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पीएम मोदी ने एकता नगर को दी ₹426 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

पीएम मोदी ने गुजरात के एकता नगर में ₹400 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण - News Critic

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2026 को गुजरात के एकता नगर में 400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर शुरू की गईं। इनका मुख्य उद्देश्य स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाना और क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।

इन परियोजनाओं की कुल लागत 426.71 करोड़ रुपये बताई गई है। इनमें 23 परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया, जबकि आठ नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। नए होटल, क्रूज, रेनफॉरेस्ट आकर्षण, इको ट्रेल और बेहतर सड़क सुविधाओं से एकता नगर आने वाले पर्यटकों को कई नए विकल्प मिलेंगे।

एकता नगर विकास परियोजनाएं: 426 करोड़ रुपये से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रमों के दौरान एकता नगर में कई विकास कार्यों को जनता को समर्पित किया। कुल 31 परियोजनाओं को इस योजना में शामिल किया गया है। इनमें 23 परियोजनाएं 307.83 करोड़ रुपये की लागत से पूरी की गई हैं। वहीं, आठ नई परियोजनाओं पर लगभग 118.88 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इन योजनाओं में पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय नागरिक सुविधाओं पर भी ध्यान दिया गया है। सीवेज और जल शोधन संयंत्र, नर्मदा घाट का उन्नयन और आधुनिक प्रकाश व्यवस्था जैसे काम क्षेत्र की सुविधाओं को बेहतर बनाएंगे।

एकता नगर में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी स्थित है। यह दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है और देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। ऐसे में आसपास की सुविधाओं का विस्तार पर्यटन अनुभव को बेहतर बनाने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

IRCTC होटल और एकता क्रूज बने आकर्षण का केंद्र

एकता नगर में शुरू की गई परियोजनाओं में पर्यटन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सुविधाएं शामिल हैं। इनमें 50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार IRCTC होटल भी है। इस होटल से यहां आने वाले पर्यटकों को ठहरने के लिए एक नया विकल्प मिलेगा।

इसके अलावा 16 करोड़ रुपये की लागत से एकता क्रूज तैयार किया गया है। नर्मदा क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पर्यटक यहां नदी से जुड़े पर्यटन अनुभव का आनंद ले सकेंगे।

रेनफॉरेस्ट आकर्षण को विकसित करने पर लगभग 14.30 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसका उद्देश्य पर्यटकों को प्रकृति और हरियाली से जुड़ा अनुभव उपलब्ध कराना है। वहीं, 3.67 करोड़ रुपये की लागत से इको ट्रेल भी विकसित की गई है।

इन सुविधाओं के शुरू होने से पर्यटकों के लिए एकता नगर में घूमने और समय बिताने के विकल्प बढ़ेंगे। अब लोग केवल स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आसपास विकसित किए गए नए पर्यटन स्थलों का भी अनुभव ले सकेंगे।

नर्मदा घाट का होगा उन्नयन, सीवेज और जल शोधन की सुविधा

एकता नगर में पर्यटन सुविधाओं के साथ जरूरी नागरिक बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है। परियोजनाओं में सीवेज और जल शोधन संयंत्र शामिल हैं। इन सुविधाओं से क्षेत्र में पानी के प्रबंधन और गंदे पानी के उपचार की व्यवस्था बेहतर बनाने का लक्ष्य है।

नर्मदा घाट का उन्नयन भी प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है। नर्मदा नदी और उसके आसपास के घाट धार्मिक तथा पर्यटन गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। यहां सुविधाओं में सुधार होने से पर्यटकों और स्थानीय लोगों को लाभ मिल सकता है।

इसके अलावा क्षेत्र में फसाड लाइटिंग की व्यवस्था भी विकसित की गई है। इसके जरिए प्रमुख इमारतों और पर्यटन स्थलों को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा। रात के समय पर्यटकों को बेहतर दृश्य अनुभव देने में यह सुविधा उपयोगी हो सकती है।

इन परियोजनाओं का एक उद्देश्य एकता नगर को व्यवस्थित पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करना भी है। बढ़ते पर्यटक दबाव को देखते हुए पानी, सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं का मजबूत होना जरूरी है।

आठ नई परियोजनाओं की रखी गई आधारशिला

प्रधानमंत्री मोदी ने कई ऐसी परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी, जिन पर आने वाले समय में काम किया जाएगा। इन आठ परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 118.88 करोड़ रुपये है।

इनमें सबसे बड़ी परियोजनाओं में गोरा-भद्रा सड़क विकास शामिल है। इस पर लगभग 59.32 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। सड़क के विकास से क्षेत्र में आवागमन बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा 36.58 करोड़ रुपये की लागत से एकीकृत जीरो-वेस्ट स्मार्ट ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना विकसित की जाएगी। इसका उद्देश्य कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन और निपटान की व्यवस्था को मजबूत करना है।

खलवानी ब्रिज के विकास पर लगभग 7.72 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, कैक्टस और बटरफ्लाई गार्डन के एकीकृत विकास के लिए 5.79 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

खलवानी इको टूरिज्म विकास परियोजना पर लगभग 5.15 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा वाघड़िया रोड के चौड़ीकरण और अन्य जरूरी सुविधाओं से जुड़े कार्य भी प्रस्तावित हैं। इन योजनाओं से पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान बनाने और क्षेत्र की सुविधाओं में सुधार करने का लक्ष्य रखा गया है।

जीरो-वेस्ट परियोजना से सफाई व्यवस्था को मिलेगा नया आधार

एकता नगर में पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ कचरा प्रबंधन भी एक महत्वपूर्ण जरूरत बन गया है। पर्यटन स्थलों पर रोजाना बड़ी मात्रा में कचरा निकलता है। ऐसे में उसका सही तरीके से संग्रह, छंटाई और निपटान जरूरी है।

इसी जरूरत को देखते हुए एकीकृत जीरो-वेस्ट स्मार्ट ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना की आधारशिला रखी गई है। इस परियोजना के तहत आधुनिक तकनीक के माध्यम से कचरे के प्रबंधन को बेहतर बनाने का लक्ष्य है।

इससे क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। साथ ही पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण पर पड़ने वाले दबाव को कम करने का प्रयास किया जाएगा।

हालांकि, किसी भी जीरो-वेस्ट व्यवस्था की सफलता उसके नियमित संचालन और स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी पर निर्भर करती है। इसलिए परियोजना का निर्माण पूरा होने के बाद उसका प्रभावी संचालन भी महत्वपूर्ण रहेगा।

राष्ट्रीय एकता दिवस पर सरदार पटेल को दी श्रद्धांजलि

विकास परियोजनाओं का कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया। यह दिन देश के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2026 में उनकी 151वीं जयंती मनाई गई।

प्रधानमंत्री मोदी ने सुबह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचकर सरदार पटेल को पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस अवसर पर एकता परेड का भी आयोजन किया गया।

परेड में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राज्य पुलिस बलों और अन्य सुरक्षा संगठनों के जवानों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विभिन्न राज्यों की भागीदारी भी देखने को मिली।

राष्ट्रीय एकता दिवस का उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति नागरिकों को जागरूक करना है। सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के बाद रियासतों के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसी योगदान के सम्मान में उनकी जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्षेत्र को पर्यटन केंद्र बनाने की योजना

गुजरात का एकता नगर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है। यहां आने वाले पर्यटक प्रतिमा के अलावा सरदार सरोवर बांध और आसपास के प्राकृतिक स्थलों को भी देखने पहुंचते हैं।

पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में पर्यटन से जुड़ी कई सुविधाएं विकसित की गई हैं। अब नई परियोजनाओं के जरिए होटल, क्रूज, इको ट्रेल और अन्य आकर्षणों को जोड़ा जा रहा है।

बेहतर सड़क संपर्क और कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाएं भी इस विस्तार का हिस्सा हैं। इससे पर्यटकों को अधिक व्यवस्थित अनुभव देने के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

पर्यटन का विस्तार होने से होटल, परिवहन, खानपान और स्थानीय कारोबार से जुड़े लोगों को भी अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ परियोजनाओं के संचालन और स्थानीय रोजगार से उनके जुड़ाव पर निर्भर करेगा।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर गुजरात के एकता नगर को 426.71 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इनमें 23 परियोजनाओं का लोकार्पण और आठ नई परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

IRCTC होटल, एकता क्रूज, रेनफॉरेस्ट, इको ट्रेल, नर्मदा घाट का उन्नयन और जीरो-वेस्ट कचरा प्रबंधन जैसी योजनाएं इस विकास कार्यक्रम का हिस्सा हैं। इनसे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्षेत्र में पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं को बढ़ावा देने का लक्ष्य है। अब इन परियोजनाओं का प्रभाव उनके नियमित संचालन और स्थानीय लोगों को मिलने वाले लाभ से तय होगा।

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