May 17, 2026

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सपा के ओबीसी सम्मलेन में सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के ऊपर जूता फेंका, हमलावर की कार्यकर्ताओं ने की पिटायी

सपा के एमएलसी और विवादित वयानों के लिए मशहूर स्वामी प्रसाद मौर्य के ऊपर सपा के ओबीसी सम्मलेन में जूता फेंका। जूता फेंकने वाले व्यक्ति को सपा कार्यकर्ताओं ने पकड़ कर पहले उसकी जमकर पिटाई की और फिर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। उसके बाद पुलिस उस व्यक्ति को विभूति खंड थाने ले गयी।

स्वामी प्रसाद मौर्य का यूपी की राजनीती में बड़ा नाम है। स्वामी प्रसाद मौर्य पहले बसपा में थे उसके बाद उन्होंने बीजेपी का दामन थामा फिर बीजेपी को भी टाटा बाय बाय कर वह समाजवादी पार्टी की साईकिल पर सवार हो गए। स्वामी प्रसाद मौर्य को राजनीती में लगभग चार दशक हो गए हैं। उन्हें यूपी की राजनीती में धमक रखने वाला नेता माना जाता है।

राजनीती में स्वामी प्रसाद मौर्य का सफर

स्वामी प्रसाद मौर्य ने 1996 में बसपा से टिकट पर रायबरेली की डलमऊ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और चुनाव जीता। उनका रानीतिक सफर अब तक कुछ ऐसा रहा है, वे चार बार कैबिनेट मंत्री रहे हैं। तीन बार वह यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे। साल 2009 में पडरौना के उपचुनाव में उन्होंने केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह की माँ को हराया। उसके बाद से उनकी गिनती मायावती के करीबी नेताओं में होने लगी। स्वामी प्रसाद मौर्य बसपा के प्रदेश अध्यक्ष के पद पर भी रहे। लेकिन साल 2012 में मिली हार के बाद मायावती ने उनसे यह जिम्मेदारी वापिस ले ली थी। इसके बाद साल 2016 में स्वामी प्रसाद मौर्य ने बसपा से बगावत कर दी। बसपा से निकले के बाद उन्होंने अपने पार्टी बनायीं लेकिन बड़ा ख्वाब लेकर वे बीजेपी में शामिल हो गए। साल 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में स्वामी प्रसाद मौर्य ने जीत दर्ज कर मंत्री पद हासिल किया। लेकिन पिछले चुनाव में बीजेपी के रथ पर सवार होने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य अब अखिलेश की साईकिल पर सवार हो गए हैं।

इस घटना से पहले फेंकी गयी थी स्याही

आज सपा के ओबीसी सम्मलेन में स्वामी प्रसाद मौर्य के ऊपर जूता फेंका गया। जूता फेंकने वाला शख्स वकील की भेषभूषा में आया था जिसका नाम आकाश सैनी है। आज की घटना से पहले स्वामी प्रसाद मौर्य के ऊपर स्वाही फेंकी गयी थी। आप को बता दें कि यह घटना इसी साल फ़रवरी में हुयी थी। जब स्वामी प्रसाद मौर्य रामचरितमानस पर विवादित वयान देने के बाद विवादों में आये थे। उस समय वाराणसी से सोनभद्र जाने के दौरान रास्ते में स्वामी प्रसाद मौर्य के स्वागत के कथित स्वागत में कुछ लोग फूल माला लेकर खड़े थे। जैसे ही काफिला पंहुचा स्वामी प्रसाद मौर्य फूलमाला देखकर रुक गए और माला लेकर खड़े लोगों ने उनके ऊपर काली स्याही फेंक दी और काले झंडे भी दिखाए।

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