन करने के बाद प्रभावित हिस्से में ट्रेन परिचालन रोकने का फैसला लिया। इसका असर हावड़ा-चेन्नई रेल मार्ग पर भी पड़ा। यह मार्ग पूर्वी और दक्षिणी भारत के बीच रेल संपर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
वंदे भारत समेत ये 9 ट्रेनें की गईं रद्द
रेलवे की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, कुल नौ ट्रेनों को रद्द किया गया। इनमें भुवनेश्वर और विशाखापत्तनम के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस भी शामिल है।
रद्द की गई प्रमुख ट्रेनों की सूची इस प्रकार है:
- 20841 भुवनेश्वर-विशाखापत्तनम वंदे भारत एक्सप्रेस: 29 अक्टूबर को रद्द।
- 22819 भुवनेश्वर न्यू-विशाखापत्तनम इंटरसिटी एक्सप्रेस: 29 अक्टूबर को रद्द।
- 17015 भुवनेश्वर-सिकंदराबाद विशाखा एक्सप्रेस: चक्रवात की स्थिति के कारण रद्द।
- 58531 ब्रह्मपुर-विशाखापत्तनम पैसेंजर: 29 अक्टूबर को रद्द।
- 58532 विशाखापत्तनम-भुवनेश्वर पैसेंजर: 29 अक्टूबर को रद्द।
- 18525 ब्रह्मपुर-विशाखापत्तनम एक्सप्रेस: 29 अक्टूबर को रद्द।
- 12703 हावड़ा-सिकंदराबाद फलकनुमा एक्सप्रेस: चक्रवात के कारण रद्द।
- 18447 भुवनेश्वर-जगदलपुर हीराखंड एक्सप्रेस: 29 अक्टूबर को रद्द।
- 18448 जगदलपुर-भुवनेश्वर हीराखंड एक्सप्रेस: 30 अक्टूबर को रद्द।
इन ट्रेनों के रद्द होने से रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों के साथ लंबी दूरी के यात्रियों को भी परेशानी हुई। खासकर भुवनेश्वर, विशाखापत्तनम और सिकंदराबाद के बीच यात्रा करने वालों को अपनी यात्रा की योजना बदलनी पड़ी।
14 ट्रेनों के बदले गए मार्ग, जानें कौन से रूट अपनाए गए
नौ ट्रेनों को रद्द करने के साथ रेलवे ने 14 अन्य ट्रेनों को वैकल्पिक रास्तों से चलाने का फैसला किया। इन ट्रेनों को अंगुल, संबलपुर, रायगड़ा, विजयनगरम और टिटलागढ़ जैसे स्टेशनों से होकर गुजारा गया।
प्रमुख डायवर्ट की गई ट्रेनों में शामिल हैं:
- 19022 ब्रह्मपुर-उधना अमृत भारत एक्सप्रेस: अंगुल, संबलपुर, टिटलागढ़ और लखोली के रास्ते।
- 18463 भुवनेश्वर-बेंगलुरु प्रशांति एक्सप्रेस: अंगुल, संबलपुर, रायगड़ा और विजयनगरम के रास्ते।
- 12863 हावड़ा-SMVT बेंगलुरु एक्सप्रेस: अंगुल, संबलपुर, रायगड़ा और विजयनगरम के रास्ते।
- 12254 भागलपुर-यशवंतपुर अंग एक्सप्रेस: वैकल्पिक मार्ग से संचालित।
- 12660 शालीमार-नागरकोइल गुरुदेव एक्सप्रेस: अंगुल और संबलपुर होते हुए।
- 06566 मालदा टाउन-SMVT एक्सप्रेस: कपिलास रोड, अंगुल और संबलपुर के रास्ते।
- 20610 तिरुचिरापल्ली-न्यू जलपाईगुड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस: विजयनगरम, टिटलागढ़ और झारसुगुड़ा के रास्ते।
- 22864 SMVT-हावड़ा एसी एक्सप्रेस: वैकल्पिक मार्ग से संचालित।
- 12704 सिकंदराबाद-हावड़ा फलकनुमा एक्सप्रेस: विजयनगरम, टिटलागढ़, संबलपुर और अंगुल के रास्ते।
- 16523 SMVT-बालुरघाट एक्सप्रेस: वैकल्पिक मार्ग से संचालित।
- 17480 तिरुपति-पुरी एक्सप्रेस: विजयनगरम, संबलपुर और खुर्दा रोड के रास्ते।
- 17016 सिकंदराबाद-भुवनेश्वर विशाखा एक्सप्रेस: विजयनगरम और संबलपुर के रास्ते।
- 12864 SMVT-हावड़ा एक्सप्रेस: विजयनगरम, टिटलागढ़ और झारसुगुड़ा के रास्ते।
- 22606 तिरुनेलवेली-पुरुलिया एक्सप्रेस: वैकल्पिक मार्ग से संचालित।
मार्ग में बदलाव के कारण कुछ यात्रियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है। इसके अलावा ट्रेन के निर्धारित समय में भी बदलाव संभव है। इसलिए यात्रियों के लिए यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जांचना जरूरी है।
रेलवे ने यात्रियों के लिए की भोजन और पानी की व्यवस्था
ट्रेनों के रद्द होने और मार्ग बदलने से कई यात्री अलग-अलग स्टेशनों पर प्रभावित हुए। कुछ यात्रियों को अपनी यात्रा बीच में रोकनी पड़ी। ऐसे यात्रियों की सहायता के लिए पूर्वी तट रेलवे ने अतिरिक्त कर्मचारियों और रेलवे सुरक्षा बल के जवानों को तैनात किया।
रेलवे की ओर से प्रभावित यात्रियों को भोजन और पीने का पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। कर्मचारियों को यात्रियों की शिकायतों का समाधान करने और उन्हें सही जानकारी देने की जिम्मेदारी भी दी गई।
रेलवे ने यात्रियों तक जरूरी सूचनाएं पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया, रेल मदद और नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम यानी NTES का इस्तेमाल किया। यात्रियों को सलाह दी गई कि वे स्टेशन पहुंचने से पहले ट्रेन की स्थिति की पुष्टि कर लें।
ओडिशा के कई जिलों में बारिश और बाढ़ का असर
चक्रवाती तूफान अर्नब का असर केवल रेल सेवाओं तक सीमित नहीं रहा। गंजाम और गजपति जिलों में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनी। कुछ गांवों का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से प्रभावित हुआ।
प्रशासन के अनुसार, कई इलाकों में दो हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए। कुछ स्थानों पर लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नावों की मदद ली गई। जरूरत पड़ने पर फंसे लोगों को हवाई मार्ग से निकालने की तैयारी भी की गई।
लगातार बारिश के कारण बहुदा, ऋषिकुल्या और वंशधारा जैसी नदियों का जलस्तर बढ़ा। कई जगहों पर पानी खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया। इससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और किसानों की परेशानी बढ़ी।
राज्य प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज किए। ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल की टीमों को भी सहायता के लिए लगाया गया।
ट्रेन यात्रा से पहले यात्री जरूर जांचें ताजा स्थिति
रेलवे ने स्पष्ट किया कि प्रभावित रेल सेक्शन में सामान्य परिचालन पानी का स्तर घटने और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही बहाल किया जाएगा। इसलिए यात्रियों को पुरानी समय-सारणी के आधार पर यात्रा शुरू करने से बचना चाहिए।
ट्रेन की ताजा जानकारी के लिए यात्री NTES वेबसाइट या मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा भारतीय रेलवे के आधिकारिक माध्यमों और रेल मदद सेवा से भी जानकारी ली जा सकती है।
यात्रियों को अपनी ट्रेन का नंबर, यात्रा की तारीख और बोर्डिंग स्टेशन डालकर स्थिति जांचनी चाहिए। यदि ट्रेन रद्द है, तो टिकट और रिफंड से संबंधित नियमों की जानकारी भी आधिकारिक रेलवे माध्यम से लेनी चाहिए।
निष्कर्ष
ओडिशा में चक्रवाती तूफान अर्नब और भारी बारिश के कारण रेल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे ने वंदे भारत समेत नौ ट्रेनें रद्द कीं और 14 ट्रेनों के मार्ग बदल दिए। बहुदा नदी और रेलवे पुलों पर पानी का स्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के कारण यह फैसला लिया गया। प्रभावित यात्रियों के लिए भोजन, पानी और सहायता की व्यवस्था भी की गई। यात्रियों को सलाह है कि यात्रा शुरू करने से पहले NTES या रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से अपनी ट्रेन की ताजा स्थिति जरूर जांचें।

