पाकिस्तान में पोलियो टीम की सुरक्षा में तैनात 2 पुलिसकर्मियों की हत्या, 4 वैक्सीनेटरों का अपहरण
पाकिस्तान में पोलियो टीकाकरण अभियान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में अलग-अलग घटनाओं में दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वहीं, चार पोलियो वैक्सीनेटरों का अपहरण कर लिया गया है। इन घटनाओं के बाद इलाके में सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, पहली घटना मोहम्मंद जिले में हुई। यहां पोलियो टीम को सुरक्षा देने जा रहे पुलिसकर्मियों पर मोटरसाइकिल सवार हथियारबंद हमलावरों ने गोलीबारी की। इस हमले में दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हुआ। दूसरी घटना टैंक जिले में हुई, जहां चार स्वास्थ्यकर्मियों को अगवा कर अज्ञात स्थान पर ले जाया गया।
पाकिस्तान में पोलियो टीम पर हमला: मोहम्मंद में दो पुलिसकर्मियों की हत्या
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मोहम्मंद जिले में मंगलवार को पुलिसकर्मियों पर हमला हुआ। ये पुलिसकर्मी पोलियो टीकाकरण अभियान में शामिल स्वास्थ्यकर्मियों को सुरक्षा देने के लिए जा रहे थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हमला पिंडियाली तहसील के दाग तमांजई इलाके में हाशिम कोर पुलिस चेकपोस्ट के पास हुआ। मोटरसाइकिल पर सवार अज्ञात हमलावरों ने पुलिस टीम पर अचानक गोलियां चला दीं।
हमले में दो पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई। एक अन्य पुलिसकर्मी गोली लगने से घायल हुआ। मृतकों की पहचान कांस्टेबल जहूर खान और अरबी खान के रूप में हुई है। घायल पुलिसकर्मी का नाम सिपाही साबिर खान बताया गया है।
घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया है। फिलहाल किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
टैंक जिले में चार पोलियो वैक्सीनेटरों का अपहरण
पुलिसकर्मियों पर हमले के अलावा खैबर पख्तूनख्वा के टैंक जिले में भी गंभीर घटना सामने आई है। यहां सोमवार को चार पोलियो स्वास्थ्यकर्मियों को हथियारबंद लोगों ने अगवा कर लिया।
जानकारी के अनुसार, यह घटना टैंक जिले के जियोस गांव में हुई। हथियारबंद लोगों ने पहले गोलीबारी की और फिर पोलियो अभियान से जुड़े चार कर्मचारियों को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद उन्हें अज्ञात स्थान पर ले जाया गया।
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अपहृत कर्मचारियों में एक यूनियन काउंसिल मेडिकल अधिकारी, एक एरिया इंचार्ज और दो पोलियो वर्कर शामिल हैं। हालांकि, उनकी मौजूदा स्थिति और ठिकाने को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा बलों को भी कर्मचारियों की सुरक्षित बरामदगी के प्रयासों में लगाया गया है। अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपहृत लोगों का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित वापस लाना है।
खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर ने दिए कार्रवाई के निर्देश
दोनों घटनाओं के बाद खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने चिंता जताई है। उन्होंने पुलिसकर्मियों की मौत पर दुख व्यक्त किया और अपहृत स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षित वापसी की अपील की।
गवर्नर ने संबंधित अधिकारियों को कर्मचारियों की तलाश के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पोलियो टीम के सदस्य बच्चों को बीमारी से बचाने के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं।
उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों और उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को निशाना बनाए जाने की निंदा की। गवर्नर के मुताबिक, टीकाकरण अभियान में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने भी पुलिसकर्मियों पर हुए हमले की निंदा की। उन्होंने मृतक जवानों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और हमलावरों को कानून के दायरे में लाने की बात कही।
पाकिस्तान में पोलियो अभियान के दौरान क्यों बढ़ता है खतरा?
पाकिस्तान में पोलियो टीकाकरण टीमों को लंबे समय से सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान जैसे क्षेत्रों में स्वास्थ्यकर्मियों और उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर हमले होते रहे हैं।
कुछ उग्रवादी संगठन पोलियो टीकाकरण को लेकर गलत जानकारी फैलाते हैं। वे इसे विदेशी साजिश बताकर लोगों को अभियान से दूर रहने के लिए उकसाते हैं। ऐसी अफवाहों के कारण कई इलाकों में स्वास्थ्यकर्मियों के लिए काम करना मुश्किल हो जाता है।
इन हमलों का असर केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रहता। इससे बच्चों तक वैक्सीन पहुंचाने का काम भी प्रभावित हो सकता है। कई परिवार डर के कारण टीकाकरण टीमों से दूरी बना लेते हैं।
पोलियो एक संक्रामक बीमारी है। यह मुख्य रूप से छोटे बच्चों को प्रभावित करती है और गंभीर मामलों में स्थायी लकवा पैदा कर सकती है। इससे बचाव के लिए बच्चों को समय पर पोलियो की खुराक देना जरूरी है।
पाकिस्तान में 24 मिलियन बच्चों को वैक्सीन देने का लक्ष्य
पाकिस्तान में इन घटनाओं के बीच पोलियो टीकाकरण अभियान भी चल रहा है। इस अभियान के तहत देश के करीब 97 उच्च जोखिम वाले जिलों में लगभग 2.4 करोड़ बच्चों को पोलियो की खुराक देने का लक्ष्य रखा गया है।
अभियान में दो लाख से अधिक स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर बच्चों को वैक्सीन देने के लिए तैनात किए गए हैं। इनके साथ कई इलाकों में पुलिसकर्मी भी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अभियान के पहले दिन लाखों बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई। हालांकि, हिंसा और अपहरण जैसी घटनाएं अभियान के सामने बड़ी चुनौती बन रही हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए जरूरी है कि वे दूरदराज और संवेदनशील इलाकों तक भी पहुंचें। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान में अब भी पोलियो का खतरा
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, पाकिस्तान और पड़ोसी अफगानिस्तान दुनिया के ऐसे दो देश हैं, जहां जंगली पोलियो वायरस अब भी स्थानिक बना हुआ है। इसका मतलब है कि इन देशों में वायरस का प्रसार पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
पाकिस्तान में वर्ष 2026 के दौरान अब तक पोलियो के आठ मामले सामने आने की जानकारी दी गई है। इनमें छह मामले खैबर पख्तूनख्वा और दो मामले सिंध प्रांत से बताए गए हैं।
हाल के वर्षों में पोलियो के मामलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इसके बावजूद संक्रमण का खतरा बना हुआ है। खासकर उन इलाकों में जोखिम अधिक रहता है, जहां सुरक्षा कारणों से टीकाकरण अभियान नियमित रूप से नहीं चल पाता।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पोलियो को रोकने के लिए बच्चों को बार-बार निर्धारित खुराक देना जरूरी है। अभियान में थोड़ी भी रुकावट संक्रमण को फैलने का अवसर दे सकती है।
पहले भी पोलियो टीमों को बनाया गया है निशाना
पाकिस्तान में पोलियो अभियान से जुड़े कर्मचारियों पर हमले पहले भी होते रहे हैं। सितंबर 2026 में बलूचिस्तान के नौशकी जिले में पोलियो टीम की सुरक्षा में तैनात दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
उस घटना में पुलिसकर्मी महिला स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा कर रहे थे। हमलावर मोटरसाइकिल पर आए और गोलीबारी के बाद मौके से फरार हो गए थे।
इससे पहले खैबर पख्तूनख्वा के हंगू जिले में भी पोलियो टीम को सुरक्षा देने जा रहे पुलिसकर्मियों पर हमला हुआ था। ऐसी घटनाएं दिखाती हैं कि टीकाकरण अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को लगातार जोखिम का सामना करना पड़ता है।
मोहम्मंद और टैंक की ताजा घटनाओं ने एक बार फिर स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
अब तक क्या कार्रवाई हुई?
मोहम्मंद जिले में दो पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया है। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। घायल पुलिसकर्मी को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।
वहीं, टैंक जिले में अगवा किए गए चार स्वास्थ्यकर्मियों की तलाश जारी है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां आसपास के इलाकों में जानकारी जुटा रही हैं। अधिकारियों ने उनकी सुरक्षित वापसी के लिए कदम उठाने की बात कही है।
फिलहाल दोनों घटनाओं में शामिल हमलावरों की पहचान सार्वजनिक नहीं हुई है। किसी संगठन ने भी जिम्मेदारी नहीं ली है। इसलिए हमलों के पीछे किसका हाथ है, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
निष्कर्ष
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पोलियो अभियान के दौरान दो अलग-अलग घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। मोहम्मंद जिले में पोलियो टीम की सुरक्षा में जा रहे दो पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई। वहीं, टैंक जिले में चार स्वास्थ्यकर्मियों का अपहरण हुआ है।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हमलावरों की तलाश के साथ अपहृत कर्मचारियों की सुरक्षित वापसी के प्रयास कर रही हैं। इन घटनाओं का असर पोलियो टीकाकरण अभियान पर भी पड़ सकता है। ऐसे में स्वास्थ्यकर्मियों और सुरक्षा बलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।

