सीबीआई द्वारा सुप्रीम कोर्ट जमानत रद्द करने की याचिका पर सुनवाई से पहले बोले लालू प्रसाद यादव
आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने आज सोमवार 21 अगस्त को सीबीआई द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दी गयी उस याचिका का विरोध किया है। जिसमे चारा घोटाले से सम्बंधित डोरंडा कोषागार मामले में उनकी जमानत रद्द करने की मांग की गयी है।
दरअसल पिछले साल 22 अप्रैल को झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले में लालू प्रसाद यादव को जमानत दे दी थी। लालू प्रसाद यादव को डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ रुपये से अधिक के गबन के मामले में रांची की एक विशेष सीबीआई अदालत ने पांच साल की सजा सुनाई थी और 60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।
सीबीआई की याचिका पर सुनबाई से पहले लालू यादव का वयान
सीबीआई की याचिका पर सुनबाई से पहले लालू यादव ने सुप्रीम कोर्ट में अपना वयान दर्ज कराया है जिसमे उन्होंने कहा है कि उनकी सजा को निलंबित करने के झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को इस आधार पर चुनौती नहीं दी जा सकती है कि सीबीआई असंतुष्ट है। लाऊ यादव ने अपने जवाब में ख़राब स्वास्थ्य और बढ़ती उम्र का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें हिरासत में रखने से कोई मकसद पूरा नहीं होगा।
लालू यादव ने आगे कहा कि उच्च न्यायलय के आदेश में हस्तक्षेप करने की कोई आवश्यकता नहीं है। क्योकि यह सामान्य सिद्धांतों और समान नियम पर आधारित है।
इस मामले की सुनबाई 25 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ करेगी। दरअसल सीबीआई ने चारा घोटाले से सम्बंधित डोरंडा कोषागार मामले में झारखंड उच्च न्यायलय की ओर से लालू यादव को दी गयी जमानत को रद्द करने की मांग को लेकर याचिका डाली है।
