महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा पर बड़ी कार्रवाई, पतंजलि घी समेत 9 करोड़ का सामान जब्त
महाराष्ट्र में खाद्य पदार्थों में मिलावट और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने त्योहारी सीजन से पहले विशेष अभियान चलाकर 9.01 करोड़ रुपये से अधिक के खाद्य उत्पाद जब्त किए हैं। इस कार्रवाई में पतंजलि गाय का घी भी शामिल है।
विभाग ने राज्य के सात प्रशासनिक मंडलों में 114 प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान करीब 3.53 लाख किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई। इसके अलावा, गंभीर स्वच्छता संबंधी कमियां मिलने पर 19 खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस और पंजीकरण निलंबित किए गए हैं। विभाग ने अलग से प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के खिलाफ भी कार्रवाई की है।
महाराष्ट्र खाद्य सुरक्षा कार्रवाई में 9.01 करोड़ का सामान जब्त
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने त्योहारी सीजन को देखते हुए राज्यभर में विशेष जांच अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, भंडारण और स्वच्छता से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना था।
FDA के अनुसार, सात प्रशासनिक मंडलों में कुल 114 प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इस दौरान लगभग 3,53,307 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त हुई। इसकी कुल कीमत 9,01,22,002 रुपये बताई गई है।
जब्त किए गए सामान में खाद्य तेल, घी, मसाले, चावल, दालें, गुड़, आटा, दूध से बने उत्पाद, मिठाइयां, नमकीन, सूखे मेवे और बेकरी उत्पाद शामिल हैं।
जांच के दौरान अधिकारियों ने कई जगहों पर खाद्य पदार्थों के रखरखाव में कमियां पाईं। कुछ प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी। विभाग ने नियमों के उल्लंघन पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की।
पतंजलि के 2,279.7 लीटर गाय के घी पर कार्रवाई
इस अभियान में सबसे चर्चित कार्रवाई छत्रपति संभाजीनगर में हुई। यहां FDA ने पतंजलि आयुर्वेद के सुपर डिस्ट्रीब्यूटर मेसर्स दिव्य महावितरक से 2,279.7 लीटर गाय का घी जब्त किया।
विभाग के अनुसार, जब्त घी की कीमत लगभग 20.20 लाख रुपये है। अधिकारियों ने गलत ब्रांडिंग और मिलावट के संदेह में यह कार्रवाई की। शुरुआती जांच में संबंधित स्टॉक को खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के विपरीत पाया गया।
FDA ने घी की कुल 4,032 इकाइयां जब्त कीं। इनमें 2,998 इकाइयों में 1,349.1 लीटर घी था। इसकी कीमत लगभग 12.29 लाख रुपये बताई गई। वहीं, बाकी 1,034 इकाइयों में 930.6 लीटर घी था, जिसकी कीमत करीब 7.91 लाख रुपये थी।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि कार्रवाई पतंजलि के सुपर डिस्ट्रीब्यूटर के स्टॉक पर की गई है। विभाग ने गलत ब्रांडिंग और मिलावट का संदेह जताया है। अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
19 खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस और पंजीकरण निलंबित
FDA ने जांच के दौरान गंभीर कमियां मिलने पर 19 खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस या पंजीकरण निलंबित किए हैं। इनमें नमकीन, मिठाई और मसालों का निर्माण करने वाली इकाइयां शामिल हैं।
ये कार्रवाई मुंबई, अमरावती और छत्रपति संभाजीनगर मंडलों के प्रतिष्ठानों पर की गई। अधिकारियों को कई जगहों पर खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन नहीं मिला।
जांच में सामने आई प्रमुख कमियां इस प्रकार थीं:
- खाद्य पदार्थों को अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार करना।
- खाने-पीने की सामग्री का गलत तरीके से भंडारण।
- कीटों से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं होना।
- सफाई और सैनिटाइजेशन का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होना।
- जरूरी दस्तावेज और कर्मचारियों के स्वास्थ्य संबंधी प्रमाणपत्रों की कमी।
- खाद्य सुरक्षा के निर्धारित मानकों का पालन नहीं करना।
विभाग ने इन कमियों को गंभीर मानते हुए संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की है। कारोबारियों को नियमों के अनुसार जरूरी सुधार करने होंगे।
भिवंडी में 1.44 लाख किलो खाद्य तेल जब्त
महाराष्ट्र में हुई इस कार्रवाई के दौरान सबसे बड़ी खेप ठाणे जिले के भिवंडी से जब्त की गई। यहां FDA ने एवेन्यू सुपरमार्ट्स लिमिटेड से अलग-अलग ब्रांड का 1,44,218 किलोग्राम खाद्य तेल जब्त किया।
इसके अलावा, सतारा में अमीन ट्रेडर्स से 20,560 किलोग्राम चावल, दालें, गुड़ और अन्य खाद्य पदार्थ जब्त किए गए। पुणे मंडल में सतारा की स्वाति ऑयल मिल्स और सोलापुर के एसजी ट्रेडर्स से भी खाद्य तेल जब्त किया गया।
इस अभियान में खाद्य तेल की गुणवत्ता और भंडारण व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों में रखे स्टॉक की जांच की। नियमों में कमी मिलने पर खाद्य सामग्री को जब्त किया गया।
प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों पर अलग से कार्रवाई, 16 गिरफ्तार
FDA ने प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों की बिक्री के खिलाफ भी अलग अभियान चलाया। यह कार्रवाई 28 से 31 अक्टूबर 2026 के बीच की गई।
विभाग के मुताबिक, इस दौरान 17 प्रतिष्ठानों से 79.40 लाख रुपये के प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ जब्त किए गए। कार्रवाई के दौरान 13 FIR दर्ज की गईं और 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इसके अलावा, सात प्रतिष्ठानों को सील किया गया और छह वाहन भी जब्त किए गए। इन कार्रवाइयों का उद्देश्य प्रतिबंधित खाद्य सामग्री की बिक्री और वितरण पर रोक लगाना था।
विभाग ने बताया कि कोंकण मंडल में प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों की सबसे अधिक कीमत की खेप जब्त हुई। यहां जब्त सामान का मूल्य लगभग 43.09 लाख रुपये था।
यह कार्रवाई सामान्य खाद्य सुरक्षा निरीक्षण से अलग थी। इसलिए 9.01 करोड़ रुपये की कुल जब्ती और 79.40 लाख रुपये के प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों की कार्रवाई को अलग-अलग आंकड़ों के रूप में समझना जरूरी है।
होटल और रेस्टोरेंट की जांच में मिलीं कमियां
FDA ने खाद्य निर्माण इकाइयों के साथ होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों की भी जांच की। नासिक, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर मंडलों में कुल 34 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।
इनमें खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी कमियां मिलने पर 29 प्रतिष्ठानों को सुधार के नोटिस जारी किए गए। विभाग ने कारोबारियों को साफ-सफाई, खाद्य भंडारण और जरूरी रिकॉर्ड से जुड़े नियमों का पालन करने के निर्देश दिए।
त्योहारी सीजन में मिठाई, नमकीन और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षित रखरखाव बेहद जरूरी हो जाता है। इसलिए विभाग ने बाजार में बिकने वाले उत्पादों की जांच तेज की है।
ग्राहकों को खाद्य पदार्थ खरीदते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए?
FDA ने उपभोक्ताओं से खाद्य सामग्री खरीदते समय सतर्क रहने की अपील की है। विभाग के अनुसार, लोगों को केवल लाइसेंस प्राप्त दुकानों और पंजीकृत कारोबारियों से सामान खरीदना चाहिए।
पैक्ड खाद्य पदार्थ लेते समय पैकेट पर दी गई जानकारी जरूर देखनी चाहिए। खासकर निर्माण की तारीख, बैच नंबर, एक्सपायरी या बेस्ट बिफोर तारीख और FSSAI लाइसेंस नंबर की जांच करनी चाहिए।
खुले या बिना लेबल वाले खाद्य पदार्थ खरीदने से बचना चाहिए। पैकेट की सील टूटी होने या सामान की गुणवत्ता पर संदेह होने पर उसे नहीं खरीदना चाहिए।
अगर किसी उत्पाद में मिलावट या खराब गुणवत्ता का संदेह हो, तो संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत की जा सकती है। इससे अधिकारियों को ऐसे मामलों की जांच करने में मदद मिलती है।
निष्कर्ष
महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा विभाग ने त्योहारी सीजन से पहले मिलावट और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। इस दौरान 114 प्रतिष्ठानों से 9.01 करोड़ रुपये से अधिक के खाद्य उत्पाद जब्त किए गए। कार्रवाई में पतंजलि के सुपर डिस्ट्रीब्यूटर से 2,279.7 लीटर गाय का घी भी जब्त हुआ।
इसके अलावा, 19 खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस या पंजीकरण निलंबित किए गए। प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के खिलाफ अलग कार्रवाई में 16 लोगों की गिरफ्तारी और सात प्रतिष्ठानों को सील करने की जानकारी सामने आई है।
अब इस मामले में आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। वहीं, उपभोक्ताओं को भी खाद्य सामग्री खरीदते समय पैकेट, लेबल और गुणवत्ता की जांच करनी चाहिए।

